News

उदयपुर स्मार्ट सिटी को मिला अन्तर्राष्ट्रीय गौरव अन्तर्राष्ट्रीय ‘सस्टेनेबल सिटीज़ एण्ड ह्यूमन सेटलमेंट अवार्ड‘ से सम्मानित

News

लेकसिटी को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए किए जा रहे सार्थक प्रयासों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है। उदयपुर को स्मार्ट सिटी विकास के सार्वभौमिक मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए भेजे गए प्रस्तावों पर उदयपुर स्मार्ट सिटी को अन्तर्राष्ट्रीय गौरव प्राप्त हुआ है और इसे अन्तर्राष्ट्रीय ‘सस्टेनेबल सिटीज़ एण्ड ह्यूमन सेटलमेंट अवार्ड‘ से सम्मानित किया गया है।
 उदयपुर स्मार्ट सिटी सीईओ कमर चौधरी ने बताया कि इस संबंध में गत दिनों न्यूयॉर्क के ग्लोबल फॉरम फॉर ह्यूमन सेटलमेंट को उदयपुर स्मार्ट सिटी विकास का मॉडल प्रस्ताव भेजा गया था जिस पर संस्था द्वारा मेयर चंद्रसिंह कोठारी को पत्र भेजकर इस अवार्ड से सम्मानित किए जाने की जानकारी दी गई थी। गत 5-6 सितंबर को यूएन कांफ्रेंस सेंटर, इथोपिया में आयोजित समारोह में उदयपुर के प्रतिनिधि ने यह सम्मान प्राप्त किया।
चौधरी ने बताया कि इस अवार्ड के माध्यम से जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी के निर्देशन में लेकसिटी को स्मार्ट सिटी बनाने के उद्देश्य से तैयार किए गए महत्त्वकांक्षी प्रोजेक्ट को मूर्त रूप देने के समर्पित व सार्थक प्रयासों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि इस अवार्ड के लिए उदयपुर को हकदार बनाने के पीछे स्मार्ट बिल्डींग ऑपरेशन के लिए तैयार किए गए कमांड और कंट्रोल सेंटर, कचरा निस्तारण, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम, शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए तैयार किए जा रहे सिस्टम, वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लान के साथ जलसंग्रहण के लिए किए जा रहे प्रयास हैं।
इधर, उदयपुर को मिले अन्तर्राष्ट्रीय गौरव के लिए तमाम प्रशासनिक व विभागीय अधिकारियों के खुशी जताते हुए स्मार्ट सिटी सीईओ चौधरी को बधाई दी हैं।

जिला स्तरीय यातायात प्रबंधन समिति की बैठक में हुए कई महत्त्वपूर्ण निर्णय सड़कों को दुरस्त कराने व अवैध पार्किंग पर कार्यवाही के दिए निर्देश

News

उदयपुर, 12 सितम्बर/जिला स्तरीय यातायात प्रबंधन समिति की त्रैमासिक बैठक जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक में जिले में यातायात व्यवस्था सुचारू बनाने व लोगों को राहत देने की दृष्टि से कई महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए व संबंधित विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में कार्यवाही के लिए पाबंद किया गया।
इस अवसर पर उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा व मावली विधायक धर्मनारायण जोशी अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) संजय कुमार, यूआईटी सचिव बालमुकुंद असावा, नगर निगम उपायुक्त अनिल शर्मा, अतिरिक्त प्रादेशिक परिवहन अधिकारी प्रभुलाल बामनिया, जिला परिवहन अधिकारी डॉ. कल्पना शर्मा व नानजी गुलसर, डीवाईएसपी परबत सिंह सहित समस्त समिति सदस्य एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
बरसात दौरान गड्डों को भरें, एक माह में डामर हो:
बैठक में उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा व मावली विधायक धर्मनारायण जोशी द्वारा शहर में सड़कों के गड्डों से हो रही परेशानी के बारे में बताया तो कलक्टर ने यूआईटी को निर्देश दिए कि बरसात दौरान हो रहे गड्डों को तत्काल ही अस्थायी रूप से भरें और बारिश रुकने के तत्काल बाद पन्द्रह दिनों के भीतर सड़कों को दुरस्त करते हुए एक माह के भीतर इस पर डामरीकरण करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने संबंधित विभागों को पाबंद किया कि क्षतिग्रस्त समस्त सड़कों की सूची तैयार करते हुए इसके सुधार के लिए अपेक्षित टेण्डर प्रक्रिया अभी से पूर्ण करवा लें ताकि बरसात रूकते ही कार्य करवाया जा सके। उन्होंने इस कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतने के लिए भी चेतावनी दी।
पार्किंग विहीन कॉम्पलेक्सों पर एक सप्ताह में हो कार्यवाही:
बैठक में कलक्टर ने विभिन्न शॉपिंग कॉम्पलेक्सों में पार्किंग स्थल पर अन्य गतिविधियां संचालित होने पर कार्यवाही के लिए पूर्व में दिए गए निर्देशों की अनुपालना नहीं होने पर नाराजगी जताई और  यूआईटी एवं नगर निगम को निर्देश दिये कि जिन व्यावसायिक भवनों में पार्किंग स्थल पर अन्य गतिविधियां चल रही है, उन्हें एक सप्ताह के भीतर बंद करवाकर पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें अन्यथा बिल्डिंग को सीज करने की कार्रवाई करें। कलक्टर ने भवन निर्माण अनुमति के समय प्रस्तुत नक्शे के अनुसार पार्किंग स्थल उपलब्ध नहीं हो तो नियमानुसार कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने ऐसा नहीं होने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए भी अधिकारियों को चेताया।  
ट्रेफिक पुलिस को एक सप्ताह में 5 क्रेन उपलब्ध कराओः
कलक्टर ने लोगों को निर्धारित पार्किंग स्थल पर वाहन खड़े करने को प्रेरित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। इस हेतु परिवहन विभाग व यातायात पुलिस मिलकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें। उन्होंने अवैध पार्किंग पर कार्यवाही करने की दृष्टि से परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि ट्रेफिक पुलिस को एक सप्ताह के भीतर पांच क्रेन उपलब्ध करावें ताकि अवैध पार्क किए गए वाहनों को जब्त करने की कार्यवाही की जा सके।
बजट घोषणा पर डीपीआर तैयार करने बनेगी समिति:
बैठक में कलक्टर ने राज्य सरकार द्वारा शहर में टेªफिक समस्या के समाधान के लिए की गई 50 करोड़ रुपयों की बजट घोषणा को क्रियान्वित करने की दृष्टि से समग्र डीपीआर बनाने के लिए एक समिति बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समिति में यूआईटी, नगर निगम, परिवहन विभाग, यातायात पुलिस के साथ जनप्रतिनिधियों और सक्रिय गैर सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को भी सम्मिलित किया जाएगा। उन्होंने समिति के गठन के बाद पूरे शहर का सर्वे करने व ट्रेफिक मास्टर प्लान के अनुरूप डीपीआर तैयार करने की भी बात कही।
ऑटो स्टेण्ड स्थापित करने की मांग:
बैठक दौरान ऑटो ऐसोसियेशन के भगवतीलाल साहू ने शहर में धानमण्डी सहित अन्य स्थानों पर ऑटो स्टेण्ड स्थापित करने की मांग रखी। कलक्टर ने इसके लिए परिवहन विभाग, नगर निगम व ट्रेफिक पुलिस को ऑटो स्टेण्ड के साथ ही सिटी बसों के लिए स्थान चिह्नित करने के लिए सर्वे करते हुए रिपोर्ट करने के निर्देश दिए।  
इन विषयों पर भी हुई चर्चा
बैठक में शहर में विभिन्न मार्गों पर अतिक्रमण हटाने, एकतरफा यातायात करने, ट्रेफिक लाइट्स व्यवस्थित चालू रखने, अत्यधिक यातायात दबाव वाले चौराहों पर ट्रेफिक लाईट लगवाने, मार्ग में अवरोध बन रही झाडि़यों को हटाने, डिवाइडर्स के अनावश्यक कट बंद करने एवं नये डिवाइडर बनाने, सड़कों पर लाइनिंग करने सहित कई अन्य बिन्दुओं पर बैठक में चर्चा की गई एवं आवश्यक निर्देश दिए गए। इस दौरान विधायक जोशी ने फतहसागर में डिजल नावें बंद करवाने, रोप-वे पर अनधिकृत दुकानों को हटवाने, विधायक मीणा ने सीसारमा से नांदेश्वर सड़क के गड्डों को भरवाने, नाई से कूंजडा मार्ग पर सिटी बसें प्रारंभ करवाने सहित कई विषयों पर सुझाव दिए जिस पर कलक्टर ने आवश्यक कार्यवाही को आश्वस्त किया। इस दौरान कलक्टर ने परिवहन विभाग को वार्षिक कैलेण्डर बनाकर विभिन्न विभागों के साथ समन्वय करते हुए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।

जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग को मिला स्कॉच अवार्ड

News

जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग उदयपुर को उल्लेखनीय कार्य हेतु राष्ट्रीय स्तर का अवार्ड प्रदान किया गया है I

संभागीय आयुक्त ने किया चेस प्रतियोगिता का शुभारंभ

News

उदयपुर, 13 सितम्बर/चेस इन लेकसिटी की मेजबानी में बुद्धिबल सेवा संस्थान, ऑल राजपुताना शतरंज संघ, अखिल भारतीय शतरंज महासंघ, विश्व शतरंज महासंघ के तत्वावधान में प्रथम लेकसिटी इन्टरनेशनल ओपन ग्रेंडमास्टर शतरंज प्रतियोगिता ऑरबिट रेसोर्ट, न्यू भोपालपुरा, उदयपुर में शुक्रवार को आरम्भ हुई।
उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि सभागीय आयुक्त विकास सीतारामजी भाले व विशिष्ट अतिथि ऑल इण्डिया चेस फेडरेशन के उपाध्यक्ष शेखर साहु थे। मुख्य अतिथि भाले ने उदयपुर मे पहली बार हो रही ग्रेंडमास्टर प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएॅं देते हुए विभिन्न देशों से आए हुए खिलाडि़यों को बुके देकर सम्मानित किया। उन्होंने चेस मे उदयपुर मे विश्वस्तरीय सुविधाएॅ उपलब्ध कराने हुए हरसंभव सहयोग हेतु आश्वस्त किया और कहा कि भविष्य में उदयपुर चेस की वजह से भी विश्व मे अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगा। इस अवसर पर चेस इन लेकसिटी के अध्यक्ष राजीव भारद्वाज, ऑल राजपुताना शतंरज संघ जोइन्ट सेकेटरी राजेन्द्र तेली, चेस इन लेकसिटी उपाध्यक्ष डॉ. ओम साहु, हिम्मत सिकलीगर, देवेन्द्र साहु, तुशार मेहता, विकास जोशी, प्रमोद सामर, दिलीपसिंह चौहान आदि उपस्थित थे।
आयोजन सचिव विकास साहु ने बताया कि राजस्थान के इतिहास में पहली बार आयोजित हो रही इस प्रतियोगिता मे भारत सहित आर्मीनिया, बांग्लादेश, चिली, इजिप्ट, ईरान, नेपाल, रूस, सिंगापुर, श्रीलंका, स्लोवाकिया, अमेरिका, मालदीव कुल 11 देश प्रतियोगिता में भाग ले रहे है। इस प्रतियोगिता को 3 वर्गों में खेला जाएगा जिसके प्रथम वर्ग में कुल 12 लाख रूपये, ब्लिट्ज व रेपिड़ वर्ग में 4-4 लाख की ईनामी राशि होगी। आठ दिवसीय प्रतियोगिता मे भारत सहित 11 देश से कुल 219 खिलाडि़यों ने हिस्सा लिया जिसमें 13 ग्रेंडमास्टर, 2 वुमेन ग्रेंडमास्टर, 9 इन्टरनेशनल मास्टर, 6 फीड़े मास्टर खलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।
साहु ने बताया कि राजस्थान के इतिहास मे पहली बार हो रही इस प्रतियोगिता में पहले दिन हुए प्रथम चक्र के पश्चात् लेकसिटी के 4 सहित 15 खिलाडि़यों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए उलटफेर किए।

मादड़ी में कलक्टर की चौपाल 50 से अधिक परिवेदनाओं पर कलक्टर ने दिए निर्देश

News

उदयपुर, 13 सितम्बर/जनसमस्याओं के मौके पर ही त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से जिले में आयोजित हो रही जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी की चौपालों की श्रृंखला में शुक्रवार को झाड़ोल उपखण्ड क्षेत्र की माद़ड़ी ग्राम पंचायत में चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में झाड़ौल उपखण्ड अधिकारी पर्बतसिंह चुण्डावत, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मेघराज मीणा, तहसीलदार, विकास अधिकारी सहित समस्त संबंधित विभागों के जिलाधिकारियों की मौजूदगी में 50 से अधिक परिवेदनाओं पर कलक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से जानकारी लेकर समाधान के निर्देश दिए।  
चौपाल में आई बिजली, पेयजल संबंधित समस्याएं:  
चौपाल में कलक्टर ने ग्रामीणों से संवाद किया और उनको मिली सरकारी योजनाओं व कार्यक्रमों में मिले लाभ की पुष्टि की। जनसंवाद दौरान ग्रामीणों ने कलक्टर को क्षेत्र में बिजली की अनियमित आपूर्ति, सोलर लाईट प्राप्त नहीं होने, बिजली कनेक्शन में ठेकेदार द्वारा राशि लिए जाने तथा बिजली के पोल स्वयं उपभोक्ताओं के स्तर पर लाने की शिकायत की। कलक्टर ने इस स्थिति पर नाराजगी जताई और विभागीय अभियंताओं से जानकारी लेकर संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए। कलक्टर ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि किसी भी स्थिति में ठेकेदार या उनके व्यक्तियों को बिजली कनेक्शन के लिए किसी प्रकार की राशि नहीं दें और यदि किसी प्रकार की मांग करें तो इसकी शिकायत करें। चौपाल में ग्रामीणों ने पेयजलापूर्ति के अभाव को बताया तो विभागीय अधिकारियों से जानकारी लेने पर इस संबंध में जनता जल योजना में प्रस्ताव भिजवाएं जाने के बारे में बताया। ग्रामीणों ने भीमसागर डेम के लीकेज होने की जानकारी देते हुए इसकी मरम्मत और एक नया डेम बनाने की मांग रखी, जिस पर कलक्टर ने विभागीय अधिकारियों को कार्यवाही के निर्देश दिए। क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और नवीन सड़क निर्माण की मांग पर कलक्टर ने मिसिंग लिंक योजना में प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने खाद्य सुरक्षा योजना के तहत नवीन राशन कार्डों के निर्माण तथा पालड़ी बड़ोदिया को नवीन राजस्व ग्राम बनाने की मांग की जिस पर कलक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को कार्यवाही करने को कहा। कलक्टर ने विभागीय योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद भी किया। कुछेक प्रकरणों में जहां लाभार्थियों ने योजना के तहत लाभ नहीं मिलने की जानकारी दी तो कलक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को तलब किया तथा तथ्यात्मक जानकारी लेते हुए लाभांवित करने के निर्देश दिए।  
विभागीय योजनाओं की समीक्षा:
चौपाल में कलक्टर ने एवीवीएनएल, लोक निर्माण विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, रसद, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास व पंचायती राज, राजस्व, महिला एवं बाल विकास, पशुपालन तथा अन्य समस्त संबंधित विभागीय अधिकारियों से ग्राम पंचायत क्षेत्र में संचालित विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं के प्रावधानों के बारे में भी बताया तथा इन योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।  

स्वच्छता का संदेश देने एनसीसी की पेन इंडिया साईकिल रैली पहुंची उदयपुर कलक्टर ने झण्डा दिखाकर किया रवाना

News

उदयपुर, 13 सितम्बर/स्वच्छता पखवाड़े को लेकर देशभर में स्वच्छता का संदेश देने 8 अगस्त को केरल से रवाना हुई एनसीसी की पेन इंडिया रैली शुक्रवार सुबह उदयपुर जिला मुख्यालय पर पहुंची। इस अवसर पर जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी ने रैली में मौजूद कैडेट्स को बधाई देते हुए रैली को झण्डी दिखाकर राजसमंद के लिए रवाना किया। उन्होंने एनसीसी द्वारा चलाई गई इस रैली को देशभर में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करने का अनोखा प्रयास बताया और इसमें जुड़ने के लिए जिले की बालिका केडेट्स की सराहना की। कलक्टर से इस दौरान केडेट्स प्राची खिरिया ने संवाद किया तथा भारतीय प्रशासनिक सेवाओं में जाने के जज़्बे पर चर्चा की।
कलक्टर ने इस अवसर पर कर्नल विनोद बांगवा से बात कर यातायात जागरूकता के लिए एनसीसी को सहयोग करने का सुझाव दिया। इस दौरान जिला परिवहन अधिकारी डॉ. कल्पना शर्मा ने बताया कि विभाग द्वारा रैली में सम्मिलित केडेट्स को केप व टीशर्ट दिए जा रहे हैं। स्वयं कलक्टर ने केडेट्स को यह सामग्री वितरित की। इस मौके पर कर्नल प्रवीण देव, मेजर आदित्य सिंह, केप्टन रेखा पालीवाल व अनिता राठौड, डीटीओ डॉ. कल्पना शर्मा, आधार फाउण्डेशन के नारायण चौधरी सहित अन्य अधिकारी एवं एनसीसी के पदाधिकारी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि इस रैली में जिले की 31 बालिका कैडेट्स शामिल है जिनका नेतृत्व कर्नल प्रवीण देव कर रहे है। रैली 29 सितंबर को दिल्ली पहुंचेगी।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ने ली विभागीय समीक्षा बैठक सरकार ने पहली बार महिला अधिकारिता विभाग को दिया 1 हजार करोड़ का बजट: राज्यमंत्री

News

उदयपुर, 13 सितम्बर/प्रदेश की महिला एवं बाल विकास (स्वतंत्र प्रभार), जन अभियोग निराकरण, अल्पसंख्यक मामलात व वक्फ विभाग की राज्यमंत्री श्रीमती ममता भूपेश ने कहा है कि राज्य के इतिहास में पहली बार मुख्यमंत्री ने प्रदेश की महिलाओं के कौशल विकास, पुनर्वास व सशक्तिकरण के उद्देश्य से महिला अधिकारिता विभाग को एक हजार करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। यह राज्य की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक सौगात है।  
राज्यमंत्री श्रीमती भूपेश शुक्रवार को यहां जिला परिषद सभाागार में विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रही थी।  
राज्यमंत्री श्रीमती ममता भूपेश ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं एवं बालकों के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव प्रयासरत है और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर प्रभावी प्रयास किए जा रहे है, ऐसे में हम सभी का दायित्व है कि इन योजनाओं एवं कार्यक्रमों को अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाते हुए लाभान्वित करें।
बैठक में जिला प्रमुख शांतिलाल मेघवाल, जिला परिषद सीईओ कमर चौधरी, नगर निगम आयुक्त अंकित कुमार, अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेश बुनकर, महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक महावीर खराड़ी, जिला रसद अधिकारी ज्योति ककवानी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
समीक्षा बैठक में राज्यमंत्री ने गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं के पोषण व स्वास्थ्य को लेकर विभागीय स्तर पर विशेष प्रयास करने एवं विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उनके सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करने की बात कही। उन्होंने नियमित टीकाकरण, फोलोअप, जागरूकता कार्यक्रम, पोषण युक्त सामग्री समय पर उपलब्ध कराना, विभिन्न योजनाओं में पात्र महिलाओं को समय पर सहायता राशि या अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने आदि के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने इन सबके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगिनियों की भूमिका को अहम बताया। वहीं जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व आशाओं के रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही के लिए भी प्रशासन को निर्देश दिए।
बैठक में दौरान अल्पसंख्यक विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने अल्पसंख्यक हितार्थ चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के साथ हरजरूरतमंद को इनका पूरा लाभ प्रदान करने पर जोर दिया। उन्होंने अल्पसंख्यकों के लिए चलाई जा रही विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के बारे में भी समीक्षा की और प्रत्येक पात्र छात्र को इसका शत-प्रतिशत लाभ मिले, इसके लिए विभागीय अधिकारियों को चिशेष प्रयास करने को कहा। उन्होंने जनअभाव अभियोग निराकरण के संबंध में जिले की स्थिति को संतोषप्रद बताया। बैठक में जिला रसद अधिकारी ज्योति ककवानी ने जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी की पहल पर चलाए जा रहे चुप्पी तोड़ों, खुलकर बोलो अभियान की प्रगति के बारे में जानकारी दी।  
इन विषयों पर निर्देश दिए:
विभागीय समीक्षा के दौरान राज्यमंत्री श्रीमती भूपेश ने अमृता हाट के दौरान बांसवाड़ा-डूंगरपुर की समितियों को बुलाने तथा आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण के लिए भूमि आवंटन संबंधित प्रकरणों को निस्तारित करने के लिए निर्देश दिए।  
सब मिलकर कुपोषण के खिलाफ लड़ाई लड़ें:
राज्यमंत्री श्रीमती भूपेश ने कहा कि दक्षिण राजस्थान में कुपोषण की स्थितियां हैं और इसी वजह से उन्होंने जागरूकता के महिने पोषण माह के दौरान इस क्षेत्र का दौरा किया है। उन्होंने सुरक्षित और स्वस्थ प्रदेश के निर्माण के लिए समन्वित प्रयास करने व मिलकर कुपोषण के खिलाफ लड़ाई लड़ने का आह्वान किया।
दिलाई शपथ:
इस अवसर पर राज्यमंत्री ने सदन में मौजूद लोगों को कुपोषण मुक्त राजस्थान निर्माण व बाल विवाह की रोकथाम में अपनी पूर्ण भागीदारी निभाने एवं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बालिका जन्म पर खुशी व उत्सव मनाने, बेटियांे पर गर्व करने, लडके-लड़की के बीच समानता को बढ़ावा देने की शपथ दिलाई।

स्वस्थ, सशक्त व शिक्षित राजस्थान बनाने सरकार संकल्पबद्ध - राज्यमंत्री ममता भूपेश महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री ने उदयपुर में किया वन स्टॉप सेंटर का शुभारंभ

News

उदयपुर, 14 सितम्बर/राज्य के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत की मंशा के अनुरूप स्वस्थ, सशक्त व शिक्षित राजस्थान के लिए हम सभी संकल्पबद्ध हैं और इसके लिए सबसे पहले आवश्यक है कि प्रदेश की महिलाएं स्वस्थ, सशक्त व शिक्षित हो।
यह बात महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती ममता भूपेश ने शनिवार को जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग व महिला अधिकारिता विभाग के तत्वावधान में उदयपुर के भुवाणा स्थित शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थापित वन स्टॉप सेंटर (सखी) के शुभारंभ अवसर पर कही।
उन्होंने कहा कि महिलाओं, शिशु एवं किशोरियों के सर्वांगीण विकास को लेकर सरकार विभिन्न विभागों के माध्यम से प्रयास कर रही है जिसमें विविध कल्याणकारी योजनाओं से महिलाओं व किशोरियों के स्वास्थ्य, शिक्षा व रोजगार उपलब्ध कराते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।  
राज्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सम्मान, सहायता, सुरक्षा व सशक्तिकरण के लिए स्थापित यह वन स्टॉप सेंटर हिंसा से प्रभावित महिलाओं को संबल प्रदान करने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि इस सेंटर की स्थापना के लिए सरकार द्वारा 48 लाख रुपये बजट आवंटित किया गया है। उन्होंने सेंटर के सुरक्षित वातावरण एवं भूमि की आवश्यकता के लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेश बुनकर व महिला एवं बाल विकास उपनिदेशक महावीर खराडी को यूआईटी से सम्पर्क कर जमीन उपलब्ध कराने की बात कही।
इस अवसर पर पूर्व विधायक सज्जन कटारा, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) नरेश बुनकर, महिला एवं बाल विकास उपनिदेशक महावीर खराड़ी, महिला अधिकारिता के उपनिदेशक संजय जोशी सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधिगण, आईसीडीएस की महिला पर्यवेक्षक, महिला अधिकारिता विभाग की प्रचेताएं एवं साथिन, वन स्टॉप सेंटर के गोपाल सिंह गहलोत, किरण पटेल, शालिनी द्विवेदी, प्रियंका व्यास, केतन दोषी, जितेन्द्र शुक्ला, प्रदीप आमेटा, विकास शर्मा, हेमंत चोरडि़या सहित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी व सेंटर के अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
किया लोकार्पण, दिए निर्देश:
प्रारंभ में राज्य मंत्री ने विधिवत पूजा अर्चना कर एवं फीता काटकर सेंटर का लोकार्पण किया तथा सेंटर का निरीक्षण कर इसमें दी जाने वाली सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सेंटर की प्रबंधक किरण पटेल, सलाहकार शालिनी द्विवेदी व प्रियंका व्यास से बात की तथा इसको साफ-सुथरा रखने के साथ ही इसके प्रभावी संचालन व महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर राज्यमंत्री श्रीमती ममता भूपेश सहित मंच पर मौजूद अतिथियों ने वन स्टॉप सेंटर (सखी) की गतिविधियों एवं कार्ययोजना पर आधारित फोल्डर का भी विमोचन किया।
महिलाओं का मददगार बनेगा वन स्टॉप सेंटर ‘सखी‘:  
उपनिदेशक महावीर खराड़ी ने बताया कि यह सेंटर विभिन्न प्रकार की हिंसाओं से पीडि़त महिलाओं को सुरक्षित वातावरण के साथ सलाह, समझाईश व मार्गदर्शन प्रदान कराते हुए मददगार की भूमिका निभाएगा। इसी प्रकार यहां महिलाओं को सम्मान देने के साथ सहायता, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए कार्य किए जाएंगे। केन्द्र पर दोनों पक्षों में बातचीत की मध्यस्थता, कानूनी सहायता, आश्रय गृह में रहने हेतु सहायता, पुलिस व न्यायिक कार्यवाही में सहयोग, महिलाओं को सामाजिक व कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने संबंधी आदि कार्य किए जाएंगे।