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410 रुपये वाला राशन किट उपभोक्ता भण्डार से उपलब्ध होगा
चैक देकर प्राप्त कर सकते हैं राशन किट  


जिले में लॉक डाउन की अवधि के दौरान जिला प्रशासन द्वारा दिहाड़ी मजदूर, कचरा एकत्र वाले, साईकिल रिक्शा चालक आदि जरूरतमंद परिवारों के लिए सूखे राशन वाले तैयार किए गए मुख्यमंत्री भोजन किट को ईच्छुक भामाशाह व संस्थाएं उपभोक्ता भंडार से खरीद कर जरूरतमंदों को उपलब्ध करा सकते हैं।
जिला रसद अधिकारी ज्योति ककवानी ने बताया कि मुख्यमंत्री भोजन किट खरीदने के ईच्छुक लोगों को शास्त्री सर्कल स्थित उपभोक्ता भण्डार के ऑफिस में चैक जमा करवाना होगा। भण्डार में इस कार्य के लिए ओम नागदा और संजीव शर्मा को प्रभारी नियुक्त किया गया है। इन्हें चैक के माध्यम से आवेदन करने के बाद लोग यह किट उपभोक्ता भण्डार के प्रतापनगर स्थित गोदाम से प्राप्त कर सकेंगे।  
ककवानी ने बताया कि 410 रुपये किमत के इस राशन किट में 10 किलो गेहूं का आटा, 3 किलो चने की दाल, 200 मिली खाद्य तेल तथा एक किलो नमक उपलब्ध कराया जाएगा। यह सामग्री एक परिवार के लिए 15 दिनों के लिए होगी। उन्होंने बताया कि यह किट उदयपुर सहकारी उपभोक्ता थोक भंडार लिमिटेड, उदयपुर पर उपलब्ध है।

जिला प्रशासन की अपील कांटेक्ट ट्रेसिंग से करें प्रशासन की मदद

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जिलेवासियों को कोरोना महामारी के संक्रमण से बचाव के लिए जिला प्रशासन द्वारा हर व्यक्ति को अपने संपर्कों की सूची बनाते हुए कांटेक्ट ट्रेसिंग में प्रशासन की मदद का आह्वान किया है।
जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति एक छोटी नोटबुक या डायरी हमेशा अपने साथ रखे और हर दिन जिन-जिन व्यक्तियों के संपर्क में आए, दिनांकवार एक पन्ने पर उसका नाम लिखते जाए। इस प्रकार यदि हम कोरोना से संक्रमित होते हैं तो प्रशासन को हमारे संपर्क में आए सभी लोगों का पता लगाने में मदद मिलेगी। इसे कांटेक्ट ट्रेसिंग कहते हैं।
उन्होंने कहा है कि इसके साथ ही अपने घर एवं संस्थान के सीसीटीवी हमेशा ऑन रखें। इस संदेश को अपने आस पास अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचावें। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन की हर छोटी से छोटी मदद प्रशासन के काम आएगी। इससे कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं और कोरोना जंग में उनका यह योगदान अहम् साबित होगा।

घर बैठे दवाईयां व परामर्श के लिए मदद करेगा ‘आयु एप’ डॉक्टर्स, मरीज व मेडिकल तीनों हुए ऑनलाइन

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लॉकडाउन की अवधि में आमजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन के निर्देशों पर आईटी विभाग की ओर से आयु एप बनाया गया है जिससे जरूरतमंद व्यक्ति घर बैठे अपनी आवश्यकतानुसार दवाईयां मंगा सकेंगे और चिकित्सक परामर्श ले सकेंगे।
आईटी उपनिदेशक शीतल अग्रवाल ने बताया कि यदि किसी को स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी है तो संबंधित व्यक्ति घर बैठे ही इस मोबाइल एप के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टर्सं से परामर्श पा सकते हैं। इसके अलावा दवाइयां भी घर पर ही मुहैया हो जाएंगी।
ऐसे काम करता है आयु एप
मोबाइल में आयु एप डॉउनलोड करने के लिए गूगल प्लेस्टोर पर जाएं, यहां आयु एप टाइप कर ब्लु कलर में प्लस के निशान वाले बटन पर क्लिक करें। इसके बाद इस एप में रजिस्टर करें। आयु एप से ई-परामर्श लेने के लिए ई-कंसल्ट बटन पर क्लिक करके अपनी बीमारी के लक्षण सलेक्ट करें। इसमें खांसी, जुकाम, बुखार आदि सवाल पूछे जाएंगे। जिनका जवाब देकर परामर्श लिया जा सकता है। इस एप पर व्यक्ति अपना मेडिकल रिकॉर्ड भी अपलोड कर सकते हैं। यह पूरी तरह सेफ और सुरक्षित है।
ई-परामर्श सब्मिट करने के बाद डॉक्टर असाइन होगा और सबसे पहले आयु से फोन आएगा यह सूचना देने के लिए कि कौन डॉक्टर आपका केस देख रहे है। उसके बाद डॉक्टर कॉल करके परेशानी पूछेंगे और आपके बताए लक्षणों के आधार पर ही दवाइयां लिखेंगे। डॉक्टर द्वारा लिखी दवाइयों का पर्चा भी फोन पर ही उपलब्ध हो जाएगा। जिसे आप अपने सेहत साथी (नजदीकी मेडिकल स्टोर) पर भेजकर दवाइयां मंगवा सकते हैं।
जिला प्रशासन की मेडिकल स्टोर्स से अपील:
जिला प्रशासन ने उदयपुर जिले के सभी मेडिकल स्टोर से भी अपील की है कि वह अपने फोन में सेहत साथी एप डाउनलोड करें, और इस संकटकाल में देशवासियों की मदद करें।
ऐसे डाउनलोड होगा सेहत साथी एप:
इसके लिए गूगल प्ले स्टोर पर सेहत साथी टाइप करना होगा। यहां सेहत साथी मेडकॉर्ड्स फॉर फॉर्मेसी लिखा हुआ दिखाई देगा, इस पर क्लिक करना है। डाउनलोड पश्चात आवश्यक सूचना दर्ज करने केे बाद डायरेक्ट लोगों से बात कर चेट के माध्यम से दवाइयों के ऑर्डर ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त उदयपुर के समस्त डॉक्टरों से भी डॉक्टर्स डॉट मेडकॉर्ड्स डॉट कॉम पर रजिस्ट्रेशन करके जिले के समस्त लोगों को घर से ही परामर्श देंने की अपील की है ।

अब लोग अब घर बैठे मंगवा सकेंगे राशन आईटी विभाग ने तैयार किया ‘ई-बाजार कोविड-19’ मोबाइल एप

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लोकडाउन की इस स्थिति में अब लोगों को घरों से निकल कर बाजार में राशन खरीदने के लिए नहीं जाना पड़ेगा। शहर में कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग ने नागरिकों के लिए घर बैठे राशन सामग्री की होम डिलीवरी हेतु ‘ई-बाजार कोविड-19’ मोबाइल एप विकसित की है।
सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग, उदयपुर की उपनिदेशक शीतल अग्रवाल ने बताया कि इस एप को  ‘कोविड डॉट ईबाजार डॉट राजस्थान डॉट जीओवी डॉट इन’ वेबसाईट से डाउनलोड किया जा सकता है तथा उपयोग करने के लिए दुकानदार तथा उपभोक्ता दोनों को स्वयं की एसएसओ आईडी से एप पर रजिस्टर करना होगा। इस एप के माध्यम से ग्राहक अपने घर के आसपास स्थित किराणा स्टोर्स की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे तथा अपनी आवश्यकतानुसार राशन सामग्री घर बैठे ऑर्डर कर सकेंगे। होम डिलीवरी की सुविधा प्रदान करने वाले किराणा स्टोर, ऑर्डर की गई सामग्री की डिलीवरी ग्राहक के घर तक करेंगे।

मनमाने दाम पर खाद्य सामग्री बेचने पर रसद विभाग की कार्यवाही
दुकानों पर रेट लिस्ट लगवाई


जिले में कोरोना महामारी के कारण जिले में लॉकडाउन हालातों में कतिपय दुकानदारों द्वारा मनमाने दाम पर सामग्री की बिक्री की शिकायतों पर कार्यवाही करने के लिए बुधवार को जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी के निर्देशों पर विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने शहर के विभिन्न इलाकों में जांच करते हुए रेट लिस्ट चस्पा करवाई।
जिला रसद अधिकारी ज्योति ककवानी ने बताया कि जिला कलक्टर द्वारा खाद्य पदाथों की दरें निर्धारित करने के बाद भी शहर में अलग-अलग स्थानों पर दुकानदारों द्वारा आवश्यक वस्तुओं की निर्धारित किमत से अधिक किमत वसूलने की प्राप्त शिकायतों पर प्रवर्तन अधिकारी पिंकी भाटी, जयमलसिंह, वाणिज्यिक कर विभाग के सहायक आयुक्त श्यामप्रतापसिंह चारण, खाद्य निरीक्षक अनिल भारद्वाज और अन्य कार्मिकों को भेजा गया।
इस दल ने आज सेक्टर 11, सेक्टर 4, कालका माता रोड़, सोभागपुरा रोड़ और देवाली में विभिन्न दुकानों की जांच की और यहां पर रेट लिस्ट नहीं होने की स्थिति में रेट लिस्ट चस्पा करवाई।  दल कार्मिकों ने कई बंद दुकानों के बाहर भी रेट लिस्ट लगवाई।
इस दौरान कुछ दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं होने की शिकायत पर संबंधित को कोरेाना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए इसकी पालना के लिए सख्त निर्देश दिए और मौके पर ही दुकान के बाहर गोल घेरे बनवाए गए। दल सदस्यों ने दुकानदारों को चेताया कि भविष्य में यदि दुकान पर सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं देखी जावेगी तो दुकान को सीज करवाया जाएगा।    

कोरोना महामारी के तहत जरूरतमंदो की सहायतार्थ बैंक आए आगे
एसबीआई की ओर से दो लाख से अधिक की सहायता


कोरोना महामारी के दौरान जारी लॉकडाउन की स्थिति में जरूरतमंदों की सहायता के लिए बैंक भी अपना हरसंभव योगदान दे रहे है।
भारतीय स्टेट बैंक के प्रशासनिक कार्यालय उदयपुर की ओर से 2 लाख 12 हजार 501 रुपये का चैक एसबीआई के उप महाप्रबन्धक एस.विजय कुमार ने जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी को सौंपा। यह राशि एसबीआई के प्रशासनिक कार्यालय, आरबीओ द्वितीय, पंचम एवं रासमेक के स्टाफ सदस्यो के द्वारा स्वंय के अषंदान से एकत्र की गई। उपमहाप्रबंधक ने यह भी बताया कि एसबीआई के चेयरमेन रजनीश कुमार ने देश में कार्यरत बैंक के सभी स्टाफ सदस्यो के दो दिनों के वेतन के अंशदान से एकत्र 100 करोड़ की राशि कुछ दिन पूर्व ही पीएम केयर फण्ड में कोरोना महामारी से निपटने हेतु प्रदान किया था। इस अवसर पर सहायक महाप्रब्रन्धक बी.एल.जिंगर, ए.के.सुमन, मुकेश द्विवेदी, संजय कुमार अग्रवाल और एलडीएम बालेन्द्र प्रसाद उपस्थित थे।
बैंक ऑफ इण्डिया ने दिए 75 हजार
इसी कड़ी में बैंक ऑफ इण्डिया उदयपुर स्थित शाखाओ, आंचलिक कार्यालय जोधपुर अंचल एवं स्टाफ के सहयोग से एकत्रित राशि 75 हजार रुपये का चेक अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओ.पी. बुनकर को बीओआई की ओर से सीएसआर के तहत प्रदान इस राशि से लॉकडाउन अवधि में जरूरतमंदों को जनसम्बल किट वितरण किया जाएगा। इस राशि से 150 परिवारों को जन संबल किट जिला प्रशासन, उदयपुर द्वारा जरूरतमन्दों को वितरित किए जाएंगे।

विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन करियर मार्गदर्शन की सुविधा 10 अप्रेल से


शिक्षा विभाग की ओर से राजीव गांधी करियर गाइडेंस योजना के अंतर्गत राज्य के विद्यार्थियों को आगामी 10 अप्रैल से घर बैठे आनलाइन लाइव सेशन के जरिए करियर मार्गदर्शन की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी शिवजी गौड़ ने बताया कि शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा की पहल पर  समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत कक्षा 9वीं से 12वीं तक के बच्चों के लिए करियर मार्गदर्शन की घर बैठे यह आनलाइन सुविधा प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को शाम 4 से 5 बजे तक यूट्यूब सीरीज के माध्यम से उपलब्ध करवाई जाएगी। इस दौरान पोर्टल के उपयोग, करियर प्लानिंग, 10वीं और 12वीं के बाद विषय और विकल्पों के चयन, कॉलेज चयन, विभिन्न परीक्षाओं एवं छात्रवृतियों आदि के बारें में जानकारी दी जाएगी।
यह रहेगा कार्यक्रम
गौड ने बताया कि इसके तहत 10 अप्रेल को राजीव गांधी करियर गाइडेंस योजना के तहत विद्यार्थी करियर पोर्टल से 546 प्रकार के रोजगारोन्मुखी अध्ययन के विकल्पों को जान सकेंगे। 14 अप्रेल को 10 वीं तथा 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद कॅरियर के विभिन्न विकल्पों, 17 अप्रेल को व्यावसायिक शिक्षा एवं विभिन्न डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में कॅरियर, 21 अप्रेल को अध्यापन के क्षेत्र में कॅरियर के विकल्प तथा 24 अप्रेल को चिकित्सा के क्षेत्र में कॅरियर के विभिन्न विकल्पों  की जानकारी दी जाएगी।
सीडीइओ गौड़ ने जिले के समस्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित करते हुए विद्यार्थियों और शिक्षकों का आह्वान किया है कि वे राजीव गांधी करियर गाईडेंस योजना के तहत यूट्यूब सीरीज के लाइव सेशन में शामिल हों और राज्य सरकार की इस पहल का लाभ उठाएं।

कोरोना महामारी से बचने बुजुर्गों के लिए जारी हुई स्वास्थ्य सलाह

उदयपुर, 9 अप्रेल/विश्व स्तर पर, कोरोना वायरस संक्रमण ने कई लोगों को प्रभावित किया है और लगातार अपनी पहुंच बढ़ा रहा है। इन स्थितियों में जब भारत सरकार ने देश भर में लॉकडाउन के साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए कठोर कदम उठाए हैं, हममें से हर एक के लिए यह भी महत्वपूर्ण है कि हम उन सब प्रोटोकॉल का पालन करें और सावधानी बरतते हुए इस रोग के संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने के लिए प्रयास करें।
जिला प्रशासन ने इस संबंध में एक हेल्थ एडवायजरी जारी की है और बताया है कि बुजुर्ग लोग कोरोना वायरस संक्रमण के अधिक जोखिम में हैं, क्योंकि उनमें प्रतिरक्षा शक्ति कम होती है और शरीर में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, क्रोनिक किडनी रोग और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज जैसे कई सह-रोग भी होते हैं।
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के उपाय:
क्या करें ?
1. घर पर रहे। घर में आगंतुकों से मिलने से बचें। यदि साथ में बैठना आवश्यक है, तो एक मीटर की दूरी बनाए रखें।
2. अपने हाथों और चेहरे को साबुन और पानी से नियमित अंतराल पर धोएं।
3. छींक और खांसी आएं तो कोहनी या टिशू पेपर अथवा रूमाल का उपयोग करें। खांसने या छिंकने के बाद टिशू पेपर को डिस्पोज कर लें और अपने रूमाल को अच्छे से धो लें।
4. घर पर पके हुए ताजा गर्म भोजन के माध्यम से अपना उचित पोषण सुनिश्चित करें, बार-बार  पानी पीते रहें तथा अपनी प्रतिरक्षा शक्ति को बढ़ावा दें।
5. नियमित रूप से ध्यान व योग-व्यायाम करें।
6. अपनी दैनिक निर्धारित दवाओं को नियमित रूप से लें।
7. अपने परिवार के सदस्यों (जो आपके साथ नहीं रहते हो) से फोन कॉल या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बात करें।
8. अपनी वैकल्पिक सर्जरी (यदि अत्यावश्यक न हो) जैसे मोतियाबिंद सर्जरी या घुटने बदलने की तो फिलहाल स्थगित करें।
9. जिन सतहों को बार-बार छूते हो उसे नियमित रूप से कीटाणुनाशक के माध्यम से अच्छी तरह साफ करें।
10. अपने स्वास्थ्य की निगरानी करें, यदि आपकों बुखार व खांसी है और साँस लेने में कठिनाई हो रही हैं, तो निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र से संपर्क करें और चिकित्सक से सलाह लेवें।

क्या न करें ?
1. चेहरा ढके बिना खुले हाथों में खांसी या छींक न करें।
2. यदि आप बुखार और खांसी से पीडि़त हैं, तो अपने संबंधियों से संपर्क न करें।
3. अपनी आँखों चेहरे, नाक और जीभ को न छुएं।
4. प्रभावित और बीमार लोगों के पास नहीं जावें।
5. अपना इलाज खुद न करें।
6. अपने दोस्तों और संबंधियों से हाथ नहीं मिलाएं या गले न लगाएं।
7. रूटीन चेकअप या फॉलोअप के लिए अस्पताल न जाएं। जहाँ तक संभव हो अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के साथ टेली परामर्श करें।
8. भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे कि पार्क, बाजार और धार्मिक स्थानों पर न जाएं।
9. जब तक यह बिल्कुल जरूरी न हो, बाहर न जाएं।

मुख्यमंत्री ने की कोरोना संक्रमण की समीक्षा
प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों और मण्डियों में मास्क पहनना अनिवार्य
कोरोना को हराने की मुहिम में जनता करे सहयोग: मुख्यमंत्री


जयपुर, 9 अप्रैल। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा है कि कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए प्रदेश के सभी 196 नगरीय क्षेत्रों (नगर निगम, नगरपालिका एवं नगर परिषद) तथा कृषि मण्डियों में अनिवार्य रूप से मास्क पहनना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राजस्थान ने कोरोना के नियंत्रण में जो सफलता प्राप्त की है, उसे आगे भी कायम रखा जाये। उन्होंने जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू, टोंक, झुंझुनूं, बांसवाड़ा आदि जिलों में भीलवाड़ा मॉडल लागू कर स्थिति को नियंत्रित करने के निर्देश दिए।
श्री गहलोत गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रंेसिंग के जरिए जयपुर सहित प्रदेशभर में कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कर्फ्यू वाले सभी 38 क्षेत्रों में इसकी सख्ती से पालना करवाई जाए। कर्फ्यू वाले क्षेत्र से कर्मचारी सहित कोई भी व्यक्ति अंदर या बाहर नहीं जाए। उन्होंने कहा कि जयपुर में भट्टा बस्ती, अमृतपुरी, खो-नागोरियान, मोती डूंगरी रोड क्षेत्र, जहां घनी आबादी है, वहां रामगंज की तरह ही स्क्रीनिंग, टेस्टिंग सहित अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
क्वारंटाइन में प्रोटोकॉल की सख्ती से पालना हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर में चारदीवारी के अलावा जिन जगहों पर कोरोना पॉजिटिव के मामले सामने आये हैं, वहां आस-पास के लोगों को होम (निवास) क्वारंटाइन में रखा जाए। क्वारंटाइन के लिए जयपुर के बाहरी क्षेत्रों में स्थित बड़े शिक्षण संस्थानों, होटल, हॉस्पिटल एवं अन्य भवनों को चिन्हित कर उपयोग में लिया जाए। क्वारंटाइन में रह रहे लोगों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए और प्रोटोकॉल की सख्ती से पालना की जाए। जयपुर विकास आयुक्त श्री टी. रविकांत शहर की सभी क्वारंटाइन सुविधाओं के प्रभारी होंगे।
हॉट स्पॉट्स की कैमरों से होगी निगरानी
श्री गहलोत ने निर्देश दिये कि कोरोना संक्रमण के हॉट स्पॉट्स में प्रभावी ऑनलाइन मॉनिटरिंग के लिए कैमरे लगाकर निगरानी की जाए। इससे लोगों की आवाजाही पर पूरी नजर रखी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि चारदीवारी में यह प्रयोग सफल होने पर प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस तरह की व्यवस्था की जा सकती है। उन्होंने निर्देश दिए ड्रोन कैमरों का उपयोग कर मॉनिटरिंग को अधिक प्रभावी बनायें, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा सके।
तीस क्लस्टर बनाकर लिए जाएंगे सैम्पल
मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर के चारदीवारी में संक्रमण के प्रभाव वाले क्षेत्रों में क्लस्टर सैम्पलिंग की व्यवस्था की जाए। इसके लिए पूरे क्षेत्र को 30 कलस्टरों में बांटकर प्रत्येक कलस्टर से 30 सैम्पल लिये जाएं। इससे क्षेत्र में अधिक संक्रमण वाले इलाकों का पता चल सकेगा और इसे रोकने के लिए उचित कदम उठाने में आसानी होगी। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में 5 मोबाइल मेडिकल यूनिट की व्यवस्था करने के भी निर्देश दियेे।

भीलवाड़ा में अब सभी रोगी नेगेटिव
श्री गहलोत ने भीलवाड़ा के सभी 25 मरीजों की रिपोर्ट नेगेटिव होने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भीलवाड़ा मॉडल की पूरी दुनिया में प्रशंसा हो रही है। आगे भी हम इसी तरह से अपने मिशन को अंजाम दें, ताकि अन्य जिलों में भी कोरोना को सफलतापूर्वक हरा सकें। उन्होंने कहा कि कोरोना की रोकथाम की मुहिम में शामिल सभी स्वास्थ्यकर्मियों एवं अन्य कर्मचारियों को सभी आवश्यक उपकरण उपलब्ध करवाए जाएं। साथ ही, उनकी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध हों। उन्होंने लॉकडाउन खुलने पर मेडिकल सुविधा के लिए क्या प्रोटोकॉल होगा उसकी अभी से प्लानिंग करने के निर्देश भी दिए।
स्वास्थ्यकर्मियों का पूरा सहयोग करें प्रदेशवासी
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे लोगों की जीवन की रक्षा के लिए जुटे स्वास्थ्यकर्मियों का पूरा सहयोग करें। उन्होंने कहा कि ये स्वास्थ्यकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर आपकी सुरक्षा के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। ऐसे में प्रदेश को कोरोना से बचाने के लिए सबकी जिम्मेदारी है कि हम बिना किसी डर और संकोच के स्क्रीनिंग एवं जांच सहित अन्य कार्यों में स्वास्थ्यकर्मियों का आगे बढ़कर सहयोग करें। यह आपके अपने हित में है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि सवाई मानसिंह अस्पताल में 3 हजार सैम्पल की टेस्टिंग हो रही है। सवाई मानसिंह अस्पताल में उपचार के बाद अब तक 66 मरीज नेगेटिव हुए हैं।
कोरोना टेस्ट की संख्या में राजस्थान अब दूसरे नंबर पर
अतिरिक्त मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री रोहित कुमार सिंह ने कहा कि रैपिड टेस्टिंग के लिए 10 लाख किट्स का ऑर्डर दिया जा चुका है। इनमें से 2 लाख किट्स की पहली खेप जल्द ही प्राप्त हो जायेगी। उन्होंने बताया कि अब सबसे ज्यादा टेस्ट करने के मामले में महाराष्ट्र के बाद राजस्थान दूसरे नंबर पर है।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव श्री डी.बी. गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री राजीव स्वरूप, पुलिस महानिदेशक श्री भूपेन्द्र सिंह, प्रमुख शासन सचिव सूचना प्रौद्योगिकी श्री अभय कुमार, प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा श्री अजिताभ शर्मा, शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री वैभव गालरिया, जेडीसी श्री टी. रविकान्त, पुलिस आयुक्त श्री आनन्द श्रीवास्तव, जिला कलेक्टर श्री जोगाराम, नगर निगम आयुक्त, श्री वी.पी. सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

लॉकडाउन के दौरान पक्षी विशेषज्ञों की अनूठी पहल
इंटरनेट पर मिली तस्वीरों से किया शोध
छोटी चिडि़याओं के भारतभर में वितरण पर जुटाया डाटा

 

उदयपुर, 10 अप्रेल/कोरोना महामारी के कारण देशभर में लागू किए गए लॉकडाउन का उपयोग इन दिनों अलग-अलग पेशेवर अपने-अपने हिसाब से करते हैं। इसी श्रृंखला में शहर में पर्यावरण व पक्षियों पर शोध कर रहे कुछ विशेषज्ञ भी इस समय का उपयोग कुछ अलग ही ढंग से कर रहे हैं और इसमें कुछ नए तथ्यों को उजागर किया है।
इन दिनों उदयपुर में प्रवासरस इंटरनेशनल क्रेन फाउण्डेशन व नेचर कंजरवेशन फाउण्डेशन के पक्षी विज्ञानी डॉ. के.एस.गोपीसुंदर, मोहनलाल सुखाडि़या विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर व पक्षी विज्ञानी डॉ. विजय कोली और नेचर कंज़र्वेशन मेसूर की पक्षी विज्ञानी डॉ. स्वाति किट्टूर ने लॉकडाउन अवधि में बिना फिल्ड में गए इंटरनेट पर उपलब्ध वेरियबल विटियर अर्थात छोटी चिडि़याओं की प्रजाति के चित्रों के आधार पर एक विस्तृत शोधपत्र तैयार किया है और इसमें पूरे भारत में इन पक्षियों की विविध प्रजातियों की उपस्थिति का डाटा संकलित किया है। उन्होंने इस शोध में वेरियेबल विटियर के भारत में वितरण पर कार्य किया हैं और सामान्यतः इस पक्षी के तीन रूप पहचाने गये हैं: पीकाटा, केपिस्ट्राटा  और ओपिस्योल्यूका।  
इस तरह पूरा हुआ शोध:
गोपीसुंदर ने बताया कि अब तक पुस्तकों के भीतर इस प्रजाति के वितरण का नक्शा मुख्यतः पीकाटा उप प्रजाति को लेकर ही बनाया गया है और प्रकाशित सूचना भी इस पर कम ही उपलब्ध है। इस स्थिति में शोधकर्त्ताओं के इस दल ने वेरियबल विटियर के इंटरनेट पर मौजूद चित्रों का उपयोग कर पक्षी विज्ञान में शोध की संभावनाओं को साकार किया गया है। इस शोध के लिए उन्होंने अपने घर के कमरे में ही रहते हुए इंटरनेट के सहारे मुफ्त चित्र उपलब्ध कराने वाली विभिन्न वेबसाईट्स से पूरे भारत में वेरियबल विटियर के 542 चित्रों का संकलन किया। डॉ. विजय कोली ने बताया कि इस शोध के लिए उन्होंने अधिकांश चित्र ओरिएंटल बर्ड इमेज वेबसाईट से 360 चित्र, ई-बर्ड वेबसाईट से 123 चित्र तथा विकिपीडिया और अन्य व्यक्तिगत संपर्कों से 59 चित्रों को संकलित किया। इन चित्रों के साथ ही उपस्थित सूचनाओं से डाटाबेस तैयार किया जिसमें चित्र का समय, दिनांक व स्थान सम्मिलित है। स्थान की जीपीए लोकेशन लेकर तीनों रूपों का भारत में वितरण का मानचित्र तैयार किया गया।
शोध में यह तथ्य निकलें:
गोपीसंुदर ने बताया कि शोध की रोचक बात यह रही कि वेरियबल विटियर की उपप्रजाति केपिस्ट्राटा का वितरण भारत में सर्वाधित प्राप्त हुआ जो पहले रिकार्ड में नहीं था। इसी प्रकार शोध में पाया कि पीकाटा उप प्रजाति का वितरण भी भारत के उत्तर से महाराष्ट्र तक है एवं ओपिस्योल्यूका रुप का वितरण मुख्यतः राजस्थान व गुजरात में ही पाया गया। उन्होंने बताया कि पहली बार वेरियेबल विटियर की तीनों उपप्रजातियों के वितरण का मानचित्र भी तैयार हुआ जबकि पूर्व में पीकाटा उप प्रजाति का ही मानचित्र उपलब्ध था। इसके साथ ही आंकड़ों से यह भी पता लगा कि इन तीनो उपप्रजातियों के चित्र लेने की प्रवृति 2006 के बात बढ़ी है।
इधर, लॉकडाउन अवधि में भी पक्षी विज्ञानियों द्वारा इस शोध को पूर्ण करते हुए शोध पत्र के रूप में उजागर किए गए तथ्यों पर स्थानीय पक्षीप्रेमियों और पर्यावरणविदों ने खुशी जताई है और कहा है कि ऐसे प्रयासों से ही वास्तव में पक्षियों और पर्यावरण के संरक्षण की संकल्पना साकार होती है।
इनका कहना है:
दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारतीय पक्षियों पर बहुत कम शोध हुआ है और इस तरह से इंटरनेट पर उपलब्ध चित्रों व जानकारी के माध्यम से किए गए शोध देश के पक्षियों के संरक्षण-संवर्धन के लिए उपयोगी हो सकते हैं। ऐसे प्रयासों से अन्य शोधकर्त्ता भी आकर्षित होंगे।  

लॉकडाउन में ‘राहत का सारथी’ बना उपभोक्ता थोक भण्डार

 

उदयपुर, 10 अप्रेल/कोरोना महामारी के चलते जारी लॉकडाउन में आमजनों तक दैनन्दिन जरूरतों की सामग्री को घर-द्वार तक पहुंचाते हुए उदयपुर सहकारी उपभोक्ता थोक भण्डार राहत के सारथी की भूमिका निभा रहा है।
भण्डार के महाप्रबंधक राजकुमार खांडिया ने बताया कि जिला कलक्टर श्रीमती आनन्दी के निर्देशानुसार जिले के उपभोक्ताओं को उचित दर पर गुणवत्तायुक्त खाद्य सामग्री उपलब्धत कराने हेतु जरूरतमंद परिवारों के लिए मुख्यमंत्री किट तैयार किए गये है और अब तक सम्पूर्ण जिले मे 28 हजार 250 किट वितरण हेतु उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि उपभोक्ता भण्डार ने 11 पिकअप वेन द्वारा उदयपुर शहर के लगभग 5 हजार परिवारों को डोर स्टेप डिलीवरी दी गई तथा समस्त सुपरमार्केट भी प्रातः 10 बजे से 6 बजे तक खोले जा रहे है। इसके अतिरिक्त भण्डार द्वारा जरूरतंद के लिए 31 मार्च से दवाइयों की होम डिलीवरी का कार्य भी जारी है।
जिला प्रशासन द्वारा जरूरतमंदो के लिए बनवाये जा रहे 3100 जनसंबल किट उपलब्ध कराये जा चुके है, इस किट की किमत 500 रुपये प्रति किट रखी गई है, जिसमे दैनिक आवश्यकता की सामग्री उपलब्ध है। भण्डार द्वारा 10 हजार किट बनाने की कार्यवाही जारी है। राज्य सरकार द्वारा प्रमाणित हेण्ड सेनेटाईजर 180 एलएल की बोटल 45 रुपये मे समस्त सुपरमार्केट्स एवं सहकारी दवाघरों पर उपलब्ध है। लॉकडाउन की इस स्थिति में भण्डार के समस्त कर्मचारी पूर्ण निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दे रहे है

आपातकालीन स्थिति के लिए मुम्बई हाउस के 10 कमरे अधिग्रहित

उदयपुर, 10 अप्रेल/जिला कलक्टर श्रीमती आनन्दी ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आपातकालीन स्थिति में क्यूरेनटाइन कैम्प के लिए सुखाडिया सर्कल के समीप स्थित होटल मुम्बई हाउस के 10 कमरे मय समस्त संसाधनों सहित अधिग्रहित कर लिया है। अतिरिक्त जिला कलक्टर ओ.पी.बुनकर ने बताया कि ये कमरे पूर्व में अधिग्रहित 10 कमरों के अतिरिक्त होेंगे।

मुख्यमंत्री ने की उद्यमियों एवं व्यापारी वर्ग से चर्चा
प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा सर्वोपरि
इसे ध्यान में रखकर लेंगे लॉकडाउन पर निर्णय - मुख्यमंत्री


जयपुर/उदयपुर 10 अप्रेल। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार के लिए प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा सर्वोपरि है। इसी को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार लॉकडाउन के संबंध में उचित कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि कोराना महामारी से निपटने तथा लॉकडाउन में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चैन को सुचारू बनाए रखने में उद्यमियों तथा कारोबारियों ने सरकार का आगे बढ़कर सहयोग किया है। कोरोना से लड़ाई अभी जारी है। आशा है आगे भी सभी से इसी तरह का सहयोग मिलता रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार संकट की इस घडी में उद्यमियों के साथ खड़ी है। आवश्यक वस्तुओं से संबंधित ऐसे उद्योग जो लॉकडाउन में खोलने के लिए अनुमत थे, उन्हें अपना कार्य सुचारू रूप से संचालित करने में किसी प्रकार की अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।
श्री गहलोत शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए प्रदेश के औद्योगिक संगठनों, खाद्य पदार्थ एवं किराना संघों, सब्जी विक्रेता संघ, दवा एसोसिएशन, आढ़तिया व्यापार संघ, डेयरी संघ, होटल, खनन एवं ज्वैलरी व्यवसायी तथा बिल्डर्स आदि से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इन सभी से आवश्यक वस्तुओं की सुचारू आपूर्ति, इसमें आ रही बाधाओं को दूर करने तथा लॉकडाउन खोलने को लेकर उनके सुझाव लिए। उन्होंने कहा कि आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति में ‘पास‘ को लेकर आ रही परेशानियों का समाधान भी जल्द कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से लड़ाई में राजस्थान सरकार ने आगे बढ़कर निर्णय किए हैं। ‘कोई भी भूखा नहीं सोए‘ यह हमारा मूलमंत्र रहा है। इस संकल्प को पूरा करने में सामाजिक कार्यकर्ताओं, भामाशाहों के अलावा उद्यमियों एवं व्यापारी वर्ग सहित सभी लोगों ने खुले मन से सरकार को सहयोग किया है। श्री गहलोत ने कहा कि जिन उद्योगों में उत्पादन चल रहा है, वहां श्रमिकों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग और हैल्थ प्रोटोकॉल की पूरी पालना सुनिश्चित की जाए। फैक्ट्रियों में मास्क एवं सेनेटाइजर उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही मंडियों में भी भीड़ एकत्र न हो। स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाए।
वीडियो कांफ्रेंस के दौरान उद्यमियों एवं व्यापारियों ने राजस्थान में कोरोना संक्रमण को रोकने तथा जरूरतमंदों को राहत देने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया में भीलवाड़ा मॉडल की चर्चा हो रही है और कई राज्यों ने इसे अपनाया है। यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उद्यमियों एवं सभी संगठनों ने एक स्वर में कहा कि कोई भी निर्णय हो, जीवन की रक्षा पहली प्राथमिकता है। लॉकडाउन के संबंध में सरकार जो भी निर्णय करेगी, हम सभी उसकी पूरी पालना सुनिश्चित करेंगे।
नगरीय विकास मंत्री श्री शांति धारीवाल ने कहा कि राजस्थान ने सबसे पहले लॉकडाउन कर इस महामारी की रोकथाम की दिशा में जो पहल की उसी का परिणाम है कि हम इसकी कम्यूनिटी स्प्रेडिंग रोकने में काफी हद तक कामयाब रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की जीवन की रक्षा सर्वोपरि है।
चर्चा के दौरान उद्योग मंत्री श्री परसादीलाल मीणा ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान आपूर्ति श्रृंखला सुचारू रहने के कारण लोगों को आवश्यक वस्तुओं के लिए किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी गई। पर्यटन मंत्री श्री विश्वेन्द्र सिंह ने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए लॉकडाउन को चरणबद्ध रूप से खोलने की दिशा में विचार किया जा सकता है।
खाद्य मंत्री श्री रमेश मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप विभाग ने एनएफएसए के तहत लाभार्थियों को निशुल्क गेहूं का रिकॉर्ड समय में वितरण किया है। मास्क एवं सेनेटाइजर को पीडीएस श्रेणी के तहत बेचने के लिए अनुमत किया गया है।
कृषि मंत्री श्री लालचन्द कटारिया ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए कटाई एवं थ्रेशिंग कार्यों के लिए किराए पर निशुल्क उपकरण उपलब्ध करवाने, बिजली के बिल स्थगित करने सहित कई कदम उठाए हैं। गौपालन मंत्री श्री प्रमोद भाया ने कहा कि वे पंजीकृत गौशालाएं जिन्होंने सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर ली है, उन्हें तीन माह का तथा जिन पंजीकृत गौशालाओं ने सत्यापन नहीं कराया है, उन्हें एक माह का अनुदान उपलब्ध कराया गया है। सहकारिता मंत्री श्री उदयलाल आंजना ने कहा कि 15 अप्रेल से मण्डियों में चरणबद्ध रूप से कृषि जिन्सों की खरीद शुरू होगी। खरीद कार्य में सक्षम ग्राम सेवा सहकारी समितियों का भी सहयोग लिया जाएगा। उद्योग राज्यमंत्री श्री अर्जुन सिंह बामनिया ने भी विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा, मुख्य सचिव श्री डीबी गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री राजीव स्वरूप, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग श्री सुबोध अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री रोहित कुमार सिंह सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने किया गीतांजलि  हॉस्पीटल का निरीक्षण
कोरोना से बचाव व रोकथाम के उपायों के साथ की गई व्यवस्थाओं को देखा

 

उदयपुर, 10 अप्रेल/कोरोना महामारी के दौरान शहर में चिन्हित प्राईवेट डेडिकेटेड हॉस्पिटल गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल जीएमसीएच में शुक्रवार को कोरोना से बचाव, उपाय एवं क्यूरेन्टाइन से संबंधित व्यवस्थाओं का चिकित्सा विभाग के अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया।
उदयपुर जिला प्रभारी डॉ उमेश खन्ना, सीएमएचओ डॉ दिनेश खराडी व डब्लयूएचओ के सर्विंलेंस मेडिकल ऑफिसर डॉ अक्षय व्यास नेे जीएमसीएच में कोविड-19 के संक्रमण को रोकने की तैयारियों का जायजा लिया।
यह मिली व्यवस्था
सीएमएचओ डॉ दिनेश खराडी  ने बताया कि निरीक्षण के दौरान वहा मरीजों के लिए दूसरे फ्लोर आरक्षित सेकण्ड फ्लोर पर आईसीयू वार्ड में कुल 45 बेड है 30 वेंटिलेटर एवं इन 45 बेड में से 4 आईसीयू वार्ड है जिनमें 10-10 बेड के तीन एवं 15 बेड का एक वार्ड मिला। छठे फ्लोर संक्रमित एवं सस्पेक्टेड मरीजो के लिए आरक्षित किया गया है। वहीं पर 78 बेड कोरोना पॉजिटिव मरीजांे के लिए आरक्षित है जिनमें 19-19 बेड के 2 वार्ड तथा 20-20 बेड के 2 वार्ड है। प्रत्येक वार्ड में 8 बेड पर ऑक्सिजन सप्लाई है। छठे फ्लोर पर ही 17 बेड का वार्ड कोरोना सस्पेक्टेड मरीजो के लिए आरक्षित है एवं 76 बेड का पॉजिटिव से नेगेटिव आए मरीजों के लिए आरक्षित है जिनमें 4 वार्ड होकर प्रत्येक में 19 बेड है। इसी प्रकार दूसरे फ्लोर पर कुल 45 बेड एवं 6जी फ्लोर पर कुल 171 बेड है। जिनकी कुल संख्या 216 है। इन दोनो फ्लोर पर जाने के लिए 2 लिफ्ट अलग से आरक्षित की गई है।
व्यवस्थाओं को सराहा, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
टीम द्वारा हॉस्पीटल प्रबंधन के प्रयासों की सराहना करते हुए निर्देश दिए कि इन मरीजों को मेन गेट से प्रवेश नहीं करवाकर अस्पताल के पीछे की तरफ स्थित दरवाजे से प्रवेश दिया जाये, जिससे कोविड के दोनों फ्लोर को आम मरीजों से पूर्णतया पृथक किया जा सके। यह भी निर्देश दिए कि इन वार्डाे में कार्य करने वाले चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, वार्ड ब्वॉय, स्वीपर की ड्यूटी आदेश अभी से जारी करे जिससे सभी को तत्काल सूचना करने पर कार्य करने के लिए सभी तैयार रहे।
टीम ने यह भी निर्देश दिए कि जो स्टाफ एवं चिकित्सक इन वार्डो मे डय््ूटी करेंगे उनको डेडिकेटेड क्वारेंटाईन में ही रहना होगा तथा डयूटी पश्चात 14 दिन तक भी अलग भवन में डेडिकेटेड क्वारेंटाईन में रहना होगा। जिस पर प्रबंधन ने बताया कि वर्तमान मे प्रशिक्षणार्थियों के हॉस्टल खाली है तथा उनको इस कार्य के लिए चिन्हित कर लिया है। निर्देश दिए गए कि डोफिंग-डोनिंग के लिए स्थान चिन्हित करे तथा  इन वार्डो के लिए पृथक लॉण्ड्री की व्यवस्था करे।
निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज के डॉ नरेन्द्र मोगरा, डॉ.तरूण व्यास, डॉ.डी.सी कुमावत, विनोद शर्मा, अमित बंसल व अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।

मास्क बनाकर बांट रहे है स्काउट गाइड


उदयपुर, 10 अप्रेल/कोरोना महामारी से बचाव को लेकर राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड उदयपंुर के स्काउटर, गाइडर रेंजर, गाइड  आदि अपनें घरों में मास्क तैयार कर जरूरत अनुसार वितरण कर रहे है।
सीओ स्काउट सुरेन्न्द्र कुमार पाण्डे ने बताया कि इस कार्य में स्काउटर चन्द्रप्रकाश सोनी, गाइडर उषा शर्मा तथा रेंजर सिमरन षेख,भाविका पालीवाल के साथ गाइड सीमा कुंवर,फतेह कुंवर,टीना कंुवर, सिमरन शेख, रेणुका प्रजापत, प्रियल वैष्णव, रिया वैष्णव तथा सुहानी वैष्णव अपनें घरों में रहकर मास्क तैयार कर रहे है। उन्होंने यह भी बताया कि उदय ओपन क्रू के रोवर्स स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया भुवाणा शाखा पर सोशल डिस्टेस बनाये रखने के लिऐ प्रेरित कर रहे है।
सहायक राज्य संगठन आयुक्त दिलीप कुमार माथुर ने बताया कि पालन पोषण प्राणी सेवा संस्थान के सहयोग जरूरतमंदों को आवश्यक भोजन व खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है। साथ ही पक्षियों के लिए चुग्गा पात्र ओर परिण्डे बांध कर नियमित उनमें दाना पानी की व्यवस्था की गई है।

ई-कंटेंट आधारित स्माइल प्रोग्राम की तैयारियों को लेकर शिक्षा अधिकारियों की वीसी

 

लॉक डाउन के दौर में शिक्षा विभाग उदयपुर द्वारा शनिवार को पहली बार जिला एवं ब्लॉक स्तरीय शिक्षा अधिकारियों की बैठक वीसी के माध्यम से आयोजित की गई।
बैठक में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी शिवजी गौड़ ने आगामी 13 अप्रैल से प्रारंभ होने वाले ई-कंटेंट आधारित स्माइल प्रोग्राम की तैयारियों का जायजा लिया। इस बाबत शाला दर्पण पर विद्यमान जिले के 3901 (शत प्रतिशत) विद्यालयों में ई कंटेंट पहुंचाने हेतु व्हाट्सएप ग्रुप तथा शिक्षकों के ग्रुप बनाना सुनिश्चित किए जाने हेतु निर्देशित किया गया। श्री गौड ने समस्त सीबीईओ को सोशल डिस्टेंसिङ्ग रखते हुए उनके अधीनस्थ पीईईओ की ऐप के माध्यम से वीसी आयोजित कर इस कार्यक्रम की क्रियान्वित सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर आईसीटी प्रभारी कार्यक्रम अधिकारी संदीप आमेटा ने प्रोग्राम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अब तक जिले के 3750 विद्यालयों को व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा जा चुका है। शेष रहे शहरी क्षेत्र के विद्यालयों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक के नोडल विद्यालयों द्वारा जोड़ा जाना है। इसके अलावा पंचायत क्षेत्र में विद्यमान संस्कृत शिक्षा के स्कूल्स को भी इस योजना में सम्मिलित किया जाना है। इस मौके पर विभाग की अन्य गतिविधियों पर भी चर्चा की गई वीसी में जिला मुख्यालय से सहायक निदेशक डॉ नरेंद्र टांक एवं कार्यक्रम अधिकारी त्रिभुवन चौबीसा व सुरेश गौड़ ने भी अपने विचार रखें। वीसी में जिले के 17 ब्लॉक के सीबीईओ ने भाग लिया। साथ ही जिला स्तर के अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

रसद विभाग की कार्यवाही जारी
तय किमत से अधिक दाम वसूलने वाले दो किराणा स्टोर सीज

 

जिला प्रशासन के निर्देशानुसार रसद विभाग द्वारा कालाबाजारी रोकने की दिशा में कार्यवाही जारी है। इसी क्रम में रविवार को रसद विभाग की टीम द्वारा शहर के देवाली क्षेत्र में दो जनरल स्टोर सीज करने की कार्यवाही की गई।
जिला रसद अधिकारी ज्योति ककवानी ने बताया कि लॉकडाउन की अवधि में आवश्यक वस्तुओं उपलब्ध कराने हेतु जनरल स्टोर, डेयरी, मेडिकल स्टोर्स आदि आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने वाले स्टोर्स, दुकानों, प्रतिष्ठानों को जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी के आदेशानुसार तय किमत पर व्यापार की अनुमति प्रदान की गई है लेकिन कुछ प्रतिष्ठानों अथवा दुकानों पर आवश्यक प्रकृति की उपलब्ध वस्तुओं को अंकित मूल्य से अधिक पर बेचा जा रहा है। प्राप्त शिकायतों पर रसद विभाग की टीम ने कार्यवाही रविवार को सात किराणा स्टोर व दो मेडिकल स्टोर की जांच की। इस जांच के दौरान मनमाने दाम वसूलने पर देवाली क्षेत्र में दो किराणा स्टोर मोहित डिपार्टमेंटल स्टोर व प्रेम जनरल स्टोर को सीज करने की कार्यवाही की गई जबकि अन्य पांच किराणा स्टोर व दो मेडिकल स्टोर पर स्थितियां संतोषप्रद मिली। रसद विभाग की इस टीम में जयमलसिंह, पिंकी भाटी, श्यामप्रतापसिंह व अनिल भारद्वाज सम्मिलित थे।
शनिवार को भी दो दुकानें सीज़ की:
जिला रसद अधिकारी ने बताया कि रसद विभाग द्वारा शनिवार को एक नमकीन की दुकान व एक किराणा स्टोर को सीज किया गया था। उन्होंने बताया कि शहर के भूपालपुरा स्थित विजेता नमकीन द्वारा नमकीन की कीमत निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली वसूलने की शिकायत पर दल ने कार्यवाही की तो पाया कि लॉकडाउन की अवधि में 240 प्रतिकिलो की दर से बिक्री की जा रही थी जबकि पूर्व में यह 200 रुपये प्रतिकिलो था। रसद विभाग की टीम ने दुकानदार को लॉकडाउन के समय नमकीन की दुकान खोलने की स्वीकृति नहीं होने के बावजूद खोलने, बिल मांगे जाने पर उपलब्ध नहीं कराने, तैयार पैकेट पर जानकारी अंकित नहीं होने की स्थिति पर विजेता नमकीन को सेल्स टैक्स, पैकेजिंग एक्ट व आपदा प्रबंधन की विभिन्न धाराओं में प्रकरण बनाकर जिला कलेक्टर को प्रेषित किया व दुकान को सीज किया। इसी प्रकार धानमंडी स्थित ललित किराना स्टोर पर भी दुकान मालिक संजय जैन द्वारा दाल की कीमत अधिक वसूलने के कारण दुकान को सीज किया गया । रसद विभाग की इस टीम में प्रवर्तन निरीक्षक जयमल सिंह राठौड़ एसीटीओ श्याम सिंह व पिंकी भाटी शामिल थे।

उदयपुर के लिए राहत की खबर
उदयपुर में मिले चारों कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट आई निगेटिव, हालत में सुधार

 

कोरोना महामारी से बचाव व रोकथाम के साथ ही सम्पूर्ण जिले में लॉकडाउन की पालना सुनिश्चित करने को लेकर जिला प्रशासन के निर्देशन में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से सतत प्रभावी प्रयास किए जा रहे है। इन्ही प्रयासों से रविवार को सम्पूर्ण जिले के लिए राहत की खबर प्राप्त हुई है कि जिले में अब तक मिले 4 पॉजिटिव मरीज की रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है और इनकी हालत में सुधार देखा गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी के निर्देशन में जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।  संक्रमण की शिकायत पर रविवार 12 अप्रेल तक 518 लोगों के  सेम्पल लिए जा चुके हैं, इसमें से 186 लोगों के सेम्पल रिपीट किये गये है। इस प्रकार कुल 704 सेम्पल लिए जा चुके है। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक जिले में मिले चार कोरोना पॉजिटिव का उपचार जारी है और उदयपुर के लिए राहत की खबर यह है कि चारांे रोगियों की रिपोर्ट नेगेटिव है और इनकी हालत में काफी सुधार देखा गया है। इनमें से 3 रोगियों की खांसी ठीक हो चुकी है और एक को हल्की खासी की शिकायत है।
डॉ. खराड़ी ने बताया कि सम्पूर्ण जिले में अब तक 11 लाख 58 हजार 206 घरों का सर्वे किया जाकर 48 लाख 33 हजार 060 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। वहीं आज दिनांक तक 75 हजार 716 लोगों को होम क्यूरेनटाइन के तहत रखा गया है। उन्होंने बताया कि संस्थागत डेडिकेटेड क्यूरेनटाइन 915 है और अब तक यह आंकड़ा 1184 का है।  
उन्होंने आपात की इस स्थिति में प्रशासन का सहयोग देने के लिए सम्पूर्ण उदयपुरवासियों का आभार जताया और लॉकडाउन के जारी रहने तक घरों में रहने का आह्वान किया है।

आपातकालीन परिस्थितियों के लिए जारी पास 3 मई तक वैद्य रहेंगे

जिला कलक्टर श्रीमती आनन्दी के आदेशानुसार कोरोना महामारी के दौरान जारी लॉकडाउन के आपातकालीन परिस्थितियों के लिए जारी पास व अनुमति पत्र आगामी 3 मई अथवा अग्रिम निर्देश/आदेश तक वैध रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन की अवधि में राज्य सरकार के निर्देशानुसार आपातकालीन परिस्थितियों के मद्देनजर विभिन्न व्यक्तियों, संस्थाओं, हॉस्पीटल्स, फर्मों व वाहन के आवागमन हेतु 14 अप्रेल तक वैध पास व अनुमति जारी की गई थी, जिनकी अवधि अब 3 मई अथवा अग्रिम आदेश तक बढ़ाई गई है।

जिले में आगामी 3 मई तक प्रभावी रहेगी धारा 144 लागू

उदयपुर, 14 अप्रेल/कोरोना महामारी से बचाव के उद्देश्य से जिला मजिस्ट्रेट श्रीमती आनन्दी के आदेशानुसार जिले में लागू धारा 144 आगामी 3 मई की मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत उदयपुर जिले के सम्पूर्ण सीमा क्षेत्र में 5 से अधिक व्यक्ति एक स्थान पर एकत्रित नहीं हो सकते है।
इस प्रतिबंध से रेलवे स्टेशन, बस स्टेण्ड, चिकित्सकीय संस्थान, राजकीय व सार्वजनिक कार्यालय तथा विद्यालय व महाविद्यालयों में प्रयुक्त होने वाले परीक्षा कक्ष स्थानों को अपवाद स्वरूप मुक्त रखा जाएगा। आदेशानुसार इन स्थानों के अतिरिक्त किसी भी स्थान पर असाधारण परिस्थिति में जिला मजिस्ट्रेट एवं उपखण्ड क्षेत्र के लिए संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट से विशेष अनुमति प्राप्त करनी होगी। साथ ही इस निषेघाज्ञा की अवहेलना या उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत अभियोग चलाए जाएंगे।

कोरोना को मात दे रहा है उदयपुर
प्रशासन की तरफ से जरूरतमंदों को जारी है खाद्य सामग्री का वितरण


उदयपुर, 14 अप्रेल/राज्य सरकार के निर्देशानुसार कोरोना महामारी के तहत घोषित लॉकडाउन दौरान जरूरतमंद परिवारों को राहत देने के लिए जिला प्रशासन और समस्त संबंधित विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं।  
जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी ने बताया कि उदयपुर जिले में लॉक डाउन की अवधि के दौरान जिला प्रशासन द्वारा दिहाड़ी मजदूर, कचरा एकत्र वाले, साईकिल रिक्शा चालक आदि जरूरतमंद परिवारों के समक्ष भोजन का संकट पैदा न हो इस दृष्टि से पूरी संवेदनशीलता के साथ खाद्यान्न सामग्री का वितरण लगातार जारी है और इससे इन परिवारों को बड़ी राहत प्राप्त हो रही है।
मुख्यमंत्री किट से मिल रही राहत:
जिले में 25 मार्च से जरूरतमंदों को मुख्यमंत्री किट का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है, इसमें एक परिवार के लिए 15 दिन की आवश्यक खाद्य सामग्री है और प्रति किट की लागत 410 रुपये है। मुख्यमंत्री किट के वितरण के लिए भामाशाहों द्वारा आवश्यक सहयोग किया जा रहा है।  
जिला रसद अधिकारी ज्योति ककवानी ने बताया कि मुख्यमंत्री किट में 10 किलो गेहूं का आटा, 3 किलो चने की दाल, 200 मिली खाद्य तेल तथा एक किलो नमक उपलब्ध कराया जा रहा है। यह सामग्री एक परिवार के लिए 15 दिनों के लिए पर्याप्त है। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 29 हजार 858 मुख्यमंत्री किट का वितरण किया जा चुका है। इसमें से 13 हजार 8 किट शहरी क्षेत्र में तथा 16 हजार 750 किट ग्रामीण क्षेत्रों में बांटे गए हैं। जिले के दूरस्थ कोटड़ा में 2500 मुख्यमंत्री किट का वितरण किया गया है।
जिला नियंत्रण कक्ष के 6 लाईनों वाले दूरभाष पर विभिन्न माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित गति से कार्यवाही होती है और सूची तैयार कर उसका वेरिफिकेशन करते हुए प्रतिदिन 11 टीमों द्वारा जरूरतमंदों तक यह किट पहुंचाया जा रहा है। इसी प्रकार जिले में उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार से बड़ी संख्या में मजदूर है उन्हें भी मुख्यमंत्री किट निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।  
मददगार बन रहा है जन-संबल किट:
जिला प्रशासन द्वारा ‘जन-संबल किट’ भी तैयार किए गए हैं। इस किट की लागत 500 रुपये की है। यह किट आमजनों व भामाशाहों द्वारा अन्य जरूरतमंदों को सहयोग देने के लिए तैयार करवाया गय ाहै।  इस किट में एक परिवार के लिए पन्द्रह दिनों के लिए सभी जरूरी सामग्री है। जिला रसद अधिकारी ज्योति ककवानी ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा इस ‘जन-संबल किट’ को उपभोक्ता भण्डार के साथ-साथ विभिन्न वाहनों के माध्यम से गली मुहल्लों तक पहुंचाया जा रहा है।  कोई भी व्यक्ति अधिकतम पांच किट खरीदकर जरूरतमंदों को उपलब्ध करवा सकते हैं। यदि किसी परिवार को व्यक्तिगत उपयोग के लिए भी किट की जरूरत है तो वो भी अपनी जरूरत के लिए इसे 500 रुपये प्रति किट की दर पर खरीद सकता है। सामाजिक संस्थाओं को अधिक किट खरीदने के लिए जरूरतमंद परिवारों की सूची प्रस्तुत करते हुए बल्क में किट उपलब्ध कराए जा रहे हैं ।
जन-संबल किट में आटा -10 किलो, चना दाल-2 किलो, नमक - 1 किलो, मिर्च-100 ग्राम, हल्दी-100 ग्राम, तेल-200 मिली, शक्कर-1 किलो, चाय-100 ग्राम तथा साबुन-1 नंग रखा गया है।
वर्तमान में जिले में विधायक मद से जरूरतमंदों को खाद्य सामग्री वितरण करने के लिए स्वीकृत राशि से उपखण्ड अधिकारियों को 6 हजार 325 जन-संबल किट उपलब्ध कराए जा चुके है वहीं 6 हजार 450 किट जल्द ही उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही दूरस्थ कोटड़ा क्षेत्र में 300 जन संबल किट का वितरण किया गया है।  

कोरोना कर्मवीरों के लिए आयुर्वेद विभाग तैयार कर रहा काढ़ा

उदयपुर, 14 अप्रेल/कोरोना महामारी से बचाव व रोकथाम के लिए प्रयासरत कर्मवीरों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए आयुर्वेद विभाग की ओर से विशेष काढ़ा तैयार करने के निर्देश दिए गए है। इसी क्रम में आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डॉ. गिरजाशंकर. जोशी के नेतृत्व में योग एवं आयुर्वेद टीम द्वारा कुल 12 हजार व्यक्तियों का काढ़ा तैयार कर पैकेट्स तैयार किए जा रहे हैं। इसमें 8 हजार 500 पैकेट उदयपुर शहर के लिए तथा 3 हजार 500 पैकेट ब्लॉक स्तर के लिए बनाए जा रहे है।

गुलाबबाग के पास स्थित आयुर्वेद रसायन शाला में डॉ. शोभालाल औदिच्य व योगी अशोक जैन के निर्देशन में आयुर्वेद विभाग व पतंजलि परिवार के योगशिक्षकों ने मंगलवार सुबह 7 बजे से कोरोना से बचाव के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा के पैकेट बनाने का कार्य शुरू किया जो देर शाम तक जारी रहा।  
डॉ. शोभालाल औदिच्य ने बताया कि विभागीय निर्देशानुसार यह काढ़ा चिकित्साकर्मी, पुलिस प्रशासन, पैरा मेडिकल स्टाफ, शिक्षक, आशा सहयोगिनी, विद्युत विभाग, सफाईकर्मियों आदि उन कर्मवीरों के लिए है जो कोरोना को मात देने के लिए नियुक्त विविध सेवा कार्यों में नियोजित हैं। यह काढ़ा साढ़े आठ हजार कार्मिकों को बुधवार से वितरित किया जाएगा।
डॉ. औदिच्य का कहना है कि ये समस्त कोरोना कर्मवीर दिन-रात हमारे स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए पूर्ण निष्ठा से कार्य कर रहे है तो हमारा भी दायित्च बनता है कि ऐसे कर्मवीरों की सुस्वास्थ्य की कामना के साथ सुरक्षा के प्रयास किए जाए। इसी के तहत विभिन्न आयुर्वेद जड़ी बूटियों और औषधियों से विशेष काढ़ा निर्मित किया जा रहा है। प्रत्येक पैकेट में 100 ग्राम काढ़ा सामग्री है जिसको तैयार करने की विधि भी अंकित की गई है।
ये कर रहे है सहयोग
इस सेवा कार्य में डॉ. राजीव भट्ट, योगी अशोक जैन, श्रीमती प्रेम जैन, भानु बापना, महावीर प्रसाद जैन, जिग्नेश शर्मा, कपिल सोनी, दरब सिंह बघेल, नरेंद्र सिंह झाला, यशवंत विजयवर्गीय, अनिता विजयवर्गीय, शारदा जालोरा, राजेन्द्र जालोरा, प्रीति सुमेरिया, कविता व्यास, आकाश जैन, भविष्य औदीच्य, हिमांशु कसेरा, इदरीस खान, श्याम सिंह झाला आदि सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
आमजन भी ले सकता है लाभ
आयुर्वेद उपनिदेशक ने बताया कि कोरोना कर्मवीरों के अतिरिक्त आमजन भी इस काढ़े का सेवन कर स्वास्थ्य लाभ ले सकते है। यह काढ़ा नजदीकी औषधालय में निःशुल्क उपलब्ध रहेगा जो व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में कारगर है।

वीसी के माध्यम से संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

उदयपुर, 14 अप्रेल/उदयपुर संभाग में सहकारी समितियों के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद एवं गौण कृषि उपज मण्डी स्थापित करने हेतु सहकारी समितियां उदयपुर खण्ड के अतिरिक्त रजिस्ट्रार प्रेमप्रकाश माण्डोत, की अध्यक्षता में संभाग स्तरीय वीसी के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें उदयपुर के अतिरिक्त संभाग के डूंगरपुर, बॉसवाड़ा, चित्तौडगढ, राजसमन्द जिले से जिला स्तरीय अधिकारी एवं इन सभी जिलो में पंचायत समिति स्तर पर चयनित क्रय विक्रय सहकारी समिति एवं ग्राम सेवा सहकारी समितियों, लेम्पस् के व्यवस्थापक, सहायक व्यवस्थापक आदि उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि विपणन के संयुक्त निदेशक संजीव पण्ड्या, कृषि विस्तार के संयुक्त निदेशक महेश वर्मा, उप निदेशक (कृषि विस्तार) के.एन.सिंह, केन्द्रीय सहकारी बैक के प्रबन्ध निदेशक आलोक चौधरी, केन्द्रीय डूंगरपुर के प्रबन्ध निदेशक अश्विनी वशिष्ठ, बांसवाड़ा के प्रबन्ध निदेशक अनिमेश पुरोहित, सहकारी समितियां उप रजिस्ट्रार जयदेव देवल, राजफैड के क्षेत्रीय प्रबन्धक ओमप्रकाश अग्रवाल एवं जिले की क्रय विक्रय सहकारी समितियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उपस्थित थे।
संयुक्त निदेशक श्री पण्डया ने उदयपुर संभाग में चयनित 68 क्रय विक्रय सहकारी समितियों एवं ग्राम सेवा सहकारी समितियों को निजी गौण मण्डी के लाईसेन्स प्राप्त किए जाने के पश्चात् क्रेता किसान की उपज का किस प्रकार समिति प्रांगण में खरीद की जानी है कि विस्तृत प्रक्रिया पीपीटी के माध्यम से समझाई गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर केन्द्रो पर उपज खरीद, चयनित ग्राम सेवा सहकारी समितियों में गौण कृशि उपज मण्डी की क्रियाविधि एवं केन्द्रीय सहकारी बैको द्वारा खरीफ ऋण वितरण कार्यक्रम प्रारम्भ किये जाने के संबध में विस्तृत चर्चा की गई। सहकारी समितियां उदयपुर के अतिरिक्त रजिस्ट्रार ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार किसानो की उपज को स्थानीय स्तर पर ही सुगमता से खरीद एवं बिक्री सुनिश्चित की जानी है। सहकारी समितियां निरीक्षक कौटिल्य भट्ट नेराजफैड के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद के संबध में अवगत करवाते हुये बताया गया कि राजफैड के माध्यम से खरीद प्रक्रिया 1 मई से प्रारम्भ होगी जिसमें चयनित सहकारी समितियों को किये जाने वाली आवश्यक तैयारियों के संबध में अवगत करवाया गया। प्रशिक्षण के अन्त में अतिरिक्त रजिस्ट्रार ने कोविड 19 के अन्तर्गत सोशल डिस्टंेशिंग रखे जाने, मास्क, सेनेटाइजर, आदि का उपयोग किया जाकर कृषि उपज की खरीद, गौण मण्डी संचालन एवं खरीफ ऋण वितरण किये जाने के निर्देश दिये।

लॉकडाउन-2 में भी सतर्क रहेगा हमारा उदयपुर
कलक्टर और एसपी ने लॉकडाउन में जनसहयोग के लिए जताया आभार

उदयपुर, 14 अप्रेल/जिला कलक्टर श्रीमती आनदंी ने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए जारी लॉकडाउन को 3 मई तक आगे बढ़ाया है। इसी क्रम में जिले में लागू धारा 144 को भी 3 मई तक आगे बढ़ाने के आदेश जारी कर दिए है। जिले में भी अब आगामी चरण में भी पूर्ववत सतर्कता बरतते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं रहेंगी।
कलक्टर ने यह विचार मंगलवार को मीडिया ब्रीफिंग दौरान व्यक्त किए।  
उन्होंने लॉकडाउन के पहले चरण की सफलता के लिए सभी उदयपुरवासियों का आभार जताया और कहा कि आप सभी के सहयोग एवं जागरूकता से ही हमारे यहां स्थिति अन्य स्थानों के अपेक्षाकृत ठीक है। लेकिन यह खुशी मनाने की बात नहीं है और किसी भी प्रकार की असावधानी नहीं बरतनी है क्योंकि लॉकडाउन को जो अगला चरण है उसमें और भी सख्ती से पालना करना जरूरी है।
कलक्टर ने बताया कि लॉकडाउन के आगे के चरण में भी आमजन की आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हेतु स्वीकृत व्यवस्थाएं एवं जरूरतमंद लोगों के लिए राशन व अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था पूर्ववत रहेगी। उन्होंने यह भी बताया कि लॉकडाउन के पहले चरण में जो व्यवस्थाएं प्रशासन ने कर रखी है वो अगले 3 मई तक यथावत रहेगी।
उन्होंने बताया कि शहर का कर्फ्यू वाला क्षेत्र जहां पूर्व में 4 मरीज पॉजिटीव मिले उनकी रिपोर्ट भी नेगेटिव आ चुकी है। साथ ही सर्वे के दौरान भी रिपोर्ट नेगेटिव ही प्राप्त हुई है। इस स्थिति को देखते हुए मल्लातलाई क्षेत्र में जहां 16 अप्रेल तक कर्फ्यू अवधि है उसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा लेकिन लॉकडाउन की स्थिति वहां लागू रहेगी।
बाहर से आने वालों की सूचना दें:
उन्होंने एक बात पर विशेष जोर दिया कि लॉकडाउन की अवधि बढ़ने से अन्य राज्यों अथवा जिलों से जो लोग पास जारी करवाकर उदयपुर आ रहे है। प्रशासन द्वारा इनकी ट्रेंिकंग की जा रही है व नियमित सर्वे कर होम आइसोलेशन की कार्यवाही भी जारी है। उन्होंने शहरवासियों से भी इस कार्य में सहयोग का आह्वान किया है कि उनके आसपड़ोस में भी ऐसा कोई व्यक्ति जो प्रशासन की नजर में नहीं आ पाया हो तो इस संबंध में तुरंत सूचना कोरोना कन्ट्रोल रुम पर देना सुनिश्चित करे।
एसपी ने भी दी जानकारी:
जिला पुलिस अधीक्षक कैलाश चन्द्र विश्नोई ने लॉकडाउन के प्रथम चरण में शहरवासियों द्वारा पुलिस व प्रशासन को पूर्ण सहयोग करने हेतु आभार जताया और आगे भी 3 मई तक इसी तरह सहयोग देने की बात कही। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन वाले क्षेत्रों में कानून व सुरक्षा व्यवस्था यथावत रहेगी। उन्होंनंे मल्लातलाई क्षेत्र में पॉजिटिव मिले रोगियों के आवश्यक उपचार पश्चात नेगेटिव रिपोर्ट आने पर अस्पताल प्रबंधन की सराहना की और कहा कि लोगों की सतर्कता और जागरूकता के कारण उदयपुर में इसके संक्रमण को रोकने में बड़ी सहायता प्राप्त हुई है।
उन्होंने बताया कि लॉकडाउन अवधि में जो पास जारी करने की प्रक्रिया ऑफलाइन थी उसे अब ऑनलाइन कर दिया गया है। अब ’राजकॉप सिटीजन एप’ के माध्यम से पास जारी होंगे। उन्होंने लॉकडाउन अवधि में केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा जारी एडवाइजारी व जिला प्रशासन के निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सार्वजनिक स्थानों पर थूकना अपराध
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निर्देश दिए गए है कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क अनिवार्य रूप से पहनना है। स्प्रीटिंग जैसे पान की थूक, पीक आदि सार्वजनिक स्थानों पर ना थूंके इसको प्रतिबंधित कर अपराध की श्रेणी में डाल दिया गया है।

.जहां चाह, वहां राह वरदान बने क्यूरेनटाईन शिविर प्रवासी श्रमिकों ने शिविरों में तैयार किए कपड़े के मास्क

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उदयपुर, 16 अप्रेल/वैश्विक महामारी घोषित हो चुके कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए जिले में विभिन्न सरकारी और निजी संस्थाओं में स्थापित किए गए क्यूरेनटाईन शिविर वरदान साबित हो रहे हैं। जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी के निर्देशानुसार इन शिविरों में जहां योग की कक्षाएं लगाई जा रही है वहीं एक अनूठा नवाचार करते हुए इन शिविरों में अब सिलाई मशीनों की व्यवस्था करते हुए कुशल श्रमिकों से मास्क तैयार करवाएं जा रहे हैं।
प्राप्त जानकारी अनुसार वल्लभनगर उपखण्ड क्षेत्र स्थित सिंघानिया विश्वविद्यालय के भवन में स्थापित किए गए क्यूरेनटाईन शिविर में गुरुवार को शिविर प्रभारी व उपखण्ड अधिकारी शैलेश सुराणा द्वारा नवाचार किया गया और यहां पर क्यूरेनटाईन के लिए भर्ती किए गए प्रवासी श्रमिकों से जब उनके पेशे के बारे में जानकारी ली गई तो करीब 30 से 40 श्रमिकों ने टेलरिंग व्यवसाय से जुड़ा होने की जानकारी दी। इसके बाद इन लोगों को चिह्नीत करते हुए उनकेे लिए पांच सिलाई मशीनों और सूती कपड़े की व्यवस्था की गई। अब इनमें से 12 श्रमिकों द्वारा गुरुवार से मास्क बनाने का कार्य प्रारंभ किया गया है और बड़ी संख्या में मास्क सिलकर तैयार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार अन्य श्रमिकों को भी उनकी रूचि के अनुसार कार्यों में संलग्न करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि वे लोग सृजनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहें।

आयुर्वेद विभाग की पहल कोरोना कर्मवीरों की सुरक्षार्थ विशेष काढ़ा वितरित

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उदयपुर, 16 अप्रेल/कोरोना महामारी के दौरान जारी लॉकडाउन की अवधि में जो कर्मवीर जिलेवासियों की सुरक्षा के लिए तत्पर है, उनकी सुरक्षा का दायित्व हमारा है। इसी धारणा के साथ आयुर्वेद विभाग की ओर से कोरोना कर्मवीरों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए विशेष काढ़ा तैयार करने के बाद  वितरण का कार्य गुरुवार को प्रारंभ किया गया।
कोरोना कर्मवीरों की स्वास्थ्य रक्षा के इस अनुष्ठान का शुभारंभ गुरुवार की सुबह उदयपुर के सविना स्थित रिज़र्व पुलिस लाईन से हुआ, जहां पुलिस विभाग के संचित निरीक्षक नरेन्द्र जैन को जिले में सभी पुलिसकर्मियों के लिए यह काढ़ा प्रदान किया गया।
महिला एवं बाल विकास उपनिदेशक के निर्देशन में उदयपुर शहर की समस्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगिनियों के लिए भी यह काढ़ा  विभाग कार्यालय में उपलब्ध कराया गया। इसी प्रकार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कार्यालय, जलदाय, परिवहन, कोष कार्यालय, सीआईडी, सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय, समस्त मीडिया कर्मियों के साथ ही जिले के समस्त ब्लॉकों में सेवारत कोरोना कर्मवीरों के लिए यह विशेष काढ़ा संबंधित जिला स्तरीय अधिकारियों के माध्यम से भिजवाया गया।
12 हजार पैकेट्स से होगी कोरोना कर्मवीरों के स्वास्थ्य की सुदृढ़ता:
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. शोभालाल औदिच्य ने बताया कि योग एवं आयुर्वेद टीम द्वारा कुल 12 हजार व्यक्तियों का काढ़ा तैयार कर पैकेट्स तैयार किए गऐ है, इसमें 8 हजार 500 पैकेट उदयपुर शहर के लिए तथा 3 हजार 500 पैकेट ब्लॉक स्तर के लिए बनाए गये हैं।
सहायक निदेशक राजीव भट्ट ने बताया कि गुलाबबाग के पास स्थित आयुर्वेद रसायन शाला में आयुर्वेद विभाग व पतंजलि परिवार के योगशिक्षकों के सहयोग से कोरोना से बचाव के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा के पैकेट बनाने का कार्य किया गया।
डॉ. औदिच्य का कहना है कि ये समस्त कोरोना कर्मवीर दिन-रात हमारे स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए पूर्ण निष्ठा से कार्य कर रहे है तो हमारा भी दायित्च बनता है कि ऐसे कर्मवीरों की सुस्वास्थ्य की कामना के साथ सुरक्षा के प्रयास किए जाए। इसी के तहत विभिन्न आयुर्वेद जड़ी बूटियों और औषधियों से विशेष काढ़ा निर्मित किया जा गया है। प्रत्येक पैकेट में 100 ग्राम काढ़ा सामग्री है जिसको तैयार करने की विधि भी अंकित की गई है।
ये कर रहे है सहयोग
इस सेवा कार्य में योगी अशोक जैन, श्रीमती प्रेम जैन, भानु बापना, महावीर प्रसाद जैन, जिग्नेश शर्मा, कपिल सोनी, दरब सिंह बघेल, नरेंद्र सिंह झाला, यशवंत विजयवर्गीय, अनिता विजयवर्गीय, शारदा जालोरा, राजेन्द्र जालोरा, प्रीति सुमेरिया, कविता व्यास, आकाश जैन, भविष्य औदीच्य, हिमांशु कसेरा, हर्षित जैन, श्याम सिंह झाला आदि सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
आमजन भी ले सकता है लाभ:
आयुर्वेद उपनिदेशक ने बताया कि कोरोना कर्मवीरों के अतिरिक्त आमजन भी इस काढ़े का सेवन कर स्वास्थ्य लाभ ले सकते है। यह काढ़ा नजदीकी औषधालय में निःशुल्क उपलब्ध रहेगा जो व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में कारगर है।

आइसोलेटेड श्रमिकों को आयुर्वेदिक काढ़ा पिलाया

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गीतांजली टेक्निकल इंस्टीटूट एंड मैनेजमेंट कॉलेज मे गुरुवार को कोरोना महामारी के मद्देनजर 31 मार्च से आइसोलेटेड श्रमिकों को आयुर्वेदिक काढ़ा पिलाया गया। इस मौके पर मावली तहसीलदार रतनलाल कुमावत, मावली के आयुर्वेदाचार्य रमेन्द्र शर्मा, डबोक राजस्व पर्यवेक्षक नाहर सिंह आदि मौजूद रहे। तहसीलदार ने श्रमिको को काढ़े का महत्व बताया। राज्य सरकार के दिशा निर्देशानुसार यहाँ उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड व राजस्थान सहित देहली के 167 श्रमिको को क्यूरेनटाइन कर रखा है।

कोरोन कर्मवीर भाई-बहन नवाचारों के साथ कर रहे है आमजन को प्रेरित आरोग्य सेतु एप के चित्र बनाकर किया लोगों को जागरूक

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उदयपुर, 16 अप्रेल/जिले के सेमारी ब्लॉक के टोकर गांव में कोरोना कर्मवीर के रूप में सेवाएं दे रहे तीन भाई-बहन बरखा शर्मा, हेमलता शर्मा और विशाल शर्मा नित्य नये नवाचारों के साथ आमजन को जागरूक करने के साथ ही युवा पीढ़ी को प्रेरित कर रहे है।

हाल ही में इन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दूसरे लोक डाउन की घोषणा में कोरोना से बचाव व अधिक जानकारी के लिए दी गई आरोग्य सेतु की जानकारी को आमजन तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। इस एप के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं लोगों तक इसकी अधिकाधिक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ये तीनों गांव के प्रमुख क्षेत्रों में इस एप का चित्र बनाकर इसे प्रत्येक मोबाइल में डाउनलोड करने के लिए प्रेरित कर रहे है। उनके इन नवाचारों से हर वर्ग प्रभावित है। ये तीनों स्वयंसेवक अपने क्षेत्र में जागरूकता चित्र बनाकर, हाथ धुलाकर, मास्क बांटकर या जरूरतमंदों की सेवाएं करते हुए मुसीबत की इस घड़ी में प्रेरणा की एक मिसाल बन चुके हैं।

आपात स्थितियों के लिए लाभगढ़ पैलेस के 35 कमरे अधिग्रहित

उदयपुर, 16 अप्रेल/अतिरिक्त जिला कलक्टर ओ.पी.बुनकर के आदेशानुसार आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा में प्रदत्त शक्तियों के तहत आपातकालीन स्थिति में क्यूरेनटाइन कैम्प के लिए शहर के चीरवा घाटा के समीप स्थित होटल लाभगढ़ पैलेस के 35 कमरे मय समस्त संसाधनों सहित अधिग्रहित कर लिये गये हैं।

एसपी की प्रेस ब्रीफिंग मॉडिफाइड लॉकडाउन में कानून व्यवस्था बनाए रखें-एसपी विश्नोई

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उदयपुर, 20 अप्रेल/राज्य सरकार द्वारा जारी संशोधित लॉकडाउन की अवधि में सम्पूर्ण जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने एवं पूर्व की भांति सहयोग करने के संबंध में जिला पुलिस अधीक्षक कैलाश चन्द्र विश्नोई ने सोमवार को प्रेस बीफ्रिंग कर आमजन को घर में रहने व लॉकडाउन के निर्देशों की पालना करने का आह्वान किया।
एसपी विश्नोई ने कहा कि भारत एवं राज्य सरकार के निर्देशानुसार जारी मॉडिफाइड लॉकडाउन के तहत शहरी क्षेत्र यथा नगर निगम, नगर पालिका क्षेत्र को छोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक गतिविधियां, इंडस्ट्रीज है, उन्हें अनुमति दी गई है। इसमें भी साधारणतः सोशल डिस्टेंशिग, मास्क व दस्ताने का उपयोग, बार-बार हाथ धोना, सेनिटाइजेशन आदि का विशेष ध्यान रखना होगा। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सम्पूर्ण जिले में धारा 144 व लॉकडाउन लागू है तो कोई इस भ्रम या गलतफहमी में न रहे कि लॉकडाउन में छूट दी गई है।
मास्क का उपयोग अनिवार्य
दूसरी बात यह है कि सार्वजनिक स्थलों पर मास्क को अनिवार्य कर दिया गया है और मास्क नहीं पहनने पर इसे अपराध मानते हुए प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्यवाही भी की जाएगी। इसके लिए उन्होंने आमजन से आग्रह किया है कि किसी अतिआवश्यक कार्य से घर से बाहर निकलना भी पड़े तो मास्क का प्रयोग अवश्य करें। उन्होंने यह आग्रह भी किया कि लोगों ने अब तक जिस धैर्य व संयम का परिचय दिया है लॉकडाउन अभी भी बरकरार है, आगे भी यह स्थिति बनी रहे। सभी घर में ही रहे और सुरक्षित रहे। उन्होंने शहरवासियों के प्रयासों व सहयोग के लिए आभार जताया और कहा कि किसी भी प्रकार की अवहेलना न हो जिससे पुलिस प्रशासन को मजबूरन कार्यवाही करनी पड़े।  

लाईव रिपोर्ट ..... राहत शिविरों में घर जैसी सुविधाओं से अभिभूत शिविरार्थी उदयपुर में महामारी के बीच बेहतर सुविधाएं देने को प्रतिबद्ध प्रशासन

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उदयपुर, 20 अप्रेल/कोरोना महामारी की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन की ओर से आयोजित राहत शिविर में क्वारेंटाइन रखे गये लोगों को घर जैसी सुविधाएं मिलने से राहत मिल रही है।  शहर से 30 किमी दूर चितौड़गढ़-उदयपुर नेशनल हाइवे स्थित पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय में चल रहे राहत शिविर में संस्थागत रखे गये लोगों को घर जैसा माहौल मिल रहा है व वे परिजनों से दूर होने के दर्द को भूल रहे हैं।  

शिविर स्थल पर युवाओं को अपनी रूचि के अनुसार कार्य सौंपे है जिनमें वे पूरी ऊर्जा के साथ जुटे हुए हैं। कुछ युवा क्रिकेट खेलने में मशगूल दिखाई दे रहे हैं तो युवाओं का एक समूह एक अन्य ईमारत में सिलाई मशीनों पर मास्क बनाने में जुटा हुआ है। दूसरी ओर एक तंबू में रसोइया और कुछ मददगार खाने की तैयारी में लगे दिखाई दे रहे हैं। शिविर में रखे गये लोगों को आलू-टमाटर की सब्जी, उड़द की दाल, चावल और रोटी आदि पौष्टिक भोजन मिल रहा है। जिला कलक्टर श्रीमती आनदंी के निर्देशानुसार वल्लभनगर एसडीएम शैलेश सुराणा यहां शिविरार्थियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए डटे हुए हैं। वे स्वयं मौके पर रहकर संस्थागत रखे गये लोगों को सहयोग कर रहे हैं।
800 लोगों के लिए सभी सुविधाएं:
कुल 800 लोगों को संस्थागत क्वारेंटाईन के रूप में लोगों को यहां रखना और उनकी व्यवस्थाएं करना दुष्कर है परंतु प्रशासन इन्हें यह सुविधाएं पूरी शिद्दत से उपलब्ध करा रहा है। ये लोग उत्तर प्रदेश और बिहार से आए प्रवासी श्रमिक हैं, जो अहमदाबाद और गुजरात के अन्य शहरों से यहां तक पहुंचे हैं। इन लोगों के सुस्वास्थ्य के लिए यहां चिकित्सा की भी माकूल सुविधा की गई है। यहां सुबह और दोपहर में ओपीडी के रोगियों की स्वास्थ्य जांच की जाती है एवं ऐलोपेथिक व आयुर्वेदिक दोनों उपचार किए जा रहे हैं।
प्रशासन ने प्रत्येक व्यक्ति को टूथब्रश-पेस्ट, साबुन, कपड़े धोने का साबुन, तौलिया इत्यादि के किट वितरित किए है। प्रत्येक कमरे में बिस्तर और स्वच्छ और सुरक्षित कॉमन टॉयलेट हैं। लोगों को नाश्ता, दो टाइम चाय, दोपहर का भोजन और रात के खाने के लिए परोसा जाता है और कई बार इन्हें लिए हलवा और पूड़ी का विशेष भोजन भी उपलब्ध कराया है।
इनके लिए दैनिक योग सत्र की व्यवस्था की गई है जिसमें तीन विशेषज्ञ सुबह 7 बजे कक्षाएं आयोजित करते हैं। दो महिला परामर्शदाता भी रोजाना शाम को महिलाओं के लिए भिन्न-भिन्न कार्यक्रम आयोजित करते हैं। यहां पर राजस्व निरीक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह की सेवाएं भी सराहनीय है।
खेल और मनोरंजन की माकूल व्यवस्था:
शिविर स्थल में शिक्षा विभाग के कर्मचारी, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पटवारी और पुलिसकर्मी ड्यूटी है। शिविर स्थल पर लोगों के  मनोरंजन के लिए भी एक कमरा और समय निर्धारित है जहां रोजाना रामायण, महाभारत और विक्रम-बेताल जैसे धारावाहिक देखने के लिए इकट्ठा होते हैं। बच्चों को खिलौने दिए गए हैं और उन्हें मैदान में खेलने की अनुमति भी दी गई है। बच्चों को दिन में दो बार दूध एवं फल व बिस्कुट दिए जाते है। वहां सेवा दे रहे तहसीलदार ने बताया कि जल्द ही इन्हें बटर मिल्क भी दिया जाएगा। प्रशासन इनकी सुरक्षा के लिए सतत प्रयासरत है।
गर्भवती महिलाओं को उचित देखभाल:  
इस राहत शिविर 8 गर्भवती महिलाओं की उचित देखभाल की जा रही है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा गर्भवती महिलाओं को विशेष आहार और फल वितरित किए जा रहे है। यहां रह रही शारदा ने बताया कि किसी भी क्षण बच्चा होने की उम्मीद है, लेकिन मैं चाहती हूं कि हम जल्द से जल्द घर लौट जाए। उदयपुर कलक्टर आनंदी ने शहर के एक 5 सितारा होटल में पूरे महीने गर्भवती महिलाओं के ठहरने की व्यवस्था की है और इस आधार पर शारदा को भी दो दिन पहले ही होटल में स्थानांतरित किया गया था। लेकिन वह अगले दिन वापस लौट आईं। शारदा ने बताया कि इतनी शानदार जगह मैंने अपने जीवन में कभी देखी। था लेकिन मैं अपने पति और दोस्तों के साथ यहाँ रहना चाहती थी इसलिए वो वापस आ गई। राहत शिविर में आवासरत सीमा भी यहां की व्यवस्थाओं से खुश है। यहां पर महिलाओं के लिए साडि़यों तथा छोटे बच्चों वाले परिवारों को डायपर की व्यवस्था की गई है। संस्थागत लोगों का कहना है कि हमें वह सब कुछ मिल रहा है जो घर में भी नहीं मिलता है।

आयुर्वेद विभाग की पहल कोरोना कर्मवीरों के लिए शहर से गांव तक विशेष काढ़ा वितरित

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उदयपुर, 20 अप्रेल/कोरोना महामारी के दौरान जारी लॉकडाउन की अवधि सम्पूर्ण जिले भर मे सेवाएं दे रहे कोरोना कर्मवीर की सुरक्षा के लिए आयुर्वेद विभाग द्वारा विशेष काढ़ा तैयार कर शहर से गांव तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. शोभालाल औदिच्य ने बताया कि योग एवं आयुर्वेद टीम द्वारा कुल 13 हजार से अधिक व्यक्तियों के लिए काढ़ा तैयार कर पैकेट्स बनाए गए। आयुर्वेद विभाग के विभिन्न अधिकारियों व योग प्रशिक्षकों के माध्यम से यह पैकेेट्स उदयपुर शहर सहित जिले के सभी ब्लॉक्स में पहुंचाए जा चुके है।
आयुर्वेद उपनिदेशक डॉ. गिरिजा शंकर जोशी ने बताया कि संबंधित ब्लॉक्स के नोडल अधिकारी एवं आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग स्टाफ द्वारा यह पैकेट्स वितरित किए जा चुके है। संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को सुपुर्द किए गए यह पैकेट्स सेवारत कोराना कर्मवीर तक पहुंचाने का कार्य जारी है।
सहायक निदेशक राजीव भट्ट ने बताया कि विभिन्न आयुर्वेद जड़ी बूटियों और औषधियों से निर्मित विशेष काढ़े के प्रत्येक पैकेट में 100 ग्राम काढ़ा सामग्री व तैयार करने की विधि भी अंकित की है।
आमजन भी ले सकता है लाभ:
डॉ. औदिच्य ने बताया कि कोरोना कर्मवीरों के अतिरिक्त आमजन भी इस काढ़े का सेवन कर स्वास्थ्य लाभ ले सकते है। यह काढ़ा नजदीकी औषधालय में निःशुल्क उपलब्ध रहेगा जो व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में कारगर है।

आपातकालीन स्थिति के लिए महावीर साधना स्वाध्याय केन्द्र के 20 कमरे अधिग्रहित

उदयपुर, 20 अप्रेल/जिला कलक्टर श्रीमती आनन्दी के आदेशानुसार आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आपातकालीन स्थिति में क्यूरेनटाइन कैम्प के लिए शहर के अंबामाता पुलिस स्टेशन के सामने स्थित महावीर साधना स्वाध्याय केन्द्र के 20 कमरे अधिग्रहित किए गए हैं। इसके लिए अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी विजय सारस्वत को प्रभारी नियुक्त किया गया है।

विश्व विरासत दिवस पर ऑनलाइन पेन्टिंग प्रतियोगिता

उदयपुर, 20 अप्रेल/विश्व विरासत दिवस के मौके पर विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है ताकि विरासत, संस्कृति तथा संरक्षण के प्रति भावी पीढ़ीयों में शाश्वत मूूल्यों को पुष्पित-पल्गवित किया जा सके। इस वर्ष की निर्धारित थीम के तीन आयाम है-साझी संस्कृति, साझी विरासत एवं साझी उत्तरदायित्व की भावना।

चेप्टर के संयोजक डॉ बी. पी. भटनागर के अनुसार इस वर्ष तकनीक के माध्यम से ऑनलाइन पेन्टिग प्रतियोगिता की रुपरेखा बनाई जिसमें सेन्ट्रल पब्लिक स्कूल, सेन्ट्रल एकेडमी, विद्या भवन पब्लिक स्कूल, रॉकवुड विद्यालय, सिडलिंग स्कूल, सेन्ट एन्थोनी तथा जीडी गोइन्का विद्यालय के चयनित छात्रों ने संबंधित विषय पर पेंटिग बनाकर ईमेल से प्रेषित की। उन्होंने बताया कि प्रत्येक विद्यालय में प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले व चेप्टर स्तर पर प्रथम दो विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाएगा।

आगामी कुछ माह श्रेष्ठ मुहुर्त एवं सावे नहीं
नवंबर माह तक विवाह इत्यादि मांगलिक कार्यक्रम टालने की सलाह



उदयपुर, 20 अप्रेल/कोरोना महामारी के संक्रमण की स्थितियों में लोगों का एकत्र होना इस महामारी को दावत देने जैसा है वहीं दूसरी ओर उदयपुर जिले के विभिन्न ज्योतिषियों एवं कर्मकांडी पंडितों ने भी आगामी नवंबर माह तक श्रेष्ठ मुहुर्त नहीं होने के कारण विवाह इत्यादि मांगलिक कार्य को स्थगित रखने की सलाह दी गई है। इधर, जिला प्रशासन की ओर से अतिरिक्त जिला कलक्टर ओ.पी. बुनकर ने भी वर्तमान स्थितियों को देखते हुए जिलेवासियों से आगामी माहों में होने वाले विवाहों को टालने का आह्वान किया है।
ये है पंडितों की राय:
पंडित पवन कुमार सुखवाल के अनुसार वर्तमान मे ग्रहों की चाल व उदय-अस्त एवं साथ ही खलाबल के अनुसार इस वर्ष विवाह हेतु 25 नवंबर से पूर्व का समय ग्रहों की गणना व दोष पूर्ण होने से उपयुक्त नहीं माना गया है। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई से 25 नवंबर 2020 तक देवशयन दोष तथा अधिक मास दोष के कारण 17 सितंबर से 16 अक्टूबर, 2020 तक विवाह आदि शुभ कार्य वर्जित हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 25 नवंबर एवं उसके बाद ही विवाह-इत्यादि मांगलिक कार्य करना ही उचित होगा।
पंडित विजय शर्मा के अनुसार 14 मई से मकर राशि में गुरु वक्री होकर 29 जून को धनु राशि में प्रवेश करेगा। 15 जुलाई को देवशयनी एकादशी है और इस दिन देव सो जाते है। इसके साथ ही चातुर्मास लगने से अगले चार माह तक विवाह नहीं हो सकेंगे। फिलहाल 15 जुलाई से 16 नवंबर तक विवाह योग नहीं बन रहे है और इससे पहले ग्रहों के योग अनुकूल नहीं होने से विवाह करना अनुचित होगा।
नक्षत्र संस्थान के ज्योतिष व संरक्षक पंडित निरंजन भट्ट, अध्यक्ष डॉ. भगवती शंकर व्यास व संभाग मुख्यालय पर स्थित राजकीय महाराणा आचार्य संस्कृत कॉलेज चांदपोल के सह आचार्य डॉ. महामाया प्रसाद चौबीसा के अनुसार शनि-गुरू के निर्बल होने व मूल में केतु के कारण विवाह योग्य जातकों के लिए इस समय विवाह करना दाम्पत्य के लिए सुखकारक नहीं होगा। कर्मान्तरी पं. लोकेश ने बताया कि महामारी के योग में विवाह व दाम्पत्य को अतिचारी गुरु के कारण ठीक नहीं माना गया है। गुरु का 30 जून को वक्री होकर धनु में प्रवेश और दिनांक 21 जून को कंकणाकृति सूर्य ग्रहण होना भी शुभ संकेत नही है।
विभिन्न पंडितों की ज्योतिषी गणना के अनुसार सूर्य नक्षत्र से अगर कोई ग्रह 5 वां हो तो  विद्युत दोष होना बताया गया है, जो पुत्र नाश करता है। वहीं आठवां नक्षत्र हो तो शूल दोष होता है, जो पति का नाश करता है। इसी प्रकार 14 नक्षत्र हो तो शनिपात दोष होता है, जो वंश का नाश करता है। 18 वां नक्षत्र हो तो केतु दोष होता है, जो देवर का नाश करता है। इसी प्रकार 19 वां नक्षत्र हो तो उल्का दोष होता है, जो धन का नाश करता है। 22 वां नक्षत्र हो तो निधति दोष होता है, जो भाई का नाश करता है। 23 वां नक्षत्र हो तो कम्प दोष होता है, जो नित्य कम्पाता है। 25 वां नक्षत्र हो तो वज्र दोष होता है, जो स्त्री-पुरुष को व्यभिचार की तरफ धकेलता है। अभी गुरु व शनि दोनों ही 23 वे नक्षत्र पर चल रहे है, कम्प दोष बनता है। ग्रह- नक्षत्रों की इस स्थिति को देखते हुए विवाह इत्यादि मांगलिक कार्यों को अभी फिलहाल टालना ही उचित होगा।

कोरोना पीडितों के लिए मालपीय लौहार समाज के
नवयुवकों ने दी 35 हजार की सहायता राशि

 

उदयपुर, 20 अप्रेल/वैश्विक महामारी कोरोना से पीडि़त लोगों की सहायता के लिए उदयपुर के मालवीय लोहार समाज समिति के नवयुवकों द्वारा 35 हजार रुपये की सहायता राशि का चेक सोमवार को जिला कलेक्टर श्रीमती आनंदी को सौंपा गया। यह सहायता राशि नवयुवक मंडल के राजीव लोहार लोकेश लोहार आशीष लोहार पंकज लोहार ललित लोहार आदि द्वारा एकत्रित की गई।

तिब्बती मार्केट एसोसियेशन ने सौंपा चैक

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उदयपुर, 20 अप्रेल/कोरोना महामारी को देखते हुए तिब्बती मार्केट एसोसिएशन उदयपुर द्वारा सोमवार को 1 लाख 11 हजार 111 रुपए की राशि का चेक जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी को सौंपा।
तिब्बती मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष शाओ डॉनडुप ने कहां कि इस महामारी को देखते हुए हमारी एसोसिएशन का फर्ज है कि हम भी इसमें प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कलक्टर को बताया कि वर्ष 1971 से ही वे देश की सेवा करते आ रहे हैं। उनके बहुत से लोग सेना में भी रह चुके हैं। करीब 3 वर्ष पूर्व उदयपुर के गरीब आदिवासियों को 20 लाख रुपये के कपड़े भी बांटे थे।  

जिला कलेक्ट्रेट परिसर में लगाया थर्मल स्केनर

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उदयपुर, 20 अप्रेल/कोरोना से बचाव व रोकथाम को लेकर राज्य सरकार द्वारा दिए निर्देशों के अनुसार समस्त सरकारी कार्यालयों में थर्मल स्केनर लगाया जाना जरूरी है। इसी प्रावधानों की अनुपालना में जिला कलेक्ट्रेट परिसर में थर्मल स्केनर लगाया गया है। अतिरिक्त कलक्टर (प्रशासन) ओ.पी. बुनकर ने बताया कि कलक्ट्रेट के कक्ष नंबर 125 के बाहर स्थापित थर्मल स्केनर की कार्यप्रणाली भी अंकित की गई है। इसके अनुसार संबंधित व्यक्ति वहां फर्श पर अंकित मार्क पर खड़े होकर 2 से 5 सैकण्ड तक कैमरे की तरफ देखगा। कैमरे में देखने पर व्यक्ति का तापमान यदि 37.2 डि.से. अथवा इससे अधिक आता है तो व्यक्ति को तुरन्त चिकित्सकीय परामर्श लेना होगा। इससे कम आने पर व्यक्ति गंतव्य को जा सकता है। इसका रिकॉर्ड संधारण भी किया जा रहा है।

25 अप्रेल से गेहूं, चना व सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीद की तैयारियां
किसानों को ईमित्र पर करवाना होगा रजिस्ट्रेशन

उदयपुर, 21 अप्रेल/जिला प्रशासन के निर्देशानुसार रबी फसल में गेहूं, चना व सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीद को लेकर जिले में सहकारिता विभाग व राजफेड द्वारा तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं।
अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय कुमार ने बताया कि जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी द्वारा अनुमोदित 45 खरीद केन्द्रों पर 25 अप्रेल से सरकारी खरीद की तैयारियां की जा रही हैं। किसानों को इसके लिए ईमित्र पर अपना पंजीयन करवाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि खरीद ऐजेंसी एफसीआई, राजफैड को समस्त खरीद केन्द्रों पर फसल खरीद की तैयारियों, खरीद के समय व्यवस्थाएं, क्रय की गई फसल का उठाव, फसल की सुरक्षा व भुगतान से संबंधित निर्देश दिए गए हैं।
इधर, समस्त एसडीएम व तहसीलदार को इस बात का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं कि किसान को गिरदावरी व जमाबंदी देने में कोई अनावश्यक विलंब न हो। फसल खरीद से पूर्व पर्याप्त बारदाना, अतिरिक्त श्रमिक तथा परिवहन के लिए ट्रकों की व्यवस्था करनी होगी। इस दौरान कृषि विभाग के अधिकारी व पर्यवेक्षक पर्याप्त मात्रा में खरीद केंद्रों पर उपस्थित रहेंगे तथा मंडी सचिवों को जिंस खरीद में सहयोग करेंगे।  उन्होंने बताया कि केन्द्रों पर फलेक्स लगाए जाएं, जिन पर खरीद केंद्र का नाम, खरीद कार्य में लगे अधिकारियों, कर्मचारियों के नाम व मोबाइल नंबर अंकित किए जाएं। खरीद की गई जिंस पर लोट नंबर व तिथि अंकित की जाए।  
प्रतिदिन की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश:
जिले में रबी विपणन वर्ष 2020-21 के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाने वाली गेहूं खरीद के संबंध में ऐजेंसियों की ओर से प्रतिदिन क्रय की गई गेहूं के लिए किसानों के रजिस्ट्रेशन की संख्या की रियल टाइम रिपोर्ट केंद्रवार तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने खरीद ऐजेंसियों को खरीद केंद्रों पर खरीद के लिए अनुभवी व प्रशिक्षित स्टाफ की नियुक्ति करने, केंद्रवार प्रतिनिधियों की सूची मोबाइल नंबर सहित संबंधित एसडीएम व मंडी प्रशासन को उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। खरीद केंद्रों पर क्वालिटी रिजेक्शन रजिस्टर का संधारण भी किया जायेगा, जिसमें रिजेक्ट किए गए गेहूं का स्पष्ट कारण अंकित किया जाएगा।

45 खरीद केंद्र बनाए गए:
रबी फसल में गेहूं, चना व सरसों को समर्थन मूल्य पर खरीद करने के लिये नवानिया, सारंगपुरा, गणेश, चारभुजा (तारावट व खेरोदा) कानोड, आसना, सिंधु, जैवणा, इंटाली, मादड़ी, घासा, उदयपुर केवीएसएस, पई, साकरोदा, जगत, मदार, लोसिंग, भागपुरा, गोगला, ओगणा, कोल्यारी, बदराणा, गणेश (गोगुन्दा), वास, पानेर, सायरा, भानपुरा, मामेर, क्यारी, सराड़ा, झाड़ोल, सेमारी, मालपुर, बस्सी, ऋषभदेव, आडीवली, खेरवाड़ा, कालीभीत, कोटड़ा, गोगुन्दा, झाड़ोल, भीण्डर एवं फतहनगर खरीद केंद्र हैं।

इस तरह होगा पंजीयन:
सहकारिता विभाग के उप पंजीयक जयदेव देवल ने बताया कि खरीद के लिए किसान को ई-मित्र के माध्यम से अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। ई-मित्र पर रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद किसान के पास एक मैसेज आएगा कि निर्धारित तिथि को उसे गेहंू लेकर अमुक सेन्टर पर पहुंचना है। रजिस्ट्रेशन के लिए उसे भामाशाह कार्ड, जनआधार कार्ड, आधार कार्ड, बैंक की पास बुक, ऑरिजनल गिरदावरी आदि लाना आवश्यक होगा। वो गिरदावरी स्केन होकर अपलोड होगी।

यह रहेगा समर्थन मूल्य:
उप पंजीयक देवल ने बताया कि इस प्रक्रिया के दौरान गेहूं, का समर्थन मूल्य 1925 रुपये, चने का 4875 व सरसों का 4450 रुपये निर्धारित किया गया है।

बिना चिकित्सक की पर्ची के खांसी-जुकाम की दवा नहीं दे सकेंगे दवा विक्रेता


उदयपुर, 21 अप्रेल। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार प्रदेश में किसी भी केमिस्ट या दवा विक्रेता को बिना चिकित्सक की पर्ची के सामान्य सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार दवाईयां उपलब्ध नहीं कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि राज्य स्तर से प्राप्त निर्देशों के अनुसार फ्लू व कोरोना संक्रमण के शुरुआती लक्षण (खांसी, जुकाम, गले में खराश एवं बुखार) प्रथम दृष्ट्यिा एक समान हैं। राज्य सरकार के सामने यह बात आई है कि वर्तमान हालात में सामाजिक अलगाव की आशंका, कोरोना संक्रमण के बारे में भ्रांति व कोरोना संक्रमण की जांच के प्रति झिझक के चलते इन लक्षणों से प्रभावित कुछ व्यक्ति चिकित्सा संस्थानों में ना जाकर आसपास के दवा विक्रेताओं से प्राथमिक उपचार की दवाएं बिना चिकित्सकीय परामर्श के ले रहे हैं। ऐसे में व्यक्तियों के चिकित्सा संस्थानों तक नहीं पहुंचने के कारण उनका डाटा संधारण व कोरोना संक्रमण की जांच नहीं हो पा रही हैं।
उन्होंने बताया कि दवा विक्रेता ऐसे व्यक्ति का नाम-पता और टेलीफोन नंबर लेकर औषधि नियंत्रक अधिकारी या चिकित्सा संस्थान के प्रभारी को तुरंत सूचित करें। उन्होंने सभी औषधी नियंत्रक अधिकारी या चिकित्सा संस्थान के प्रभारियों को भी यह सूचना प्रतिदिन अपने जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं ताकि विभाग की टीम द्वारा ऐसे व्यक्तियों से संपर्क कर स्क्रीनिंग और जांच आदि की कार्यवाही की जा सके।

रैपिड रिस्पांस टीम के साथ घर-घर सर्वे व सहयोग कर रही आयुष टीम

 

उदयपुर, 21 अप्रेल/राजस्थान सरकार के दिशा-निर्देशानुसार इस महामारी से लड़ने के लिए आयुष विभाग पूरी तरह से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को सहयोग दे रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दिनेश खराड़ी के निर्देशन में आयुष टीम इंचार्ज डॉ. एस. एल.बामनिया, डॉ. विकास मीणा, डॉ वैभव सहित आयुष विभाग के चिकित्सक, नर्स, कंपाउंडर आदि अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आयुष विभाग की टीम रैपिड रिस्पांस टीम के साथ घर-घर सर्वे कार्य एवं ओपीडी में  सहयोग कर रही है।
आयुष वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. शोभालाल औदीच्य, डॉ. गोपाल शर्मा, डॉ.अनुपमा गुप्ता, डॉ.मेहराज डायर, डॉ. सरोज मेनारिया, डॉ. भावना चौधरी, डॉ. अतुल कुमार शर्मा, डॉ. महेश गुप्ता, डॉ. आशा पानेरी, डॉ. विजय शुक्ल, डॉ. बीना गुप्ता, होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ हारून रशीद, डॉ. डी.के. वर्मा, डॉ. असमा खान, डॉ. लता शर्मा, डॉ गुंजन भट्ट, डॉ. चेतना चौधरी, डॉ. लवीना सामर, यूनानी चिकित्सक डॉ. अदीबा परवीन, डॉ.ज्योति कुलकर्णी, नर्स कम्पाउण्डर पारसिंह रावत, अमृतलाल, परमार नर्स गीता डागा, नर्स मोना जीनगर, प्रदीप कुमार, भूपेंद्र कुमार, शंकर लाल खराड़ी, हितेश कुमार चौबीसा, दिनेश कुमार पानेरी, भरत कुमार मीणा, मांगी लाल गमेती अर्जुन लाल परमार, रूपलाल मीणा, कंचन कुमार डामोर की सेवाएं निरंतर 29 मार्च से चिकित्सा विभाग द्वारा ली जा रही है।

आएनटी मेडिकल कॉलेज में विधायक मद से आएंगे 3 वेन्टिलेटर
4 विधायकों ने दी 44.50 लाख रुपये की स्वीकृति


उदयपुर, 23 अप्रेल/कोरोना महामारी से उत्पन्न स्थिति में निपटने के लिए उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज में 3 वेन्टिलेटर क्रय करने के लिए जिले के चार विधायकों ने अपने विधायक कोष से 44.50 लाख रुपये की सहायता राशि की स्वीकृति के लिए अनुशंसा की है।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमर चौधरी ने बताया कि इसके लिए उदयपुर शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया ने 20.50 लाख रुपये तथा उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, मावली विधायक दलीचंद डांगी व सलूंबर विधायक अमृतलाल मीणा के विधायक मद से 8-8 लाख रुपये की स्वीकृति जारी की है। उन्होंने बताया कि इस कार्य को 15 दिनों में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

25 अप्रेल से शुरू होगा गेहंू उपार्जन कार्य
कलक्टर ने सभी उपखण्ड अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश


उदयपुर, 23 अप्रेल/ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के दिशा-निर्देशानुसार जिले में 25 अप्रेल से गेहंू की सरकारी खरीद का कार्य प्रारम्भ किया जायेगा।
जिला कलक्टर श्रीमती आनन्दी ने इस संबंध में समस्त उपखण्ड अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए हैं।
इन निर्देशों के तहत रबी विपणन वर्ष 2020-21 में गेहंू उपार्जन के क्रय केन्द्रों को संबंधित ग्राम पंचायत के साथ मैप करेंगे। क्रय केन्द्र की क्रय क्षमता व व्यवस्था एवं सोशल डिस्टेंसिंग को देखते हुए किसानों को टोकन जारी करने हेतु संबंधित उपखण्ड अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि पटवारी के माध्यम से दस्तावेज संबंधी समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर व्यवस्थित रूप से समय पर टोकन जारी हो।  
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि क्रय केन्द्रों का 10 दिन बाद रिव्यू करें, यदि किन्ही खरीद केन्द्रों को मर्ज किया जाना है या बन्द किया जाना है तो अपने स्तर पर आवश्यक कार्यवाही कर सूचना भिजवाना सुनिश्चित करेंगे। किसानों को टोकन जारी हो चुके है, तो पुराने टोकन वाले किसानों को नये सिरे से टोकन जारी करें अथवा आवश्यकता हो तो इन्हें नये क्रय केन्द्र भी दिये जा सकते है।
उन्होंने कहा है कि पुराने जारी किये हुए टोकन को खरीद प्रक्रिया के प्रथम चरण में ही प्राथमिकता से समायोजित करें साथ ही मण्डी अथवा क्रय केन्द्र पर ट्रक/ट्रोली में एक ड्राइवर व उसके साथ एक किसान ही आये यह सुनिश्चित करें।
कलक्टर ने कहा है कि मण्डियों व क्रय केन्द्रों की श्रेणी व कार्यशैली के आधार पर आढ़तियों की निश्चित संख्या में उपस्थिति के लिए समय तय करें। कोविड-19 महामारी के प्रसार को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग एवं चिकित्सा विभाग द्वारा जारी अन्य प्रोटोकॉल की नियमित पालना करवाई जावें एवं क्रय केन्द्रों पर तिरपाल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें।

बीओबीे रिटायर्ड ऑफिसर्स एसोसिएशन ने दिए 1 लाख 31 हजार रुपये

उदयपुर, 23 अप्रेल/ बैंक ऑफ बड़ौदा के रिटायर्ड ऑफिसर्स एसोसिएशन उदयपुर यूनिट की ओर से कोरोना महामारी के सेवाएं दे रहे कोरोना कर्मवीरों के लिए आवश्यक मास्क उपलब्ध कराने एवं जरूरतंमंदों की सहायतार्थ 1 लाख 31 हजार की सहायता राशि का चैक जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमर चौधरी को सौपा है।
एसोसिएशन के अंचल अध्यक्ष प्रकाश जैन ने बताया कि इस यूनिट के 50 सदस्यों ने यह राशि एकत्र कर राहत कोष में जमा करवाने हेतु राशि का चैक जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमर चौधरी को सौंपा है। इस अवसर पर उप सचिव डालचंद सिंघवी, विपिन पारीख, आर.एल. मेहता, लेखाधिकारी अनुज पारिख आदि  उपस्थित थे।

उदयपुर के मीडियाकर्मियोंकी कोरोना जांच 25 अप्रेल को

उदयपुर, 23 अप्रेल/राज्य सरकार के निर्देशानुसार उदयपुर के समस्त मीडियाकर्मियों की कोरोना जांच का शनिवार 25 अप्रेल को मोहता पार्क स्थित सूचना केन्द्र में की जाएगी।  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि इस जांच कार्यक्रम के तहत सूचना केन्द्र सभागार में दोपहर 12 बजे से विभागीय जांच दल द्वारा सभी मीडियाकर्मियों के सेम्पल लिये जाएंगे व आरएनटी की लेब में इसकी जांच की जाएगी।
सूचना एवं जनसम्पर्क उपनिदेशक डॉ. कमलेश शर्मा ने बताया कि सोशल डिस्टेंसींग का ध्यान रखने के उद्देश्य से मीडियाकर्मियों को अंग्रेजी वर्णमाला के अनुसार निर्धारित क्रम में अलग-अलग समय पर सूचना केन्द्र पर मास्क पहन कर उपस्थित रहना होगा। इस क्रम के अनुसार ए से एच अक्षर से प्रारंभ नाम वाले मीडियाकर्मी दोपहर 12 बजे, आई से पी अक्षर से प्रारंभ नाम वाले दोपहर 1 बजे तथा क्यू से जेड अक्षर से प्रारंभ नाम वाले मीडियाकर्मी दोपहर 2 बजे उपस्थित होेंगे।

राशन वितरण में अनियमितता पर डीलर के विरुद्ध एक और एआईआर दर्ज

उदयपुर, 23 अप्रेल/कोरोना महामारी से बचाव के लिए लॉकडाउन अवधि दौरान राशन वितरण में फर्जीवाड़े एवं लगातार अनियमितता बरतने पर शहर के एक राशन डिलर के एक और विरूद्ध एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
जिला रसद अधिकारी ज्योति ककवानी ने बताया कि शहर के वार्ड 14 के राशन डिलर रमेश कटारा के विरूद्ध क्षेत्रवासियों ने राशन वितरण में फर्जीवाड़ा करने, कुछ उपभोक्ताओं को मार्च व अप्रेल माह में केवल एक ही माह का गेहंू देने तथा कुछ परिवारों को दोनों माह से वंचित रखने, पॉस मशीन का दुरूपयोग करने संबंधी शिकायतें प्राप्त हुई।
इस शिकायतों पर रसद विभाग की टीम द्वारा जांच के दौरान उपभोक्ता अतीक अहमद, श्रीमती शानू बेगम, इकबाल, शहनाज परवीर, शफीक अहमद व आजाद शेख ने बताया कि राशन डीलर ने मार्च-अप्रेल माह की अवधि में एक ही माह का गेहंू दिया है। डीलर ने निजी लाभ कमाने के लिए पॉस मशीन में ट्रांजेक्शन कर गेहूं का दुरूपयोग भी किया है। जांच में यह भी पाया गया कि राशन डीलर ने 48 राशन कार्ड जो जिले की अन्य उचित मूल्य दुकानों पर मैप है उन राशनकार्डों के भी कालाबाजरी की नियत से अवैध ट्रांजेक्शन किए है।
इन सभी अनियमितओं के कारण भारतीय दण्ड संहिता एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्यवाही करते हुए राशन डीलर के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई है।
पूर्व मंे भी इसी राशन डिलर पर दर्ज हुई थी एफआईआर:
इससे पूर्व भी राशन डीलर कटारा पर फर्जी तरीके से जोधपुर की शेरगढ़ तहसील और बांसवाड़ा के बागीदौरा के उपभोक्ताओं के राशन कार्डों पर बिना ओटीपी के अपनी दुकान की पोस मशीन से ट्रांजेक्शन का दोषी पाए जाने पर उसको निलंबित करते हुए उसके विरूद्ध एफआईआर दर्ज करवाई गई थी।

 जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर की पहल

विचाराधीन बंदीगण सेे बिना किसी अधिवक्ता की मदद से दाखिल किये जमानत प्रार्थना पत्र
न कोई बहस न कोई दलील, 60 बंदियों की जमानत अर्जी न्यायालयों ने की स्वीकार ।
उदयपुर, 23 अप्रेल/लोकडाउन के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर ने जेल में बंदियो से बिना बहस व दलील के जमानत प्रार्थना पत्र भरवाएं और 60 बंदियों की जमानत अर्जी न्यायालयों ने  स्वीकार की ।  
श्रीमती रिद्धिमा शर्मा अपर जिला एवं सैशन न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर ने 241 जेल बंदियों एवं विधि से संघर्षरत बालकों की बिना किसी अधिवक्ता के जमानत अर्जी पेश करवाई और इस आधार पर न्यायालयों ने भी 60 प्रार्थना पत्र स्वीकार किए ।  
शर्मा ने बताया कि माननीय सदस्य सचिव, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर से प्राप्त निर्देशों के क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर द्वारा केन्द्रीय कारागृह एवं उपकारागृह मावली, झाडोल, कोटडा, कानोड, सलूम्बर में 7 साल तक की सजा में निरूद्ध विचाराधीन बंदीगण से 437 दण्ड प्रक्रिया सहिता के 191 जमानत आवेदन पत्र एक निर्धारित प्रारूप में भरवाए गए । इसके अतिरिक्त बाल सप्रेषण गृह में निरूद्ध 50 विधि से सघर्षरत बालकों के भी जमानत प्रार्थना पत्र तैयार करवाए गए हैं ।
 उन्होंने बताया कि रालसा जयपुर के निर्देशों के क्रम में केन्द्रीय कारागृह उदयपुर एवं उपकारागृहों में 7 साल तक की सजा वाले अपराधों में निरूद्ध विचाराधीन बंदीगण से  437 दण्ड प्रक्रिया सहिता के तहत कुल 191 प्रार्थना पत्र भरवाए गए। बिना अधिवक्ता की सहायता से जमानत प्रार्थना पत्रों को उदयपुर मुख्यालय एवं तालुका मावली, वल्लभनगर, भीण्डर, कानोड, सराडा, सलुम्बर, खैरवाडा, झाडोल, गोगुन्दा, कोटडा के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया । न्यायालयों द्वारा बिना किसी बहस एवं दलील के कुल 191 जमानत के प्रार्थना पत्रों में से 42 बंदीगण की जमानत अर्जी को बिना किसी बहस एवं दलील के स्वीकार कर लिया गया ।
इसके अतिरिक्त बाल संप्रेषण गृह में निरूद्ध विधि से सघर्षरत 50  बालको के जमानत प्रार्थना पत्र भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर द्वारा तैयार करवाए जाकर उदयपुर मुख्यालय स्थित न्यायालयो में प्रस्तुत किये गए । विधि से सघर्षरत बालको के सर्वोतम हित को देखते हुए न्यायालयांे द्वारा 18 नाबालिग बालको की जमानत अर्जी को बिना किसी बहस एवं बिना किसी दलील के स्वीकार करते हुए जमानत दी गई ।
श्रीमती रिद्धिमा शर्मा ने यह भी बताया कि कुल 154 बंदियों की जमानत विभिन्न न्यायालयों द्वारा खारीच कर दी गई थी । ऐसे बंदी जिनके प्रार्थना पत्र विभिन्न न्यायालयों द्वारा खारीज कर दिये गए थे उन बंदीगण से दण्ड प्रक्रिया सहिता की धारा 439 के प्रार्थना पत्र भरवाए जाकर अपर जिला एव सेशन न्यायालयों के समक्ष प्रस्तुत किये गए । कुल 154 पुनः जमानत अर्जी के प्रार्थना पत्रों में से 56 आवेदन पत्र 439 दण्ड प्रक्रिया सहिता के स्वीकार किये गए ।
हेल्पलाईन नंबर शुरू :
श्रीमती रिद्धिमा शर्मा ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उदयपुर द्वारा विधिक सहायता एवं अन्य सहायता हेतु फ्रंट ऑफिस हेल्प लाईन नम्बर 8306002022 शुरू किया है । आमजन से अपील की जाती है कि किसी भी व्यक्ति को विधिक सहायता या अधिवक्ता की सेवाओं की आवश्यकता हो तो वे हेल्पलाईन नम्बर पर फोन कर सकते हैं ।

कलक्टर ने किया खेरवाड़ा व बार्डर एरिया का दौरा
अन्य राज्यों से आ रहे स्थानीय लोगों के लिए व्यवस्थाओं का लिया जायजा

 

उदयपुर, 26 अप्रेल/लॉकडाउन दौरान अन्य राज्यों से परमिट लेकर स्थानीय लोगों के लौटने की स्थितियों को देखते हुए जिला कलक्टर श्रीमती आनन्दी ने रविवार को पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ खेरवाड़ा व बार्डर एरिया का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने खेरवाड़ा चैक पोस्ट का निरीक्षण किया और अन्य राज्यों से आने वाले लोगों के पंजीकरण, कोरोना से बचाव व रोकथाम को लेकर कड़े इंतजाम के निर्देश दिए है।
कलक्टर ने चैक पोस्ट पर तैनात पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों तथा कार्मिकों से अब तक की गई कार्यवाही के बारे में पूछा एवं रिकॉर्ड रजिस्टर जांचा। उन्होंने समस्त आगन्तुकों के पूर्ण पंजीकरण, जिसमें नाम, पता, मोबाइल नंबर आदि अंकित हो, के संबंध में महत्त्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने निजी वाहनों से भी पहुंचने वाले व्यक्तियों की जानकारी अंकित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपखण्ड स्तरीय अधिकारियों को मोहल्लों व गांवों में सुदृढ़ सूचना तंत्र विकसित करने को कहा ताकि कोई भी व्यक्ति यदि अपने निजी साधन से यदि घर पहुंचता है तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को प्राप्त हो तथा इससे यह सुनिश्चित हो सके कि ऐसे व्यक्ति आगामी 14 दिनों तक क्वारेंटाइन में रहे।
इस दौरान कलक्टर ने वहां आसपास के क्षेत्रों का भी दौरा किया और स्कूल तथा अन्य भवनों का भी निरीक्षण किया व यहां पर प्रवासी राजस्थानियों को क्वारेंटाईन में रखने के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। इस मौके पर अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ओ.पी.बुनकर सहित पुलिस एवं स्थानीय अधिकारी मौजूद थे।

बाल विवाह की रोकथाम के लिए निर्देश जारी

उदयपुर, 26 अप्रेल/जिला कलक्टर श्रीमती आनंदंी ने आगामी पीपल पूर्णिमा पर जिले में बाल विवाह की रोकथाम व त्वरित  कार्यवाही हेतु समस्त संबंधित अधिकारियों को निर्देश प्रदान किए हैं।
नियंत्रण कक्ष स्थापित:
बाल विवाहों की रोकथाम व सूचना संप्रेषण की दृष्टि से कलेक्ट्रेट कार्यालय में बाल विवाह नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इस नियंत्रण के दूरभाष नंबर 0249-2414620 है। यह नियंत्रण कक्ष आगामी 8 मई तक नियमित संचालित रहेगा। इसके प्रभारी महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक संजय जोशी (7976236683) को बनाया गया है।
ग्राम व तहसील स्तरीय समिति के साथ सतर्कता दल गठित:
जिला मजिस्ट्रेट के आदेशानुसार अबूझ सावे के उपलक्ष में बाल विवाह की प्रभावी रोकथाम के लिए ग्राम स्तरीय, तहसील स्तरीय समिति एवं सतर्कता दलों का गठन किया गया है। ग्राम स्तरीय समिति में ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी हल्का, बीट कॉनिस्टेबल, आशा सहयोगिनी या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल होंगे जबकि तहसील स्तरीय समिति में तहसीलदार, संबंधित पंचायत समिति के विकास अधिकारी व थानाधिकारी शामिल होंगे। इसी प्रकार सतर्कता दल में उपखण्ड अधिकारी, संबंधित वृत्ताधिकारी व महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी शामिल होंगे।
समिति व सतर्कता दल के दायित्व:
गठित समितियां व दल ग्राम व तहसील स्तर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों के माध्यम से बाल विवाह अधिनियम के प्रावधानों के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ कार्यवाही करेंगे।  इसमें सामाजिक तौर पर जागरूकता लाने में विद्यार्थी, शिक्षकवर्ग के साथ बैंड बाजे, हलवाई, पंडित, बाराती पंडाल, टेन्ट ऑनर, ट्रांसपोर्ट्स आदि से भी समझाईश कर बाल विवाह में सहयोग न करने और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी दंेगें। इसी प्रकार इन्हें ग्रामसभाओं, सामूहिक कार्यक्रम आदि के माध्यम से भी आमजन में जागरूकता लाने, विवाह के लिए छपने वाले निमंत्रण पत्र में वर-वधू के आयु के प्रमाण पत्र प्रेस द्वारा पहले प्राप्त करने जैसी व्यवस्थाएं करनी होंगी।

फल-सब्जी मण्डी में आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए बैठक संपन्न


उदयपुर, 26 अप्रेल/शहर के कृषि उपज मण्डी समिति (फल सब्जी) में सुचारू रूप से व्यवसाय करने व भीड़ नियंत्रण को लेकर रविवार को मण्डी समिति सचिव व व्यापार मण्डल अध्यक्ष द्वारा आयोजित बैठक में महत्वपूर्ण निर्णल लिए गए।
बैठक में मण्डी प्रांगण में थोक व्यापार का समय सुबह 4 से 11 बजे तक करने व निर्धारित समयावधि में छोटे-बडे मालवाहनों के मण्डी प्रांगण में प्रवेश की अनुमति व दोनो प्रवेश द्वार से आवक-जावक रखने का निर्णय लिया गया।
व्यापार मण्डल अध्यक्ष ने बताया कि मण्डी प्रांगण में व्यापारियों के वाहनों के प्रवेश हेतु पास की व्यवस्था 28 अप्रेल से लागू होगी तथा व्यापारियों व सहायक प्रतिनिधियों की टू-प्हीलर पार्किंग अस्थाई रूप से कार्यालय भवन के पास कार पार्किंग स्थल पर की गई है तथा व्यापारी अपनी कार मण्डी प्रांगण के बाहर चार दिवारी के पास व्यवस्थित रूप से पार्क करेंगे व सभी वाहनों कारों पर अनुमति पत्र लगाना जरूरी है।
इसी प्रकार कृषि जिन्स लाने वाले किसानों व होलसेल सब्जी क्रय करने वाले छोटे व्यापारियों को मण्डी प्रांगण में प्रवेश दिया जाएगा व वे अपने टू-व्हीलर वाहनों को कार्यालय भवन के पास या पीछे की ओर निर्धारित स्थान पर पार्क करेंगे। मण्डी प्रांगण में सभी व्यापारियों अपनी दुकान पर कचरा पात्र रखना होगा।

क्वारेन्टाइन में रह रहे व्यक्तियों को मिलेगा आयुर्वेद क्वाथ व औषधि

 

उदयपुर, 26 अप्रेल/आयुर्वेद विभाग द्वारा कोरोना से बचाव के तहत क्वारेन्टाइन में रह रहे व्यक्तियों के लिए विशेष योजना बनाई है।

वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. शोभालाल औदिच्य ने बताया कि भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के दिशा-निर्देशानुसार आयुर्वेद विभाग राजस्थान द्वारा विशेष पैकेज तैयार किया गया है, जिसमें नस्य, क्वाथ, बल्य एवं रसायन औषधि के माध्यम से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का कार्य किया जायेगा जो पूर्णतया चिकित्सीय प्रोटोकॉल एवं सोशल डिस्टेंसिंग के माध्यम से दिया जायेगा। क्वाथ व औषधि वितरण का कार्य सोमवार को होटल कजरी स्थित क्वारेंटाईटन सेंटर से शुरू किया जाएगा।
वीसी में मिले है दिशा-निर्देश:
इस संबंध में भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव की अध्यक्षता में देश के समस्त आयुष सचिव, निदेशक व आयुक्त के साथ आयोजित वीसी में आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए गए हैं। इसके तहत जिला मुख्यालय पर उपलब्ध चिकित्सा अधिकारियों-कार्मिकों को चिन्हित कर एक टीम बनाई जाए क्वारेंटाइन में रह रहे व्यक्तियों को औषधि वितरण किया जाए। इसके लिए मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी की सहमति उपरांत क्वारेंटाइन में रह रहे न्यूनतम 100 व्यक्तियों को प्रतिदिन प्रातः व सायं दोनों समय वातश्लेष्मिक एवं औषधि के रूप में स्थानीय तौर पर जो भी औषधि उपलब्ध हो उसका प्रयोग कराया जाए। वीसी में निर्देश दिए गए हैं कि क्वारेंटाइन में रह रहे व्यक्ति को 14 दिनों तक औषधि या क्वाथ देते समय उस व्यक्ति के निर्धारित प्रपत्र में प्रोफाइल तैयार कर प्रतिदिन की स्थिति दर्शाई जाए।
औषधि व क्वाथ के पैकैट बनाने का कार्य शुरू:
औदिच्य ने बताया कि आयुर्वेद विभाग उदयपुर व पतंजलि योग समिति के नेतृत्व मे रविवार प्रातः 11 बजे से आयुर्वेद रसायन शाला (गुलाब बाग के पास) मे कोविड-19, कोरोना से बचाव एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए अश्वगन्धा चूर्ण के पैकेट बनाने का कार्य किया जा रहा है, साथ ही गिलोय युक्त क्वाथ के पैकट भी तैयार किये गए। यह औषधि क्वारंटाईन होने वाले सभी व्यक्तियों को 14 दिन जिला प्रशासन एवं डॉ दिनेश खराड़ी (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी) के निर्देशन में आयुर्वेद विभाग के उप निदेशक डॉ गिरजा शंकर जोशी एवं चिकित्सक टीम की देख रेख में प्रोटोकॉल एवं सोशल डिस्टेंसिंग के साथ दिया जायेगा।
ये दे रहे सहयोग
औषध व क्वाथ के पैकेट बनाने मे पतंजलि परिवार व उदयपुर के योगी भाई-बहन निःस्वार्थ भाव अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस सेवा कार्य में योगी अशोक जैन, श्रीमती प्रेम जैन, जिग्नेश शर्मा, यशवन्त विजयवर्गीय, दरब सिंह बघेल,आकाश जैन, नरेन्द्र सिंह झाला आदि का सहयोग सराहनीय है।

कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने केन्द्र सरकार से किया
एमएसपी पर मक्का खरीद की अनुमति देने का आग्रह


जयपुर-उदयपुर, 26 अप्रेल। कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने केन्द्र सरकार से किसान हित में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर मक्का खरीद की अनुमति देने का आग्रह किया है।
कृषि मंत्री कटारिया ने केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर राज्य के मक्का काश्तकारों की समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार ने विपणन वर्ष 2019-20 के लिए मक्के का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1760 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया है। इसके मण्डी भाव अक्सर घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम रहते है। केन्द्र सरकार की ओर से एमएसपी पर खरीद की अनुमति नहीं देने के कारण राज्य के कृषकों को वित्तीय हानि हो रही है। इस संबंध में कृषक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों की ओर से भी पिछले काफी समय से एमएसपी पर खरीद के लिए मांग की जाती रही है।
कटारिया ने कृषक हित एवं राज्य में मक्का उत्पादन को मध्यनजर रखते हुए केन्द्रीय कृषि मंत्री से प्रदेश में मक्का को एमएसपी खरीद में सम्मिलित कराने का अनुरोध किया है, ताकि किसानों को लाभ मिल सके।
उन्होंने बताया कि राजस्थान मक्का के क्षेत्रफल तथा उत्पादन के आधार पर देश के मुख्य राज्यों में आता है। यहां बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, उदयपुर, प्रतापगढ़, राजसमन्द, डूंगरपुर चित्तौड़गढ़, कोटा, बारां, झालावाड़, सिरोही एवं अजमेर मक्का बुवाई बाहुल्य जिले हैं। राज्य में मक्के की औसत बुवाई क्षेत्रफल 8.87 लाख हेक्टेयर एवं उत्पादन 15.57 लाख मैट्रिक टन है। वर्ष 2019-20 में बुवाई क्षेत्रफल 8.75 लाख हेक्टेयर एवं उत्पादन 11.70 लाख मैट्रिक टन रहा है।

कलक्टर ने मावली के थामला में निषेधाज्ञा लगाई


 उदयपुर, 27 अप्रेल/जिले के मावली उपखण्ड क्षेत्र में एक युवा के नोवेल कोरोना वायरस से संक्रमित मिलने के बाद जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्टेªट श्रीमती आनंदी ने संबंधित इलाके में निवासरत नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा एवं लोक प्रशान्ति बनाये रखने की दृष्टि से दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगाई है।
कलक्टर ने जारी आदेश में बताया है कि मावली के राजस्व गांव थामला में निवासरत 1 व्यक्ति के नोवेल कोरोना वायरस से संक्रमित पाये जाने के कारण इस बीमारी से आस-पास के लोगों को इसके संक्रमण से बचाव की दृष्टि से यह निषेधाज्ञा लगाई है।
यह प्रतिबंध लागू रहेंगंे
कलक्टर ने बताया कि निषेधाज्ञा के दौरान कोरोना वायरस के संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए इन सीमाओं में निवासरत व्यक्ति अपने आवास से बाहर आवागमन नहीं करेंगें। इन सीमाओं के अन्दर अवस्थित समस्त संस्थान, दुकान, प्रतिष्ठान, धार्मिक स्थान, परिसर एवं जिम आदि बन्द रहेंगें तथा किसी भी प्रकार की मानवीय गतिविधियां यथा शादी समारोह, रैली, जुलूस, सभा आदि प्रतिबंधित रहेगी। किसी भी प्रकार के सार्वजनिक एवं निजी परिवहन एवं आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। यह प्रतिबंध बीमार व्यक्तियों, चिकित्सकीय आपात स्थिति से प्रभावित व्यक्तियों के साथ ही चिकित्साकर्मियों, सफाईकर्मियों तथा कानून एवं व्यवस्था के लिए नियुक्त कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा।
10 मई तक प्रभावी रहेगी निषेधाज्ञा:
कलक्टर ने बताया कि यह आदेश 10 मई की मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेंगे तथा इस निषेधाज्ञा की अवहेलना या उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों के विरूद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत अभियोग चलाये जा सकेंगे।
कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त
जिला मजिस्टेªट के आदेशानुसार मावली के थामला गांव में लागू निषेघाज्ञा की पालना सुनिश्चित कराने एवं कानून व शांति व्यवस्था के लिए मावली तहसीलदार रतन लाल कुमावत को कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। निषेधाज्ञा अवधि तक कुमावत ड्यूटी के दौरान अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (नगर) से निरंतर सम्पर्क बनाएं रखेंगे और महत्वपूर्ण घटना की सूचना से अवगत कराएंगे।

अन्य राज्यों या जिलों से आने वाले स्थानीय लोगों को करना होगा होम क्वारेंटाईन
होम क्वारेंटाइन को लेकर कलक्टर ने दिए महत्त्वपूर्ण निर्देश


उदयपुर, 27 अप्रेल/राज्य सरकार के निर्देशानुसार अन्य राज्यों अथवा जिलों से अपने मूल जिले में आने वाले व्यक्तियों को अनिवार्य रूप से 14 दिवस के लिये होम क्वारेन्टाइन किया जाना आवश्यक है। जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी ने इस संबंध में समस्त उपखण्ड अधिकारी, विकास अधिकारी व ब्लॉक मुख्य चिकित्साधिकारी को महत्त्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।
इन निर्देशों के तहत सभी उपखण्ड अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में वर्तमान में वाहर रह रहे सभी प्रवासी व्यक्तियों की यथासंभव पूरी सूचना संधारित करेंगे। जो प्रवासी वापस आ रहे हैं उनके संबंध मे ंयह सूचना पहले से रखी जाए कि वे जहाँ से आ रहे हैं वहाँ उनके साथ रहने वालों या आस-पास के क्षेत्र में कोई कोरोना रोगी तो नहीं पाये गये हैं ? यदि कोरोना पॉजिटिव पाये गये स्थान/क्षेत्र से कोई व्यक्ति आ रहा है तथा वो घर के लिये रवाना हो गया है तो संबंधित उपखण्ड अधिकारी, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से समन्वय स्थापित करके उस व्यक्ति को एम्बुलेन्स के माध्यम से हाई-वे से ही पिकअप करके जाँच के लिये महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय, उदयपुर लाने की व्यवस्था करेंगे।
उन्होंने कहा है कि इसी प्रकार यदि ऐसा व्यक्ति निजी वाहन के माध्यम से आता है तो ऐसे वाहन को भी आईसोलेटेड स्थान पर खड़ा करवा वाहन को ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की टीम के माध्यम से पूर्ण रूप से सेनेटाईज करवाने के बाद ही वाहन, वाहन स्वामी के परिवार को संभलवाना होगा। यदि कोई ऐसा व्यक्ति गांव में आ जाता है जिसको आस-पास के क्षेत्र में कोई पॉजीटिव प्रकरण अथवा केस नहीं रहा है तो ऐसे व्यक्ति को होम क्वारेन्टाईन की समस्त प्रक्रियाओं की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जानी है। यह भी सूचना एकत्रित कर संधारित की जाएं कि प्रवासी व्यक्ति रवाना होने वाले स्थान से कब रवाना हुआ, उसने किस-किस साधन का उपयोग किया तथा मार्ग में वह कहाँ-कहाँ रूका तथा किन-किन लोगों से सम्पर्क में आया है ?
घर से नहीं निकल सकेंगे होम क्वारेंटाईन व्यक्ति:
उन्होंने बताया कि इसी प्रकार व्यक्ति जिस घर में वह होम आईसोलेटड रहेगा उस घर के सभी व्यक्ति होम क्वारेन्टाईन रहेंगे। 14 दिन के लिये उनको जिस सामग्री की आवश्यकता है, वह सामग्री स्थानीय पंचायत/कार्मिकों द्वारा उनके दरवाजे की चोखट पर रख दी जायेगी। किसी भी सूरत में ऐसे घर का कोई भी निवासी बाहर नहीं निकलना चाहिये। उस घर के पड़ौसी व्यक्ति तथा सबसे नजदीक किराणे की दुकान को भी इसकी जानकारी दी जायें, जिससे अवहेलना होने पर वे इसकी सूचना निगरानी दल को तत्काल देंगे। जहाँ पर ऐसा कोई व्यक्ति होम क्वारेन्टाईन की पालना नहीं करता है उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाकर उसे स्थानीय संस्थागत क्वारेन्टाईन में स्थानान्तरित कर दिया जावें।
जिस व्यक्ति को महाराणा भुपाल राजकीय चिकित्सालय, उदयपुर जाँच के लिये भेजा जाता है तथा टेस्ट नेगेटिव आने पर होम क्वारेंटाईन किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि किसी भी परिस्थिति में किसी भी प्रवासी व्यक्ति को स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अथवा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर नहीं भेजा जाना है। जो भी व्यक्ति होम क्वारेन्टाईन में है, स्वास्थ्य विभाग की स्थानीय टीम पूर्व निर्धारित प्रक्रिया अनुसार उसकी स्क्रीनिंग करेगी। यदि कोई लक्षण पाया जाता है तो उसे महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय, उदयपुर में जाँच हेतु स्थानान्तरित किया जायेगा।
यह सुनिश्चित कर ले कि किसी भी होम क्वारेन्टाईन व्यक्ति को किसी भी दुकान, रिश्तेदार के घर, पंचायत भवन, राजीव गांधी सेवा केन्द्र इत्यादि किसी भी सार्वजनिक या निजी स्थान पर जाने नहीं दिया जायें। जब भी किसी संदिग्ध व्यक्ति को टेस्टिंग के लिये भेजने की आवश्यकता पड़ती है तो उसे संदिग्ध व्यक्तियों के लिये निर्धारित एम्बुलेन्स में ही भेजा जाएं। यदि विशेष परिस्थितियों में कोई अन्य एम्बुलेन्स उपयोग में लेने की आवश्यकता पड़ती है तो उसके लिये संबंधित कार्मिक द्वारा ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारीसे पूर्व अनुमति ली जायेगी तथा अन्य वाहन के चालक भी पीपीई पहनेंगे तथा उस वाहन का सेनिटाईजेशन एम.बी. हॉस्पीटल, उदयपुर द्वारा किया जायेगा।
कलक्टर ने कहा है कि दिए गए समस्त निर्देशों को समस्त पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम रोजगार सहायक, एएनम., आशा सहयोगी, आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, अध्यापकों, पीईईओ., कन्ट्रोल रूम स्टाफ, सभी निगरानी दल के प्रशासनिक/सामाजिक सदस्यों, मौजिज व्यक्तियों, राजकीय कार्मिकों (गाँव में कार्यरत एवं निवासरत) के ध्यान में पालना हेतु लायेंगे। सभी गाँवों में लाउड स्पीकर के माध्यम से व बड़ी जगहों पर स्थायी लाउड स्पीकर के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करेंगें। अगर होम क्वारेन्टाईन वाला व्यक्ति घर से बाहर जाता है तो वह कई लोगों में संक्रमण फैला सकता है।

कलक्टर ने उदयपुर शहर के पन्नाविहार व आसपास के क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लगाई


 उदयपुर, 27 अप्रेल/उदयपुर शहर के सुखेर थानाक्षेत्र अंतर्गत पन्ना विहार में एक महिला के नोवेल कोरोना वायरस से संक्रमित मिलने के बाद जिला मजिस्टेªट श्रीमती आनंदी ने क्षेत्र में निवासरत नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा एवं लोक प्रशान्ति बनाये रखने की दृष्टि से दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगाई है।
कलक्टर ने जारी आदेश में बताया है कि उदयपुर शहर के पन्ना विहार इलाके में निवासरत 1 महिला के नोवेल कोरोना वायरस से संक्रमित पाये जाने के कारण इस बीमारी से आस-पास के लोगों को इसके संक्रमण से बचाव की दृष्टि से यह निषेधाज्ञा लगाई है। यह निषेधाज्ञा सुखेर थाना अन्तर्गत पन्ना विहार, श्री जी कुंज क्षेत्र, खारा कुंआ व डी.पी.सिंह गली आदि क्षेत्रों में लागू रहेगी।
यह प्रतिबंध लागू रहेंगंे:
कलक्टर ने बताया कि निषेधाज्ञा के दौरान कोरोना वायरस के संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए इन सीमाओं में निवासरत व्यक्ति अपने आवास से बाहर आवागमन नहीं करेंगें। इन सीमाओं के अन्दर अवस्थित समस्त संस्थान, दुकान, प्रतिष्ठान, धार्मिक स्थान, परिसर एवं जिम आदि बन्द रहेंगें तथा किसी भी प्रकार की मानवीय गतिविधियां यथा शादी समारोह, रैली, जुलूस, सभा आदि प्रतिबंधित रहेगी। किसी भी प्रकार के सार्वजनिक एवं निजी परिवहन एवं आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। यह प्रतिबंध बीमार व्यक्तियों, चिकित्सकीय आपात स्थिति से प्रभावित व्यक्तियों के साथ ही चिकित्साकर्मियों, सफाईकर्मियों तथा कानून एवं व्यवस्था के लिए नियुक्त कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा।
11 मई तक प्रभावी रहेगी निषेधाज्ञा:
कलक्टर ने बताया कि यह आदेश 27 अप्रेल से लागू होकर 11 मई की मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेंगे तथा इस निषेधाज्ञा की अवहेलना या उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों के विरूद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत अभियोग चलाये जा सकेंगे।

राशन वितरण के संबंध में नया प्रावधान
पोस मशीन में आधार कार्ड नंबर से प्राप्त ओटीपी से मिलेगा राशन

उदयपुर, 27 अप्रेल/भारत सरकार की योजनाओं (एनएफएसए व पीएमजीकेएवाई) के अन्तर्गत राशन सामग्री वितरण को सुचारू रूप से क्रियान्वित करने हेतु पोस मशीन में राशनकार्ड नम्बर के स्थान पर आधारकार्ड नम्बर दर्ज कर ओटीपी के माध्यम से ही गेहंू का वितरण किया जायेगा। कोविड-19 विश्व व्यापक महामारी के दौरान राशन सामग्री को लाभार्थियों तक पहुंचाने में आ रही परेशानियों को ध्यान में रखते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग विभाग द्वारा यह निर्णय लिया गया है।
जिला रसद अधिकारी ज्योति ककवानी ने बताया कि विभाग से प्राप्त दिशा-निर्देशानुसार आधार कार्ड नम्बर से गेहंू वितरण के लिए डीलर द्वारा लाभार्थी का आधार कार्ड नम्बर पोस मशीन पर प्रविष्ट किया जायेगा। इसके बाद लाभार्थी के भामाशाह/जनआधार/आधार डेटाबेस में उपलब्ध मोबाइल नम्बर पर एसएमएस के माध्यम से ओटीपी भेजा जायेगा। लाभार्थी द्वारा डीलर को ओटीसी उपलब्ध करवाने के पश्चात् पोस मशीन में ओटीपी नंबर दर्ज कर सत्यापन उपरान्त राशन डीलर राशन सामग्री का वितरण पोस मशीन से करेगा।
यदि लाभार्थी डीलर को तय समय सीमा में ओटीपी उपलब्ध नहीं करवा पाता है तो डीलर पोस मशीन पर उपलब्ध करवाये गये कारण यथा ओटीपी प्राप्त नही, मोबाइल नम्बर रजिस्टर नही या लाभार्थी के पास मोबाईल नही है, में से किसी एक कारण को चुनते हुए राशन का वितरण पोस मशीन से करेगा। यह समस्त प्रक्रिया पोस मशीन से होने के कारण उचित मूल्य दुकानदार द्वारा ऐसे ट्ररंजेक्शन के लिये कोई रजिस्टर संधारण नही किया जायेगा। वर्तमान में चल रही ऑफलाइन उचित मूल्य दुकानों के अलावा राशन वितरण के समस्त ट्रांजेक्शन पोस मशीन पोस मशीन द्वारा ही किये जाएंगे।
जिन राशनकार्ड धारको के आधार पीडीएस डेटाबेस में उपलब्ध है उनको राशन का वितरण आधार नम्बर के माध्यम से किया जायेगा एवं जिनके आधार नम्बर डेटाबेस में उपलब्ध नही है उनको राशन सामग्री पूर्व की भांति पोस मशीन में राशनकार्ड नम्बर दर्ज कर ओटीपी के माध्यम से वितरित की जावेगी। यह व्यवस्था पूरे माह मई माह के लिए आवंटित खाद्य सुरक्षा योजना तथा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के वितरण से प्रारंभ होगी।  
इस संबंध में डीएसओ ने संबंधित प्रवर्तन अधिकारी या प्रवर्तन निरीक्षक को निर्देश दिए है कि वे क्षेत्राधीन के उचित मूल्य दुकानदारो को तुरन्त परिवर्तित व्यवस्था के बारे में अवगत कराना सुनिश्चित करे।

आपदा प्रबंधन विभाग ने कोरोना हेतु दी राहत
कोविड-19 से प्रभावित व्यक्तियों को राहत हेतु कलक्टर्स को दिए 18.06 करोड़
नगर निकायों के 70 हजार कार्मिकों को 1.75 करोड़ तथा पुलिस विभाग को 1.25 करोड़ की स्वीकृति दी


उदयपुर, 28 अप्रेल/ मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत जी एवं आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग के मंत्री मा. भॅवरलाल मेघवाल के नेतृत्व एवं निर्देशानुसार कॉविड-19 जैसी भीषण आपदा से प्रभावित बेघर व्यक्तियों, प्रवासी श्रमिकों एवं अन्य व्यक्तियों को राहत प्रदान करने हेतु राज्य के समस्त जिला कलक्टर्स द्वारा राहत शिविरांे के माध्यम से अस्थायी आवास, भोजन, कपडे, सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा एवं सभी अन्य आवश्यक सुविधाओं आदि की व्यवस्था करवाई गई है।
आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग के मंत्री मा. भॅवरलाल मेघवाल ने बताया कि इन राहत शिविरों के संचालन हेतु जिला कलक्टर्स द्वारा स्थानीय नगर निकायों एवं स्वयं सेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग द्वारा बेघर व्यक्तियोें, प्रवासी श्रमिकों एवं अन्य व्यक्तियों को राहत प्रदान करने हेतु राहत शिविरांे के तहत अस्थायी आवास, भोजन, कपडे, मेडिकल सुविधा आदि उपलब्ध कराने हेतु समस्त जिला कलक्टर्स को राशि 18.06 करोड़ जारी की जा चुकी है। इन राहत शिविरांे में स्वच्छता, सोशल डिस्टेसिंग एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी कोविड-19 की रोकथाम एवं बचाव के दिशा-निर्देशों के पालन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
स्वायत्त शासन विभाग को 70 हजार कार्मिकों हेतु 1.75 करोड़ राशि स्वीकृत की गयी है। उक्त राशि का प्रयोग स्वायत्त शासन विभाग द्वारा कॉविड-19 के संक्रमण की रोकथाम बाबत अग्निशमन विभाग कर्मियों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं वाहन चालकों की निजी सुरक्षा के उपकरण यथा मास्क, सेनैटाईजर, दस्ताने आदि क्रय हेतु किया जा सकेगा। साथ ही राजस्थान पुलिस के ड्यूटी पर तैनात कार्मिको के बचाव के उद्देश्य से सुरक्षा उपकरण यथा मास्क, सेनेटाईजर, दस्ताने, पीपीई किट एवं फैसशील्ड आदि क्रय करने के लिये एसडीआरएफ मद से राशि 1.25 करोड़ की स्वीकृति जारी की गई है।
 राज्य सरकार कोविड-19 के रोकथाम एवं बचाव हेतु संवदेनशील है तथा इस आपदा के समय जन साधारण के सहयोग के लिये हमेशा तत्पर है।

आपातकालीन स्थिति के लिए शहर की 13 होटलों के 425 कमरे चिन्हित


उदयपुर, 28 अप्रेल/जिला कलक्टर श्रीमती आनन्दी के आदेशानुसार आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा के तहत आपातकालीन स्थिति में क्वारेंटाइन केम्प के लिए शहर की 13 होटलों के 425 कमरें चिन्हित किये गये हैं।
इस आदेश के तहत होटल राजदर्शन के 52, होटल ब्रॉड वे के 30, दर्शन पैलेस के 14, अमनतारा के 40, होरिजन के 30, दामिनी के 20, होटल गणगौर के 10, होटल ड्रीम पैलेस के 25, अल्का होटल के 40, होटल लेकएण्ड 84, होटल विष्णुप्रिया के 48, होटल प्रिसकॉ के 18 व होटल रघुमहल के 14 कमरें चिन्तित किए गए है।
दर्शन डेन्टल के 10 कमरे अधिग्रहित
कलक्टर के आदेशानुसार आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा के तहत आपातकालीन स्थिति में क्वारेंटाइन केम्प के लिए लोयरा गांव स्थित दर्शन डेन्टल कॉलेज के हॉस्टल के 10 कमरंे अधिग्रहित किए है।
होटल यॉइस के 10 कमरे चिन्हित/अधिग्रहित
कलक्टर के एक अन्य आदेशानुसार आपातकालीन स्थिति में क्वारेनटाइन केम्प के लिए भुवाणा के रूप नगर क्षेत्र स्थित होटल यॉइस के 10 कमरे चिन्हित/अधिग्रहित कर विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए बड़गांव के ब्लॉक मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी गणपत चौधरी को प्रभारी नियुक्त किया है।

कर्फ्यू प्रभावी क्षेत्र में आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने की व्यवस्था


उदयपुर, 28 अप्रेल/उदयपुर शहर के सुखेर थानाक्षेत्र अंतर्गत पन्ना विहार में एक महिला के नोवेल कोरोना वायरस से संक्रमित मिलने के बाद जिला मजिस्टेªट श्रीमती आनंदी के आदेशानुसार जारी निषेधाज्ञा प्रभावित क्षेत्र में आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन की ओर से व्यवस्था की गई है।
जिला रसद अधिकारी ज्योति ककवानी ने बताया कि प्रशासन द्वारा कर्फ्यू प्रभावित क्षेत्र को तीन अलग-अलग भागों में आवंटित कर आवश्यक सुविधाएं दूध, सब्जी, किराणा वस्तुएं इत्यादि उपलब्ध करवाने हेतु दल गठित कर दिए गए है।
इन आवंटित क्षेत्रों के प्रथम भाग में केसर कुंज गली नंबर 1, 2 व 3, दिव्यज्योति अपार्टमेंट, जयलक्ष्मी अपार्टमेंट, गणपति अपार्टमेंट, जैन कॉलोनी, सिद्धार्थ नगर, महावीर नगर, श्रीनाथ कॉन्प्लेक्स व नेमीनाथ कॉम्लेक्स को शामिल किया है। वहीं दूसरा भाग में वृंदावन धाम गली नंबर 1, 2 व 3, पतंजलि विहार, सीपीएस राज, आनंद नगर, रावतवाड़ी, न्यू आनंद नगर खारा कंुआ व न्यू अशोक नगर 100 फिट रोड को शामिल किया है। तीसरे भाग में केशव नगर हीराबाग अशोक विहार न्यू अशोक विहार शामिल है भूपालपुरा सेक्टर के इन तीनों क्षेत्रों में दूध, सब्जी व किराणा वितरण के लिए दल गठित कर आवश्यक सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही है।

उपखण्ड क्षेत्रों के लिए पर्यवेक्षण अधिकारी नियुक्त

उदयपुर, 28 अप्रेल/जिला कलक्टर श्रीमती आनन्दी ने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों की पालना हेतु सभी उपखण्ड क्षेत्रों के लिए पर्यवेक्षण अधिकारी नियुक्त किए हैं। नियुक्त अधिकारी कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा समय समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रभावी व्यक्तियों को लौटने पर प्रोटोकॉल के अनुसार उनके हॉम क्वांरेनटाइन की पालना और कोविड संक्रमण रोकने के कार्यों का पर्यवेक्षण करेंगे।
इस आदेश के तहत गिर्वा उपखण्ड ़क्षेत्र के लिए यूआईटी सचिव अरूण कुमार हसीजा, बड़गांव व गोगुन्दा क्षेत्र के लिए आरएसएमएमएल के कार्यकारी निदेशक बालमुकुंद असावा, सलूंबर व लसाडिया के लिए महिला एवं बाल विकास उपनिदेशक महावीर खराड़ी, झाड़ोल के लिए उदयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रदीपसिंह सांगावत, मावली व वल्लभनगर के लिए वाणिज्यिक कर उपायुक्त सुश्री रौनक वैरागी, कोटड़ा के लिए यूआईटी के विशेषाधिकारी विनय पाठक, खेरवाड़ा व ऋषभदेव के लिए जिला आबकारी अधिकारी हेमेन्द्र नागर व सराड़ा उपखण्ड क्षेत्र के लिए नगर निगम उपायुक्त अनिल शर्मा को पर्यवेक्षण अधिकारी नियुक्त किया गया है।

डॉक्टर्स व नर्सिंगकमियों के संस्थागत क्वारेनटाइन के लिए विशेष निर्देश


उदयपुर, 28 अप्रेल/जिला कलक्टर श्रीमती आनन्दी ने राज्य सरकार के निर्देश व निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार डॉक्टर्स व नर्सिंगकर्मियों के संस्थागत क्वारेनटाइन के संबंध में आरएनटी प्राचार्य व एमबी चिकित्सालय के अधीक्षक को दिशा-निर्देश प्रदान किए हैं।
इन निर्देशों के तहत जो डॉक्टर्स व नर्सिंगकर्मी कोरोना से संबंधित ड्यूटी दे रहे हैं, उन्हें ड्यूटी अवधि व उसके पश्चात 14 दिन तक संस्थागत क्वारेनटाइन में रहना अनिवार्य है। इस अवधि में घर नहीं जाएं तथा संस्थागत क्वारेनटाइन व प्रोटोकॉल की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करें।
उन्होंने यह निर्देश भी दिए है कि जो डॉक्टर्स या चिकित्सकर्मी ड्यूटी पर हैं तथा जो संस्थागत क्वारेनटाइन में हैं तथा जो वापस ड्यूटी पर आएंगे उनका पूरा रोस्टर या चार्ट जिला कलक्टर कार्यालय को भिजवायें। इसके साथ ही जो डॉक्टर्स या चिकित्सकर्मी एसएसबी भवन में ड्यूटी दे रहे हैं वे अस्पताल के मुख्य भवन की ओर न जाए, अन्य व्यक्तियों व चिकित्साकर्मियों से न मिले व ड्यूटी पश्चात क्वारेनटाइन केन्द्र से बाहर नहीं निकले।

महात्मा गांधी राज. विद्यालय धानमण्डी के रिक्त पदों के लिए होंगे ऑनलाइन इन्टरव्यू
इच्छुक आशार्थी 2 मई तक कर सकते है आवेदन


उदयपुर, 28 अप्रेल/जिला मुख्यालय पर स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय धानमण्डी (अंग्रेजी माध्यम) में रिक्त पदों के लिए ऑनलाइन इन्टरव्यू होंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि निदेशालय बीकानेर से जारी निर्देशानुसार जिला स्तर पर गठित चयन समिति द्वारा अध्यापक लेवल-1 के 2 रिक्त पद व वरिष्ठ अध्यापक के सामाजिक विज्ञान के 1 पद के लिए ऑनलाइन इंटरव्यू होंगे। यह इंटरव्यू वाट्सएप अथवा वीडियो कॉलिंग के माध्यम से लिए जाएंगे। इसके लिए इच्छुक आशार्थी निर्धारित आवेदन पत्र की वर्गानुसार पूर्ति कर वांछित दस्तावेजों की स्व प्रमाणित प्रतियां आवेदन पत्र के साथ संलग्न कर पीडीएफ फाइल में डीईओसेकफर्स्टउदयपुर एटदीरेट जीमेल डॉट कॉम पर 2 मई तक भिजवाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि इन्टरव्यू में केवल प्रारम्भिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में कार्यरत कार्मिक ही आवेदन कर सकते है। इन्हें उक्त पदस्थापन के उपरान्त कोई प्रतिनियुक्ति भत्ता देय नहीं होगा। अध्यापक लेवल-1 के लिए इसी जिले में कार्यरत अभ्यर्थी ही आवेदन कर सकता है। वरिष्ठ अध्यापक पद हेतु संयुक्त निदेशक कार्यालय के अधीन कार्यरत अभ्यर्थी ही आवेदन कर सकते है। इन विद्यालय हेतु आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को इन्टरव्यू हेतु किसी भी प्रकार का यात्रा भत्ता, दैनिक भत्ता अतिरिक्त अवकाश देय नहीं होगा।

श्रमिक दिवस पर सवैतनिक अवकाश की अपील

उदयपुर, 28 अप्रेल/श्रम विभाग की ओर से राज्य के सभी वाणिज्यिक एवं औद्योगिक क्षेत्र के नियोजकों एवं सार्वजनिक क्षेत्र के प्रबंधकों से अपील की गई है कि वे आगामी 1 मई को श्रमिक दिवस के अवसर पर सवैतनिक अवकाश घोषित कर श्रमिक दिवस मनाने में श्रमिकों को सहयोग प्रदान करें।
संभागीय संयुक्त श्रम आयुक्त पी.पी.शर्मा ने अपील की है कि श्रमिक दिवस एक गई को प्रतिवर्ष सदभावना एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन श्रमिक को सवैतनिक अवकाश दिया जाए तो उन्हें सहयोग मिलेगा।

कलक्टर ने शहर के गायरियावास व उदयपुर ग्रामीण के देबारी क्षेत्र में लगाई निषेधाज्ञा


 उदयपुर, 29 अप्रेल/उदयपुर शहरी क्षेत्र के गारियावास व उदयपुर ग्रामीण के देबारी क्षेत्र में नोवेल कोरोना वायरस से संक्रमित मिलने के बाद जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्टेªट श्रीमती आनंदी ने संबंधित क्षेत्र में निवासरत नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा एवं लोक प्रशान्ति बनाये रखने की दृष्टि से दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगाई है।
कलक्टर ने जारी आदेश में बताया है कि उदयपुर शहर के हिरणमगरी थाना क्षेत्र अंतर्गत गारियावास में 1 महिला एवं प्रतापनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत झरनों की सराय (देबारी) में 1 पुरूष के नोवेल कोरोना वायरस से संक्रमित पाये जाने के कारण इस बीमारी से आस-पास के लोगों को इसके संक्रमण से बचाव की दृष्टि से संबंधित क्षेत्रों में यह निषेधाज्ञा लगाई है।
यह क्षेत्र रहेंगे प्रभावित
कलक्टर के आदेश के तहत हिरणमगरी थाना क्षेत्र अंतर्गत गारियावास में लगी निषेधाज्ञा के तहत गारियावास सहित नीम का चौक, पीपली चौक, सबसिटी सेंटर का गारियावास तरफ वाला मार्ग आदि क्षेत्र प्रभावित रहेंगे।
इसी प्रकार प्रतापनगर थाना क्षेत्र में झरनों की सराय (देबारी) में लागू निषेधाज्ञा के तहत निर्धारित सीमा में आने वाले क्षेत्र प्रभावित रहेंगे।
यह प्रतिबंध लागू रहेंगंे
कलक्टर ने बताया कि निषेधाज्ञा के दौरान कोरोना वायरस के संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए इन सीमाओं में निवासरत व्यक्ति अपने आवास से बाहर आवागमन नहीं करेंगें। इन सीमाओं के अन्दर अवस्थित समस्त संस्थान, दुकान, प्रतिष्ठान, धार्मिक स्थान, परिसर एवं जिम आदि बन्द रहेंगें तथा किसी भी प्रकार की मानवीय गतिविधियां यथा शादी समारोह, रैली, जुलूस, सभा आदि प्रतिबंधित रहेगी। किसी भी प्रकार के सार्वजनिक एवं निजी परिवहन एवं आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। यह प्रतिबंध बीमार व्यक्तियों, चिकित्सकीय आपात स्थिति से प्रभावित व्यक्तियों के साथ ही चिकित्साकर्मियों, सफाईकर्मियों तथा कानून एवं व्यवस्था के लिए नियुक्त कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा।
12 मई तक प्रभावी रहेगी निषेधाज्ञा:
कलक्टर ने बताया कि ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर 12 मई की मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेंगे तथा इस निषेधाज्ञा की अवहेलना या उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों के विरूद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत अभियोग चलाये जा सकेंगे।

कोरोना प्रभावितों के लिए सरस डेयरी ने दिए अढ़ाई लाख रुपये

 

उदयपुर, 29 अप्रेल/कोरोना पीडितों की सहायतार्थ उदयपुर सरस डेयरी ने कोविड-19 मुख्यमंत्री राहत फंड मंे अढ़ाई लाख की राशि प्रदान की हैै।
दुग्ध संघ की अध्यक्षा डॉ. गीता पटेल ने संघ के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन से कटौती  से दो लाख छप्पन हजार चार सौ पिचानवें रुपये का चैक “कोविड-19 मुख्यमंत्री राहत फंड“ मे सहायतार्थ जमा करने हेतु जिला कलक्टर श्रीमती आनन्दी को सुपुर्द किया।  
दुग्ध संघ के प्रबंध संचालक उमेश गर्ग ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा कोरेाना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन के दौरान संघ द्वारा उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार शहर मे दूध की आपूर्ति की जा रही है एवं स्थानीय प्रशासन के सहयोग से कफर््यूग्रस्त क्षेत्रों मे भी डोर-टू-डोर दूध की सप्लाई की जा रही है।

स्टेट चीफ कमिश्नर ने वीसी में दिए निर्देश
स्काटड-गाइड के प्रयासों को सराहा


उदयपुर, 29 अप्रेल/ राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड राज्य मुख्यालय जयपुर से स्टेट चीफ कमिश्नर जे.सी महान्ति एवं स्टेट कमिश्नर जितेन्द्र कुमार सोनी ने लॉकडाउन के चलते प्रदेश स्तर पर स्काउट गाइड संगठन द्वारा दी जा रही सेवाओं की समीक्षा के लिए जूम ऐप पर वीडियों कॉन्फ्रंेस के जरिये आवश्क बैठक ली।
वीसी में महान्ति ने आपात स्थिति में स्काउट गाइड द्वारा की जा रही सेवाओं की सराहना की तथा उन्हें खुद की सुरक्षा के प्रभावी प्रयास करने पर जोर दिया। उन्होनें प्रदेश के समस्त जिलों के आर्गेनाइजर को स्काउट्स गाइड्स रोवर्स, रेंजर्स स्काउटर्स गाइडर्स के माध्यम से आरोग्य एप के बारे में अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सेवाकार्यों को सतत जारी रखने के भी निर्देश दिए। सी.ओ स्काउट सुरेन्द्र कुमार पाण्डे ने जिले में संगठन के समस्त प्रतिनिधियों द्वारा कोरोना पीडितों की सहायतार्थ किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

मण्डी प्रांगण में रहेगी दुकानों की रोटेशन व्यवस्था


उदयपुर, 29 अप्रेल/कोरोेना संक्रमण के चलते जिला प्रशासन के निर्देशानुसार मण्डी प्रांगण में दुकानों की व्यवस्था प्रतिसप्ताह रोटेशन के आधार पर की गई है।
कृषि उपज मण्डी समिति के सचिव संजीव पण्ड्या ने बताया कि मण्डी प्रांगण में स्थित दुकान संख्या 2 फर्म मैसर्स श्रीराम आलू भण्डार का कार्यरत मुनीम के परिजन कोरोना संक्रमित मिलने से जिला प्रशासन के निर्देशानुसार दुकान संख्या 1 से 3 तक अग्रिम आदेश तक बंद रहेगी। जबकि शेष दुकान संख्या 4 से 14 तक प्रति सप्ताह रोटेशन के अनुसार चलेगी। मण्डी प्रांगण में सोशल डिस्टेंशिग बनाए रखने के लिए यह व्यवस्था की गई है।
मण्डी सचिव द्वारा सभी व्यापारियों को निर्देश दिए गए है कि निर्धारित व्यवसाय स्थल के अलावा अन्य जगह व्यवसाय करना अनुमत नहीं होगा। साथ ही सभी व्यापारियों को अपनी फर्म या दुकान पर कार्य करने वाले प्रतिनिधि, कर्मचारी व हम्मालों के परिवारजन में किसी के बीमार होने की तुरंत सूचना देनी होगी और उस व्यक्ति को कार्यस्थल आने पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। निर्देशों की अवहेलना करने वालों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

उदयपुर में प्रवासरत पक्षी वैज्ञानिक डॉ. गोपीसुंदर ने शोध के आधार पर किया खुलासा
नेपाल में बुद्ध की जन्मस्थली में आबाद हो रहा है लेसर एडजुटेंट स्टॉर्क

 

उदयपुर, 29 अप्रेल/आमतौर पर संरक्षित वन क्षेत्रों में पाया जाने वाला लेसर एडजुटेंट स्टॉर्क पक्षी अब नेपाल में भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी के कृषि क्षेत्रों में भी लेसर एडजुटेंट स्टॉर्क आबाद हो रहे है। इन पक्षियों पर शोध के बाद यह खुलासा उदयपुर में इन दिनों कोरोना महामारी के कारण घोषित लॉकडाउन में प्रवासरत भारत के प्रसिद्ध पक्षी वैज्ञानिक डॉ. गोपी सुन्दर के दल ने किया है।
डॉ. गोपीसुंदर ने बताया कि अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार यह माना जाता था कि संरक्षित घने क्षेत्रों में हीं लेसर एडजुटेंट स्टॉर्क संरक्षित रहता है और फलता-फूलता है। मानवीय गतिविधियां खास तौर से कृषि इन पक्षियों व वन्यजीवों के अस्तित्व को खतरा उत्पन्न होता है परन्तु शोध के बाद यह पाया गया कि वन क्षेत्र के बाहर अब कृषि क्षेत्रों में भी ये पक्षी व वन्यजीव आबाद हो रहे हैं।
लेसर एडजुटेंट स्टॉर्क पर पहली बार हुआ स्थानीय शोध:
डॉ. गोपीसुंदर ने बताया कि अब तक माना जाता था कि अतिसंकटापन लेसर एडजुटेंट स्टॉर्क की आबादी घने जंगलों में ही संरक्षित हैं। पहले यह कहा जाता था कि तालाबों में खेती करने से पक्षियों का अस्तित्व खतरें में है परन्तु नेपाल के लुंबिनी क्षेत्र (बुद्ध की जन्मस्थली) व कपिलवस्तु के कृषि क्षेत्रों में यह प्रजाति बहुत फल-फूल रही है।
डॉ. गोपीसुंदर के नेतृत्व में नेशनल ज्योग्राफिक की एक शोध परियोजना के तहत पक्षी विज्ञानियों के दल ने यह निरीक्षण किया कि यह स्टॉर्क बड़ी कॉलोनी नहीं बनाता है अपितु यह छोटी-छोटी 10 से 20 घोंसलों की कॉलोनियां ही बनाता है। पक्षी की जरूरत घोंसला बनाने के लिए पेड़ और चूजों के लिए भोजन की मांग स्थानीय कृषकों द्वारा संरक्षित पीपल, बरगद व सेमल के पेड़ से हो जाती है और किसानों की मिश्रित चावल व गेहूं की खेती से  भोजन हेतु मेंढ़क व घोंघे मिल जाते हैं।
इन पक्षी विज्ञानियों ने किया शोध:
डॉ. गोपीसुंदर के निर्देशन में काठमाण्डू के पास खोपा कॉलेज के दो छात्र रोशिला और बिजय, कॉलेज सलाहकार कमल गोसाई, क्षेत्रीय सहयोग कैलाश जेसवाल और प्रकृति संरक्षण फाउण्डेशन के दो वैज्ञानिक स्वाति कितूर ने 101 घोसलों का 250 घंटांे तक निरीक्षण किया और पाया कि उनमें 162 चूजों ने जन्म लिया जो एक सुखद आश्चर्य की बात है। इससे एक नई जानकारी प्रकाश में आई कि कृषि क्षेत्र के तालाब भी पक्षियों के आर्द्र भूमि की मांग को पूरा करते है। अतः कृषि को वन्यजीवों के अस्तित्व में खतरा न मानकर इससे इनकी आबादी में वृद्धि हुई।
शोध के नये क्षेत्र:
इस शोध से ज्ञात हुआ कि नये वैज्ञानिकों के लिए शोध का क्षेत्र घने संरक्षित वन ही नहीं अपितु कृषि क्षेत्रों में भी यह शोध किया जा सकता है। शोध का विवरण अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका यूएसए द्वारा प्रकाशित वाटर बर्ड्स और ब्रिटेन द्वारा प्रकाशित वाइल्ड फॉलव में प्रकाशित हुआ है।
नेपाल सरकार की सेमल प्रोत्साहन योजना
डॉ. गोपीसुंदर ने बतााय कि नेपाल सरकार इस योजना के तहत सेमल के बढ़ावे व संरक्षण के लिए कृषकों को अनुदान देती है। इससे कृषक सेमल का वृक्षारोपण करते है और इसे संरक्षित रखते हैं। इस कांटेदार रूई के पेड़ पर लेसर एडजुटेंट स्टॉर्क घोंसला बनाना पसंद करते हैं।

आपातकालीन स्थिति के लिए शहर की 7 होटलों के 246 कमरें अधिग्रहित

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उदयपुर, 30 अप्रेल/जिला कलक्टर श्रीमती आनन्दी के आदेशानुसार आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा के तहत आपातकालीन स्थिति में क्वारेंटाइन केम्प के लिए शहर की 7 होटलों के 246 कमरें अधिग्रहित किये गये हैं।
इस आदेश के तहत होटल अल्का के 40, रघुमहल के 14, अमनतारा के 40, राजदर्शन के 52, अनन्ता रिसोर्ट के 50, फतहगढ़ पैलेस व देवी पैलेस के 25-25 कमरे अधिग्रहित किए गए है। इसी आदेशानुसार होटल अल्का व रघुमहल के लिए फतह राउमावि के व्याख्याता मनीष सोनी, होटल अमनतारा व राजदर्शन के लिए उप जिला शिक्षा अधिकारी लक्ष्मण दास वैष्णव एवं होटल अनन्ता रिसोर्ट फतहगढ़ पैलेस व देवी पैलेस के लिए राउमावि साकरोदा के प्रधानाचार्य लोकेश भारती को प्रभारी नियुक्त किया गया है।

कोरोना कर्मवीरों का सम्मान

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उदयपुर, 30 अप्रेल/जिले में कोरोना से बचाव व रोकथाम एवं जनजागरूकता के साथ कोरोना पीडि़तों की हर संभव सहायतार्थ कोरोना कर्मवीर अहम भूमिका निभा रहे है। सतत सेवा कार्य के लिए आमजन द्वारा इन कर्मवीरों का सम्मान किया जा रहा है। इसी क्रम में शहर के सविना मेलडी माता क्षेत्र में दो पुलिस कर्मियों का स्थानीय लोगों द्वारा साफा एवं माला व श्रीफल इत्यादि से सम्मान किया गया। क्षेत्रवासी शरद कुमार ने बताया कि गोवर्धन विलास थाने के ये दोनो पुलिसकर्मी लॉकडाउन की अवधि में नियमित रूप से सेवाएं दे रहे हैं। क्षेत्रवासियों द्वारा इनके सम्मान के दौरान सोशल डिस्टेंसिांग की पूर्ण पालना सुनिश्चित की गई।


बड़ी स्थित टीबी हॉस्पीटल का समय 1 मई से बदलेगा


उदयपुर, 30 अप्रेल/शहर के बड़ी स्थित सेठ राम विलास भुवालका यक्ष्या आरोग्य सदन (टीबी हॉस्पीटल) का समय 1 मई से बदलेगा।
अधीक्षक डॉ. महेन्द्र कुमार बनेड़ा ने बताया कि 1 मई से 31 अक्टूबर तक चिकित्सालय का समय सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक रहेगा तथा रविवार व राजकीय अवकाश के दिन प्रातः 9 से 11 बजे तक रहेगा।

प्रशासन को निःशुल्क मास्क उपलब्ध करा रहा है मेवाड़-हार्मनी गु्रप


उदयपुर, 30 अप्रेल/उदयपुर स्थित मेवाड़-हार्मनी गु्रप के तत्वावधान में चिकित्सा एवं पुलिस विभाग के लिए निःशुल्क नॉन वूवन मास्क का प्रशासन को उपलब्ध कराए जा रहे है। हाल ही में ग्रुप द्वारा बड़ी संख्या में मास्क निर्मित कर जिला परिषद सीईओ कमर चौधरी को सुपुर्द किए गए।
ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप बापना ने बताया कि ग्रुप के अंतर्गत नाई स्थित अंतर्राष्ट्रीय मानक प्राप्त इकाई हार्मनी प्लास्टिक्स ने लॉकडाउन के समय में अपने उद्योग में मास्क बनाने का फैसला लिया है। प्रशासन की मदद से जल्द ही उन्हें सभी सुविधाऐं मुहैया करा दी गई। प्रतिदिन लगभग 10000 मास्क का उत्पादन कर इन विभागों को नियमित देने का क्रम जारी है। अब तक 2 लाख से अधिक मास्क इन विभागों को निःशुल्क उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त मेवाड़-हार्मनी ग्रुप, पीपीई किट में काम आने वाले कवरआल सूट के लिए कपड़ा बनाने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

सेवानिवृत्त प्रोफेसर चौधरी बॉम सदस्य नियुक्त

 

उदयपुर, 30 अप्रेल/महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर के राजस्थान कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर के मृदा विज्ञान विभाग के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ.सीताराम चौधरी को राज्य सरकार द्वारा श्री करण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर में बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट तथा प्राध्यापक एवं अधिकारियों की चयन समिति में एक वर्ष के लिए तत्काल प्रभाव से सदस्य मनोनीत किया गया है।
उल्लेखनीय है कि डॉ.चौधरी पूर्व में राजस्थान के प्रथम  कृषि विश्वविद्यालय,बीकानेर में भी बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के सदस्य रह चुके है तथा उदयपुर विश्वविद्यालय में भी नियंत्रण मंडल के 6 वर्ष तक लगातार सदस्य रहे हैं।

स्काउट-गाईड्स का सेवा कार्य जारी

 

उदयपुर, 30 अप्रेल/कोरोना महामारी के चलते जारी लॉकडाउन की अवधि में राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड मण्डल उदयपुर के प्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में नियमित सेवा कार्य किये जा रहे हैं।
सीओ स्काउट सुरेन्द्र कुमार पाण्डे ने बताया कि मण्डल की अधीनस्थ इकाई स्थानीय संघ भीण्डर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय केदारिया के करीब 11 स्काउट्स वैष्विक महामारी कोरोना लॉकडाउन के चलते कोरोना से आमजन को बचाव के लिए सेवादूत बनकर अपने-अपने घरों में मास्क बनाकर जरूररतमंदों को वितरण करने में जुटे हुए हैं।
स्काउट-गाईड्स द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में कोरोना पीडि़तों की सहायता के साथ गर्मी में मूक परिंदों के लिए अधिकाधिक चुग्गा पात्र और पानी के परिण्डे लगाकर उनकी नियमित सार सभाल की जा रही है। स्काउट-गाइड अपने-अपने क्षेत्र आरोग्य सेतु एप्प का व्यापक प्रचार-प्रसार कर भी आजन को जागरूक कर रहे है।

क्वारेंटाइन मैं रह रहे लोगों को होम्योपैथी दवा का वितरण

उदयपुर, 30 अप्रेल/भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के दिशा निर्देशानुसार होम्योपैथी चिकित्सा विभाग, राजस्थान सरकार जयपुर द्वारा कोरोना से बचाव के तहत क्वारेंटाइन में रह व्यक्तियों के लिए विशेष योजना के तहत औषध वितरण कार्य जारी है।
गुरुवार को उदयपुर के भटेवर स्थित सर पदमपत सिंघानिया यूनिवर्सिटी में क्वारेंटाइन मैं रह रहे 520 व्यक्तियों एव स्टॉफ को आर्सेनिक अल्ब 30 होम्योपैथी दवा (इम्मयून बूस्टर) का वितरण किया गया। यह जानकारी होम्योपैथी नोडल अधिकारी डॉ. हारून रशीद ने दी।

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