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राहत शिविरों के लिए पाठक प्रभारी नियुक्त

उदयपुर, 3 अप्रेल/वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव को लेकर आयोजित होने वाले राहत शिविरों में विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए यूआईटी के विशेषाधिकारी विनय पाठक को प्रभारी नियुक्त किया है।
जिला कलक्टर श्रीमती आनन्दी ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए पाठक की सेवाएं अधिग्रहित कर उन्हें निर्देश दिए है कि वे सभी प्रभारी अधिकारियों, उपखण्ड अधिकारियों व कैम्प प्रभारियों से समन्वय स्थापित कर राहत शिविरों में समस्त व्यवस्था सुनिश्चित करें।

लॉकडाउन अवधि में पास जारी करने व
सम्पर्क पोर्टल पर शिकायतों के समाधान के लिए पाटीदार प्रभारी नियुक्त


उदयपुर, 3 अप्रेल/ वैश्विक महामारी कोरोना के कारण जारी लोकडाउन की अवधि में पास जारी करने व सम्पर्क पोर्टल पर शिकायतों के समाधान के लिए उपपंजीयक (द्वितीय) शैलेन्द्र पाटीदार को प्रभारी नियुक्त किया है।
जिला कलक्टर श्रीमती आनन्दी ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए पाटीदार की सेवाएं अधिग्रहित कर निर्देश दिए है कि वे लॉकडाउन की अवधि के दौरान नियमानुसार व समय-समय पर जारी निर्देशों के क्रम में समस्त प्रकार के पास जारी करेंगे तथा सम्पर्क पोर्टल की शिकायतों के समाधान हेतु आवश्यक कार्यवाही करेंगे।

कोरोना लॉकडाउन में जरूरतमंद गरीब परिवारों को राहत
1000 रुपयों के बाद 1500 रुपये की और मिलेगी सहायता

उदयपुर, 3 अप्रेल/जिले के प्रभारी मंत्री एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल ने राज्य सरकार द्वारा कोरोना महामारी से उत्पन्न स्थिति में जरूरतमंद गरीब परिवारों को राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत सहायता राशि उपलब्ध करवाने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
केबिनेट मंत्री मेघवाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न श्रेणियों के पात्र परिवारों को 1000 रुपये की सहायता राशि देने का निर्णय लिया गया था जिसके दिशा निर्देश श्रम एवं रोजगार विभाग के 25 मार्च के आदेश में जारी किए गए हैं। अब राज्य सरकार द्वारा विभिन्न श्रेणियों में पात्र परिवारों को 1500 रुपये की सहायता राशि और देने का निर्णय किया है जिसकी प्रक्रिया श्रम विभाग के पूर्व आदेश के अनुरूप ही रहेगी।
उन्होंने बताया कि इस प्रकार जिन 30 लाख 81 हजार 634 पात्र परिवारों को राजस्थान से राज्य स्तर से 2500 रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है। उनमें अतिरक्ति श्रेणी 1 व 2 के शेष परिवारों तथा श्रेणी तीन व चार के समस्त परिवारों को सहायता जिला स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि उनमें अधिक श्रेणी 1 पदों के शेष परिवारों तथा श्रेणी 3 व 4 के समस्त परिवारों को सहायता जिला स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। इसके तहत प्रथम किस्त 1000 रुपये की सहायता राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र जिला कलक्टर द्वारा श्रम विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा तथा द्वितीय किस्त की राशि 1500 रुपये के क्रम में उपयोगिता प्रमाण पत्र आयुक्त, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राशि 1500 रुपये प्रति परिवार की सहायता के लिए संबंधित जिलों के जिला कलक्टर द्वारा इंगित बैंक खाते में हस्तांतरित कर दी गई है। राज्य स्तर से जिन पात्र परिवार को सहायता राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई है उनकी सूची क्षेत्रवार डाउनलोड करने की प्रक्रिया के बारे में भी अवगत करा दिया गया है।
केबिनेट मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि इस प्रक्रिया में उपखंड अधिकारी, विकास अधिकारी, तहसीलदार और नगरपालिका के कार्यकारी अधिकारी अपने एसएसओ लॉगइन आईडी का उपयोग करते हुए सूची डाउनलोड करेंगे तथा यथासंभव दोहरे भुगतान को रोकते हुए पात्र परिवारों को जिला स्तर पर भुगतान किया जाना सुनिश्चित करेंगे। इस प्रक्रिया के दौरान अधिक महत्वपूर्ण जरूरतमंद व्यक्ति अथवा परिवार को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के दिशा निर्देश दिए गए हैं।

410 रुपये वाला राशन किट उपभोक्ता भण्डार से उपलब्ध होगा
चैक देकर प्राप्त कर सकते हैं राशन किट  


उदयपुर, 3 अप्रेल/जिले में लॉक डाउन की अवधि के दौरान जिला प्रशासन द्वारा दिहाड़ी मजदूर, कचरा एकत्र वाले, साईकिल रिक्शा चालक आदि जरूरतमंद परिवारों के लिए सूखे राशन वाले तैयार किए गए मुख्यमंत्री भोजन किट को ईच्छुक भामाशाह व संस्थाएं उपभोक्ता भंडार से खरीद कर जरूरतमंदों को उपलब्ध करा सकते हैं।
जिला रसद अधिकारी ज्योति ककवानी ने बताया कि मुख्यमंत्री भोजन किट खरीदने के ईच्छुक लोगों को शास्त्री सर्कल स्थित उपभोक्ता भण्डार के ऑफिस में चैक जमा करवाना होगा। भण्डार में इस कार्य के लिए ओम नागदा और संजीव शर्मा को प्रभारी नियुक्त किया गया है। इन्हें चैक के माध्यम से आवेदन करने के बाद लोग यह किट उपभोक्ता भण्डार के प्रतापनगर स्थित गोदाम से प्राप्त कर सकेंगे।  
ककवानी ने बताया कि 410 रुपये किमत के इस राशन किट में 10 किलो गेहूं का आटा, 3 किलो चने की दाल, 200 मिली खाद्य तेल तथा एक किलो नमक उपलब्ध कराया जाएगा। यह सामग्री एक परिवार के लिए 15 दिनों के लिए होगी। उन्होंने बताया कि यह किट उदयपुर सहकारी उपभोक्ता थोक भंडार लिमिटेड, उदयपुर पर उपलब्ध है।

आपातकालीन सहायता शिविर के लिए तीन निजी भवन अधिग्रहित

उदयपुर, 30 मार्च/जिला कलक्टर श्रीमती आनन्दी ने एक आदेश जारी कर आपातकालीन स्थिति में सहायता शिविर कैम्प के लिए शहर के तीन भवनों को मय समस्त संसाधनों व कार्मिकों सहित अधिग्रहित कर लिया है।
कलक्टर ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 24, 30, 31, 32, 34, 51 व 65 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उदयपुर के भीलों का बेदला स्थित पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पीटल, एयरपोर्ट रोड स्थित गीतांजलि इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल स्ट्डीज व भटेवर स्थित सर पद्मपत सिंघानिया यूनिवर्सिटी को अधिग्रहित कर लिया है।
यहां पर शरणार्थी, बेघर व प्रवासी श्रमिकों के आइसोलेशन क्यूरेनटाइन कैंप के रूप में या सहायता शिविर स्थापित कर राज्य से समय समय पर जारी एडवाइजरी के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु सहायता शिविर घोषित किया गया है।

शरणार्थी श्रमिकों को संस्थागत क्यूरेनटाईन में रखने के निर्देश
हर श्रमिक का रिकार्ड संधारण करना होगा

उदयपुर, 30 मार्च/जिला कलक्टर श्रीमती आनन्दी ने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए अपने गृह जिले या राज्य लौट रहे शरणार्थी श्रमिेकों को क्यूरेनाइन पर रखे जाने के निर्देश दिए है।
कलक्टर ने समस्त उपखण्ड अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जो भी शरणार्थी अपने गृह जिले में आ रहे है किन्तु गंतव्य तक नहीं पहुंचे है ऐसे समस्त लोगों को तत्काल प्रभाव से 14 दिन के संस्थागत क्यूरेनटाइन में रखा जाकर निर्धारित फॉर्म में सूची संकलित करें। उन्होंने क्यूरेनटाईन में रखने से पूर्व इनकी स्वास्थ जांच करवाने व केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुरूप ठहरने आदि व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी अधिकारियों को पाबंद किया है।  
कलक्टर ने बताया कि ं जिले के समस्त उपखण्ड अधिकारियों को सहायता शिविर घोषित करने के अधिकार प्रदान कर निर्देश दिये है कि वे आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत स्वयं के स्तर पर अपने क्षेत्र में संस्थागत क्यूरेनटाइन के लिए राजकीय या निजी भवनों को चिन्हित कर अधिग्रहित करे तथा सहायता शिविर घोषित करें। साथ ही प्रत्येक भवन के लिए प्रभारी अधिकारी नियुक्त कर निर्देशानुसार समस्त रिकॉर्ड संधारित करेे।  

मकान मालिक 30 अप्रेल तक का नहीं माग सकेंगे किराया
किराए के मकान में रह रहे श्रमिक, कार्मिक व विद्यार्थियों के लिए कलक्टर ने निकाले आदेश


उदयपुर, 30 मार्च/जिला कलक्टर श्रीमती आनन्दी ने जिले में किराए के मकान में रह रहे श्रमिक, कार्मिक व विद्यार्थियों से 30 अप्रेल तक किराया नहीं मांगे जाने के संबंध में आदेश जारी किया है।  
कलक्टर ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 24, 30, 31, 32, 34, 51 व 65 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश दिया है कि कोई भी मकान मालिक अपने मकान में किराए पर रहने वाले श्रमिक, कार्मिक व विद्यार्थियों से 30 अप्रेल तक उसका कोई किराया नहीं मांगेगा। यदि कोई मकान मालिक ऐसे व्यक्तियों को किराये के अभाव में मकान खाली करने के लिए बाध्य करेगा तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के सक्षम प्रावधानों के तहत दण्डनीय कार्यवाही की जाएगी।
अनुपालना के लिए कमेटी व नियंत्रण कक्ष गठित:
कलक्टर ने इस आदेश की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए त्रिसदस्यीय कमेटी एवं नियंत्रण कक्ष का गठन किया गया है। नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर 0294-2413729 है। गठित कमेटी में आरएसएमएमएल की वरिष्ठ प्रबंधक डॉ. तरू सुराणा, जिला उद्योग केन्द्र की महाप्रबंधक श्रीमती अरूणा शर्मा व संयुक्त श्रम आयुक्त पी.पी.शर्मा को इन निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए जिलेभर में नज़र रखने और इस व्यवस्था को बनाए रखने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया है।  

लॉकडाउन दौरान कोरोना पर निःशुल्क टेलीफोनिक परामर्श देंगे एक्सपर्ट डॉक्टर्स जिला प्रशासन की पहल पर प्राईवेट हॉस्पीटल के डॉक्टर्स को किया नियुक्त

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 उदयपुर, 30 मार्च/वैश्विक महामारी घोषित हो चुके कोरोना वायरस के संक्रमण से अन्य लोगों को बचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की पहल पर लॉकडाउन दौरान शहर के निजी चिकित्सालय के एक्सपर्ट डॉक्टर्स द्वारा आमजन को टेलीफोन पर कोरोना विषयक निःशुल्क परामर्श प्रदान किया जाएगा।  
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमर चौधरी ने बताया कि कोरोना पर आमजन को निःशुल्क टेलीफोनिक चिकित्सा परामर्श उपलब्ध करवाने हेतु जिला प्रशासन द्वारा निजी चिकित्सालयों एवं मेडिकल कॉलेज के साथ समन्वय कर विशेषज्ञ चिकित्सकों को नियुक्त किया गया हैं। ये विशेषज्ञ चिकित्सक प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक आमजन को कोरोना से सम्बन्धित परामर्श के लिए उपलब्ध रहंेगे। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन एवं उदयपुर शहर के गीतांजली मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पीटल, पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पीटल, जी.बी.एच. अमेरिकन हॉस्पीटल एवं पारस जे.के. हास्पीटल के सहयोग से चिकित्सकों द्वारा लॉक डाउन अवधि मे आम जनता को कोरोना से सम्बन्धित किसी भी समस्या के निराकरण के लिए सप्ताह के सातों दिन टेलीफोनिक परामर्श सेवा उपलब्ध करायी जायेगी।

इन नंबर्स पर उपलब्ध होगी सुविधा:
 
चौधरी ने बताया कि इसके तहत पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पीटल के दूरभाष नंबर 0294-3920000 के साथ इसके चिकित्सक डॉ. पी.सी.जैन (9829055303), डॉ. एस. के. वर्मा (9414168910), डॉ. सुनील कुमार(7597930159), डॉ. रवि भाटिया (9928056404),डॉ. एस. एल. सोलंकी(7976756068), पारस जे.के.हास्पीटल के दूरभाष नंबर 0294-6669999, इसके चिकित्सक डॉ. संदीप भटनागर (9414167693), डॉ. नितिन कौशिक (9895966556), डॉ. चेतन गोयल (7042968510),डॉ. सी. पी. पुरोहित (9587509850),डॉ. मनोज अग्रवाल (9460697972), जी.बी.एच. अमेरिकन हॉस्पीटल के दूरभाष नंबर 0294-3056000 व 0294-3060600, गीतांजली मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पीटल के दूरभाष नंबर 0294-2500044 तथा इसके चिकित्सक रवि-सोम-मंगल को डॉ. गौरव छाबड़ा (9001782375), बुध-गुरु को डॉ. ऋषि कुमार शर्मा (8769143269) तथा शुक्र-शनि को डॉ. अतुल लुहाडि़या (9982260458) कोरोना विषय पर निःशुल्क परामर्श प्रदान करेंगे।

अन्य बीमारियों पर भी चिकित्सक देंगे परामर्श:  

चौधरी ने बताया कि कोरोना के साथ ही आमजन की विभिन्न अन्य बीमारियों पर भी निजी चिकित्सालयों के एक्सपर्ट डॉक्टर्स की निःशुल्क परामर्श सेवाएं प्रदान करने के लिए सहमति प्राप्त की गई है और वे संलग्न सूची अनुसार लोगों को निःशुल्क परामर्श प्रदान करेंगे। चौधरी ने आमजन से अपील की है कि वे इन चिकित्सकों से निर्धारित समयावधि में संपर्क करें व स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों पर निःशुल्क परामर्श प्राप्त करें।

(कृपया संलग्न दोनों सूचियों को जनहित में प्रकाशित करने का कष्ट करें)

कोरोना रोकथाम के लिए निजी अस्पतालों को चलाना होगा अभियान

उदयपुर, 20 मार्च/राज्य सरकार के निर्देशानुसार कोरोना वायरस के संक्रमण से जिलेवासियों को बचाव के उद्देश्य से अब निजी अस्पतालों को भी संक्रमण रोकने के साथ जनजाग्रति के लिए अभियान चलाना होगा।
जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी ने बताया कि कोरोना वायरस की रोकथाम के संबंध में माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर की डी.बी. सिविल याचिका संख्या 3829/2020 में दिये गये आदेश की पालना में जिले के समस्त निजी अस्पतालों को आदेशित किया गया है कि वे उनके पास उपलब्ध संसाधनों का पूर्ण उपयोग करते हुए संक्रमण की रोकथाम के साथ-साथ संक्रमण के विरूद्व जन जागृति का अभियान भी चलायेंगे। यह भी कहा गया है कि निजी अस्पताल इसके साथ-साथ केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा कोरोना वायरस की रोकथाम के संबंध में समय-समय पर जारी की गई एडवाईजरी की भी पालना सुनिश्चित करेंगे।
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11 देशांे के यात्रियों की क्यूरेंटाईन अनिवार्य
कलक्टर ने विभाग को व्यवस्थाओं के दिए निर्देश

उदयपुर, 20 मार्च/कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव की दृष्टि से जिले में आने वाले 11 देशों के यात्रियों की अनिवार्य क्यूरेंटाईन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।  
जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा जारी ट्रेवल एडवाईजरी की निरन्तरता में चीन, साउथ कोरिया, ईरान, फ्रांस, जर्मनी, इटली एवं स्पेन के साथ-साथ यू.ए.ई ,ओमान, कतर व कुवैत से आने वाले अथवा इन देशों से गुजरने वाले समस्त यात्रियों को अनिवार्य रूप से 14 दिवस के लिए क्यूरेंटाईन किया जाना आवश्यक है। इस संबंधमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया है कि वे सभी यात्री जो केटेगरी ए के है अर्थात् जिनमें कोरोना रोग के संभावित लक्षण है, उन्हें चिकित्सालय के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती रखते हुए आवश्यक उपचार, जांच व अन्य गतिविधियां करावें। वे सभी यात्री जो केटेगरी बी अथवा सी के है, उन्हें चिन्हित किये गये क्यूरेंटाईन केन्द्रों पर ले जाकर मेडिकल टीम द्वारा परीक्षण उपरान्त केटेगरी अनुसार चिन्हित किया जावें तथा जो केटेगरी बी के है, उन्हें क्यूरेंटाईन सेंटर में ही 14 दिन तक अनिवार्य रूप से रखा जावें तथा जो केटेगरी सी के है उन्हें अनिवार्य रूप से 14 दिन तक होम आईसोलेशन किया जाना सुनिश्चित करें।
कलक्टर ने कहा है कि जिन यात्रियों को होम आईसोलेशन के लिए घर भेजा जा रहा है उनका समस्त सम्पर्क विवरण आईडीएसपी अनुभाग को आवश्यक रूप से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें जिससे अगले 14 दिन तक उन्हें चिकित्सकीय दल की निगरानी में रखा जा सकें।

मेरिज गार्डन, वाटिका में नई बुकिंग नहीं करने के निर्देश

उदयपुर, 20 मार्च/जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी ने शहर में लागू धारा 144 के प्रावधानों की अनुपालना और कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव की दृष्टि से नगरनिगम के आयुक्त और नगर विकास प्रन्यास के सचिव को निर्देशित किया है कि आगामी दिनों में मैरिज गार्डन/वाटिका आदि में आगामी दिनों में आयोजित होने वाली नई बुकिंग ना की जावें।

कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए बनेगी निर्देशिका

उदयपुर, 20 मार्च/कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के संबंध में जारी एडवाइजरी एवं परिपत्र के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशिका तैयार करने के निर्देश दिए हैं।  
जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी ने इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को कहा है कि जिले में अलग-अलग सार्वजनिक स्थलों पर प्रबन्धकों को क्या-क्या सावधानियां रखनी है, इस संबंध में विस्तृत गाईडलाईन देते हुए एक निर्देशिका तैयार करें तथा इसे नगर विकास प्रन्यास एवं नगर निगम विभाग, उदयपुर को उपलब्ध करावें।

सार्वजनिक यात्री वाहनों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश

उदयपुर, 20 मार्च/राज्य सरकार द्वारा कोरोना (कोविड-19) को महामारी घोषित करने एवं कोरोना संक्रमण की रोकथाम ही इस बीमारी से बचाव का सर्वोत्तम उपाय होने से परिवहन विभाग ने समस्त प्रकार के सार्वजनिक यात्री वाहनों यथा- बस, मिनी बस, टेम्पो, ऑटो रिक्शा, टेक्सी एवं मैक्सी केब आदि के लिए जारी स्टेज कैरिज एवं कॉन्ट्रेक्ट कैरिज के अनुज्ञापत्रों में यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए जनहित में पूर्व निर्धारित शर्तों में और शर्तें लगाई गई है।
प्रादेशिक परिवहन अधिकारी प्रकाश सिंह राठौड़ ने बताया कि स्टेज कैरिज एवं कॉन्ट्रेक्ट कैरिज के अनुज्ञापत्रों से कवर्ड उक्त समस्त प्रकार के यात्री वाहनों में वाहन स्वामी, चालक, सहचालक, परिचालक को यात्रियों की सुरक्षा के लिए सैनेटाईज़र उपलब्ध कराने होंगे। साथ ही इन वाहनों में यात्रा करने वाले समस्त यात्रियों के पूरे नाम, पते, मोबाईल नं., उसका आगमन एवं गंतव्य स्थल का ब्यौरा रखना होगा।
उन्होंने कहा कि इस जानलेवा बीमारी की रोकथाम के लिए वाहन चालकों को इन वाहनों को अंदर एवं बाहर से प्रतिदिन कम से कम दो-तीन बार हाईपो क्लोराईड से सेनेटाइज़्ड करना अनिवार्य होगा और यह भी सुनिश्चित करना होगा कि इन यात्री वाहनों में बैठक क्षमता से अधिक एक भी यात्री यात्रा नहीं करें।
राठौड़ ने बताया कि उदयपुर, राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा एवं कर संग्रह केन्द्र, रतनपुर के जिला परिवहन अधिकारियों एवं विभागीय उड़नदस्तों में तैनात परिवहन निरीक्षकों/उप निरीक्षकों को पाबंद किया गया है कि वे चैकिंग कार्यवाही के दौरान वाहनों में इन यात्री सुरक्षा शर्तों की अनुपालना सुनिश्चित करें। उन्होंने वाहन स्वामियों से आग्रह किया कि वाहनों के संचालन के समय उक्त शर्तों का जनहित में अनिवार्य रूप से पालन करें अन्यथा संबंधित के विरूद्ध मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के प्रावधान अनुसार कठोर कार्यवाही के साथ ही दण्ड प्रक्रिया संहिता के तहत भी कार्यवाही की जायेगी।

राज्य बीमा योजना की प्रीमियम दर 1 अप्रेल 2020 से पुनरीक्षण
विभाग के सभी कार्यालयों को दिशा-निर्देश जारी

उदयपुर, 20 मार्च/संयुक्त शासन सचिव वित्त (बीमा) विभाग द्वारा जारी आदेश द्वारा राजस्थान सरकारी कर्मचारी बीमा नियम 1998 के नियम।।(।)(प) में संशोधन करते हुए राज्य बीमा योजना की प्रीमियम दर 1 अप्रेल 2020 से पुनरीक्षण की गई है।
राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के वरिष्ठ अतिरिक्त निदेशक (बीमा) ने इस संबंध में विभाग के जिला कार्यालयों को नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए है। इसके तहत जिन कर्मचारियों की मार्च देय अप्रैल 2020 के वेतन से कटौती सामान्य प्रीमियम दर पर स्लेब अनुसार की जाती है उन्हें अधिक घोषणा पत्र पूर्ति करने की आवश्यकता नहीं है। जो बीमेदार एक स्टेज या दो स्टेज अधिक बीमा प्रीमियम कटौती करवाना चाहते हैं उन्हें अधिक घोषणापत्र अपनी स्वयं की एसएसओ आईडी से ऑनलाइन सबमिट करना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि घोषणा पत्र प्रथम/अधिक की पूर्ति करते समय कर्मचारी द्वारा संक्रमित रोग कैंसर, अस्थमा, मधुमेह, एड्स से ग्रसित है या नहीं स्पष्ट अंकन किया जाना अति आवश्यक है। साथ ही अधिक/प्रथम जोखिम 56 वर्ष की आयु तक नियमानुसार वहन की जाए इससे अधिक आयु होने पर नियमानुसार जोखिम वहन नहीं किया जा सकता है।
जिन कार्मिकों द्वारा पूर्व में मार्च 2020 से प्रथम/अधिक घोषणा पत्र पुरानी दर से ऑनलाइन कर सबमिट कर दिया है उसे डीडीओ द्वारा रिजेक्ट करवाए जाए तथा अगर उसे डीडीओ द्वारा फॉरवर्ड कर दिया है तो उसे इस विभाग से संबंधित जिला कार्यालय द्वारा किया जाएगा। तत्पश्चात संबंधित कार्मिक द्वारा पुनः अपनी एसएसओ आईडी से मार्च 2020 से प्रथम/अधिक घोषणा पत्र नई दर से संबमिट किया जाएग।

कोरोना को मात देगा उदयपुर
लॉकडाउन दौरान प्रशासन करेगा जरूरतमंदों को अन्नपूर्णा किट का वितरण
उदयपुरवासियों से सहयोग का किया आह्वान

उदयपुर, 23 मार्च/उदयपुर जिले में लॉक डाउन की अवधि के दौरान जिला प्रशासन द्वारा दिहाड़ी मजदूर, कचरा एकत्र वाले, साईकिल रिक्शा चालक आदि जरूरतमंद परिवारों के लिए अन्नपूर्णा किट का वितरण किया जा रहा है, इसमें एक परिवार के लिए 15 दिन की आवश्यक खाद्य सामग्री होगी और प्रति किट की राशि 410 रुपये है।
जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी ने उदयपुरवासियों से इस पुनीत कार्य में आगे आने व इस किट के वितरण के लिए आवश्यक सहयोग राशि जुटाने में प्रशासन की मदद करने का आह्वान किया है। इस कार्य में सहयोग के लिए जिला रसद अधिकारी ज्योति ककवानी (8233688597) व एसीपी शीतल अग्रवाल (9414233217) से सम्पर्क किया जा सकता है।
इस खाते में जमा करा सकेंगे सहायता राशि
आपदा की इस स्थिति में सहयोग के लिए इच्छुक भामाशाह या दानदाता उदयपुर सहकारी उपभोक्ता थोक भंडार लिमिटेड, उदयपुर के बैंक खाते में सहायता राशि जमा करा सकते है। इसकी खाता संख्या 35017403130002545 है व शाखा शास्त्री सर्कल है। इसका आईएसएससी कोड आरएससीबी 0035017 है। वहीं चैक प्रदान करने के ईच्छुक लोग ‘उदयपुर सहकारी उपभोक्ता थोक भंडार लिमिटेड, उदयपुर’ के नाम से चैक जारी कर उपलब्ध करा सकते हैं।
यह सामग्री है अन्नपूर्णा किट में:
जिला रसद अधिकारी ज्योति ककवानी ने बताया कि 410 रुपये किमत के अन्नपूर्णा किट में 10 किलो गेहूं का आटा, 3 किलो चने की दाल, 200 मिली खाद्य तेल तथा एक किलो नमक उपलब्ध कराया जाएगा। यह सामग्री एक परिवार के लिए 15 दिनों के लिए होगी।
जरूरतमंदों की जानकारी इन नंबर पर उपलब्ध कराएं
कलक्टर ने आमजन से आह्वान किया है कि यदि आपके पड़ोस में ऐसा परिवार रहा है जो दिहाड़ी मजदूर, कचरा एकत्र करने वाले, साईकिल रिक्शा चालक आदि है व जिनको अन्नपूर्णा किट की जरूरत है। ऐसे व्यक्तियों की सूचना कन्ट्रोल रूम के सम्पर्क सूत्र 0294-2414620 व 0294-2412049 पर उपलब्ध कराई जा सकती है। इससे संबंधित सूचना संदर्भित व्यक्ति भावेश जोशी के मोबाइल नंबर 7891939787, कौशल वैरागी को 9887714888 व जिला रसद अधिकारी ज्योति ककवानी को 8233688597 पर भी उपलब्ध कराई जा सकती है।
प्रशासन की पहल पर आगे आए भामाशाह
जिला प्रशासन द्वारा कोरोना महामारी को देखते हुए लॉक डाउन दौरान जरूरतमंद परिवारों के लिए 15 दिन की खाद्य सामग्रीयुक्त अन्नपूर्णा किट के वितरण के लिए किए गए आह्वान पर 11 हजार रूपये का पहला चैक भूपालपुरा निवासी अरूण मुर्डिया द्वारा उपलब्ध कराया गया है। इसी प्रकार यज्ञ अग्रवाल कंस्ट्रक्शन के मनीष अग्रवाल द्वारा 11 हजार रुपये का चैक तथा ओमप्रकाश अग्रवाल द्वारा 5100 रुपये तथा श्रीमती प्रिया गोयल, दैनिक नवज्योति द्वारा 5000 रुपये उदयपुर सहकारी उपभोक्ता भंडार के बैंक खाते में जमा कराए गए हैं।

विविध व्यवस्थाओं के लिए एडीएम नोडल अधिकारी नियुक्त

उदयपुर, 23 मार्च/जिला कलक्टर के आदेशानुसार जिले में लॉकडाउन की स्थिति में सभी व्यवस्थाओं के समन्वय सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ओ.पी.बुनकर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार समस्त उपखण्ड अधिकारी संबंधित उपखण्ड क्षेत्र, सभी विकास अधिकारी संबंधित पंचायत समिति तथा सभी तहसीलदार संबंधित तहसील के लिए नोडल अधिकारी होंगे। साथ ही उपखण्ड अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए नोडल अधिकारी अपने स्तर से नियुक्त करें।

लॉक डाउन अवधि में बैंकों में होंगे सिर्फ अति आवश्यक कार्य

उदयपुर, 23 मार्च/लॉक डाउन की अवधि में बैंकों में सिर्फ अति आवश्यक कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला कलक्टर श्रीमती आनन्दी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा घोषित लॉक डाउन की अवधि में बैंक खुले रहेंगे लेकिन बैंकों में गैर जरूरी कार्य यथा पास बुक प्रिन्टिंग इत्यादि कार्य नहीं होंगे, सिर्फ अतिआवश्यक कार्य ही होंगे। आमजन यदि अति आवश्यक हो तो ही बैंक जाना सुनिश्चित करे।
गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन व संयुक्त राष्ट्र द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण को वैश्विक महामारी घोषित करने के पश्चात राज्य सरकार के आदेशानुसार 31 मार्च तक लॉक डाउन घोषित किया है।

वाहन पास व स्वीकृति जारी करने के लिए अधिकारी अधिकृत

उदयपुर, 23 मार्च/जिले में लॉक डाउन की अवधि में जरूरी सेवाओं के बनाए रखने के लिए वाहनों के पास व अतिआवश्यक अन्य स्वीकृतियां जारी करने के लिए अधिकारी अधिकृत किए गए हैं।
जिला कलक्टर श्रीमती आनन्दी के आदेशानुसार उदयपुर शहर के लिए अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (शहर) व उपखण्ड क्षेत्रों के लिए संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट को अधिकृत किया गया है।

लॉकडाउन की अवधि में प्रभावी राशन वितरण व्यवस्था के निर्देश जारी
शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में संयुक्त टीम का गठन
जरूरतमंद तक तत्काल खाद्य सामम्री पहुंचाने के निर्देश

उदयपुर, 23 मार्च/विश्व स्वास्थ्य संगठन तथा संयुक्त राष्ट्र द्वारा (कोरोना वायरस) संक्रमण को वैश्विक महामारी घोषित करने पर राज्य सरकार की ओर से 31 मार्च तक लॉकडाउन घोषित किया गया है।
इस अवधि में आमजन के खाद्य सुरक्षा हेतुं आमजन को खाद्य सामग्री की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की करने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रदŸा निर्देशों की पालना में जिला कलक्टर एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती आनन्दी ने एक आदेश जारी आवश्यक निर्देश दिए है।
शहरी क्षेत्र के लिए संयुक्त टीम का गठन
आदेशानुसार उदयपुर शहरी क्षेत्र के प्रत्येक भाग संख्या (विधानसभा) हेतु बूथ लेवल आफिसर, बीट कॉस्टेबल एवं नगरपालिका/नगर निगम के कार्मिक की एक संयुक्त टीम बनायी गई है। इसके नामजद आदेश उदयपुर शहर हेतु अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) एवं शेष नगरपालिकाओं हेतु संबंधित उपखण्ड अधिकारी द्वारा जारी किये जायेंगे। इन दलों की निगरानी एवं पर्यवेक्षण हेतु अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर), आयुक्त, नगर निगम, उपखण्ड अधिकारी गिर्वा एवं प्रवर्तन अधिकारी (रसद) का संयुक्त दल उदयपुर शहर हेतु बनाया गया है। शेष नगरपालिका क्षेत्रों के लिए संबंधित उपखण्ड अधिकारी, अधिषाशी अधिकारी, नगरपालिका, तहसीलदार एवं प्रवर्तन निरीक्षक (रसद) का संयुक्त दल गठित किया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए संयुक्त दल का गठन
ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत स्तर पर इस व्यवस्था हेतु पंचायत प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में पटवारी, ग्रामसेवक, आशा, अंागनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वच्छकर्मी एवं बीट कॉंस्टेबल का संयुक्त दल गठित किया गया है। इसके नामजद आदेश उपखण्ड अधिकारी अपने स्तर पर जारी करेंगे। इनसे संयुक्त रूप से अथवा पृथक-पृथक जैसे भी सूचना प्राप्त हो, उस पर कार्यवाही की जानी है। इस दल की निगरानी एवं पर्यवेक्षण हेतु ग्रामीण क्षेत्र के लिए उपखण्ड स्तर पर उपखण्ड अधिकारी, विकास अधिकारी, तहसीलदार, प्रवर्तन निरीक्षक (रसद) का संयुक्त दल गठित किया जाता है।
जरूरतमंद को तत्काल खाद्य सामग्री देने के निर्देश:
कलक्टर ने बताया है कि इन दलों की प्राथमिक जिम्मेदारी यह रहेगी कि उनके क्षेत्र में किसी भी जरूरतमन्द व्यक्ति को खाद्य पदार्थ के अभाव में जीवन निवर्हन की परेशानी नहीं हो। इसके लिए सभी उपखण्ड स्तरीय समितियों को राशन के पैकेट उपलब्ध कराये जायेंगे। जिसको वो पंचायतों के दलों के पास स्टॉक में रखवायेंगे। इसके लिये समस्त दल अपने क्षेत्र में निरन्तर निगरानी रखेंगे एवं किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति की जानकारी प्राप्त या चिन्हीकरण होते ही उसको तत्काल खाद्य सामग्री उपलब्ध करवायी जाएगी। चिन्हीकरण होने पर एक रजिस्टर का भी संधारण किया जावेगा। जिसमें उन व्यक्तियों का नाम एवं विवरण दर्ज किया जावेगा। इसके लिए ज्यादा कागजी कार्यवाही की अपेक्षा राहत पॅंहुचानें की प्राथमिकता रहेगी।
आपातकाल में मीड डे मील में रखे स्टॉक का होगा उपयोग
कलक्टर ने बताया कि प्रत्येक स्कूल के मीड डे मील में रखे स्टॉक का भी उपयोग आपातकाल स्थिति में करने हेतु ग्राम पंचायत स्तरीय या बूथ स्तरीय एवं उपखण्उ स्तरीय समिति को अधिकृत किया जाता है।
0-6 वर्ष के बच्चों को टेक-होम, पोषाहार घर तक पहुंचान होगा
कलक्टर ने बताया कि प्रत्येक ऑंगनवाडी कार्यकर्ता 0-6 वर्ष के बच्चों को टेक-होम, पौषाहार उनके घर पर ही पॅंहुचाना सुनिश्चित करेगी।
राशन डीलर्स के लिए निर्देश
कलक्टर ने बताया कि प्रत्येक राशन डीलर एक अलग स्टॉक रजिस्टर दान-दाताओं से प्राप्त सहयोग हेतु संधारित करेंगें तथा स्थानीय लोगों से दान प्राप्त कर इसमें इन्द्राज करेंगें तथा जरूरतमंदों को ग्राम/ग्राम पंचायत स्तरीय समिति के निर्देशानुसार तत्काल उपलब्ध करवायेंगे। राशन डीलर के पास उपलब्ध रिजर्व स्टॉक भी इस हेतु उपयोग किया जा सकता है।
बनेगा नियंत्रण कक्ष
प्रत्येक उपखण्ड अधिकारी इस हेतु एक नियंत्रण कक्ष की स्थापना करेंगें। यदि पूर्व में कार्यरत नियंत्रण कक्ष का उपयोग किया जाता है तो रसद व्यवस्था हेतु पृथक से कार्मिक लगायेंगें जो अलग रजिस्टर भी संधारित करेंगें। जिला स्तर पर कन्ट्रोल रूम में ऐसी ही व्यवस्था की जावेगी। इस हेतु जिला रसद अधिकारी पृथक से कार्मिक लगायेंगें।
जनप्रतिनिधियों को ले सहयोग
कलक्टर ने कहा है कि प्रत्येक उपखण्ड अधिकारी अपने क्षेत्र के विधायक, विधायक अभ्यर्थी, पूर्व प्रधान, पूर्व पंचायत समिति एवं जिला परिषद सदस्यों, नगर पालिका अध्यक्षों, वार्ड पार्षदों सहित समस्त जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लेंगे तथा इस हेतु समय-समय पर उसके साथ बैठक करेंगे तथा उनके सम्पर्क में रहेंगे। बैठक में एक मीटर की दूरी पर बैठक व्यवस्था के साथ ही चिकित्सा विभाग के दिशा निर्देशों का ध्यान रखा जाए।
जिला स्तर पर जिला रसद अधिकारी समग्र रसद व्यवस्था के प्रभारी एवं समन्वय अधिकारी रहेंगें। खाद्य सामग्री वितरण व्यवस्था को प्रभावी बनाने हेेतु कोई अन्य आदेश निकालना होगा तो अपने स्तर से जारी कर सकेंगे। राज्य सरकार की मंशा अनुसार यह सुनिश्चित हो कि इस विकट महामारी के समय में एक भी व्यक्ति को आर्थिक अभाव के कारण खाद्य सामग्री की उपलब्धता की कमी नहीं आयें।

एनएफएसए के लाभार्थियों को दो माह का गेहूं निःशुल्क वितरण किया जायेगा

जयपुर, 23 मार्च। प्रदेश में कोविड-19 वायरस से उत्पन्न विकट परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने सोमवार को आदेश जारी कर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थी परिवारों को दो माह अप्रेल एवं मई का निःशुल्क गेहूं वितरण किया जायेगा।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री रमेश चन्द मीना ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थी परिवार जिनको एक रुपये एवं दो रुपये प्रति किलो गेहूं मिलता है, उन्हें अप्रेल एवं मई माह का गेहूं निःशुल्क प्रदान किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस पर होने वाला व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा।

श्रमिकों को रोजगार से विमुक्त न करें, न ही वेतन काटे

उदयपुर, 23 मार्च/संभागीय संयुक्त श्रम आयुक्त पी.पी.शर्मा ने दिशा-निर्देश जारी किए है कि लॉकडाउन के दौरान कोई भी नियोक्ता या नियोजक किसी भी श्रमिक को रोजगार से विमुक्त न करें और न ही उनके पारिश्रमिक या वेतन में कोई कटौती करें। साथ ही उनके वेतन में कोई भी कमी न हो, यह भी सुनिश्चित करें।

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